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बुलंदशहर की सियासत में गहरी हैं परिवारवाद की जड़ें
अमर उजाला ब्यूरो, बुलंदशहर
Updated Mon, 28 Mar 2016 11:21 PM IST
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राजनीति
- फोटो : अमर उजाला
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परिवारवाद की बेल सिर्फ सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव के खानदान में ही नहीं है, बल्कि वेस्ट यूपी खासकर मेरठ और सहारनपुर मंडल में काफी लंबी और जटिल हैं। अक्सर प्रधानमंत्री कांग्रेस को एक परिवार की पार्टी बोलते हैं, लेकिन उनकी भाजपा भी यहां इससे अछूती नहीं है।
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यहीं हाल बसपा, सपा, रालोद सरीखे राजनीतिक दलों का भी है। ऐसे में राजनीतिक दलों में खुद के बल पर आगे बढ़ने वालों के रास्ते में रिश्ते और अपने रोड़ा बन जाते हैं। कांग्रेस के बाबू बनारसी दास सूबे के मुख्यमंत्री रहे। उनके एक बेटे अखिलाश दास बसपा के सासंद रहे। दूसरे बेटे हरेंद्र अग्रवाल कांग्रेस के एमएलसी रहे।
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मुमताज मोहम्मद खां तीन बार विधायक रहे। उनके बेटे इम्तियाज खां भी विधायक रहे और अब पोते दिलनवाज खां स्याना से कांग्रेस से विधायक हैं। चौधरी हरि सिंह विधायक, सासंद, मंत्री सभी रहे उनके बेटे हर्षवर्धन ने मंत्री का दर्जा हासिल किया। बालेश्वर सिंह कांग्रेस की सक्रिय राजनीति में रहे, लेकिन उनके बेटे देवेंद्र पाल सिंह बीजेपी से विधायक बने।
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भाई यशपाल सिंह भी एमएलसी रहे। जिले के धर्म सिंह विधानसभा अध्यक्ष रहे। उनके बेटे राजकुमार ने विधानसभा का चुनाव लड़ा। हितेश कुमारी मंत्री रही तो बेटे राजीव सपा में सक्रिय हैं। जनता दल के नेत्रपाल सिंह विधायक रहे। उनके बेटे एमएलए का चुनाव लड़े।
सपा के श्रीभगवान शर्मा उर्फ गुड्डू पंडित और भाई मुकेश शर्मा दोनों मौजूदा विधायक हैं। सपा नेता ठाकुर सुनील सिंह तीन बार विधायक एक बार एमएलसी का चुनाव लड़ चुके। उनके भाई धीरेंद्र सिंह कांग्रेस से विधायक के लिए किस्मत आजमा चुके।
बसपा के धर्मवीर अशोक मंत्री रहे, एमएलसी है। बेटा एससी एसटी आयोग का सदस्य रह चुका है। भाजपा के बाबू कल्याण सिंह मुख्यमंत्री रहे है। उनके बेटे राजवीर सिंह राजू और पुत्रवधु विधायक रहे। राजू अब ससंद हैं। उनका पौत्र संजू अब विधायक का चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं।
विमला सोलंकी भाजपा की सिकंदराबाद से विधायक हैं। उनके पति देवेंद्र सोलंकी भाजपा की सक्रिय राजनीति में हैं। संघप्रिय गौतम केंद्र में मंत्री रहे। भतीजा मुंशीराम गौतम विधायक रह चुके। भाजपा के डाक्टर छत्रपाल सिंह केंद्र में मंत्री रहे।
उनके बेटे हेमंत भाजपा से स्याना से टिकट मांग रहे हैं। राम सिंह विधायक रह चुके हैं। उनके बेटे रविंद्र डेनी भाजपा के ओहदेदार रहे। बाबू हिम्मत सिंंह विधायक रहे, उनके बेटे राजवीर सिंह संगठन में सक्रिय है।