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महिला को तेजाब पिलाकर मारने वाले पति और देवर को कारावास
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महिला को तेजाब पिलाकर मारने वाले पति और देवर को कारावास
बुलंदशहर। करीब चार साल पहले दहेज के लालच में अपनी पत्नी को जबरन तेजाब पिलाकर मारने वाले आरोपी पति और देवर को न्यायाधीश ने दोषी करार दे दिया है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश त्वरित न्यायालय तृतीय अशोक कुमार दुबे के न्यायालय ने न्यायालय ने दोनों को दस-दस वर्ष के कारावास समेत दस-दस हजार रुपये का अर्थदंड सुनाया है। इस दौरान न्यायाधीश ने इस कृत्य को गंभीर अपराध बताया।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी मनुराज बहादुर सिंह ने बताया कि वादिया रूबाला पुत्री मौसिम निवासी गांव किरयावली ने 23 जूून 2016 को खुर्जा देहात थाने में तहरीर दी थी। जिसमें उसने बताया था कि उसका निकाह वर्ष 2013 में खुर्जा देहात के गांव भटौला निवासी आरोपी युवक आस मोहम्मद के साथ हुआ था। निकाह में परिजनों ने हैसियत से अधिक दान दहेज भी दिया था। मगर आरोपी ससुराल वाले उससे संतुष्ट नहीं थे। वह दहेज में कार और पांच बीघा जमीन की मांग कर रहे थे। मांग पूरी न होने पर उसका उत्पीड़न किया जा रहा था।
आरोप है कि 21 अप्रैल 2016 में रूबाला को उसके पति आस मोहम्मद और देवर अफसर ने जबरन तेजाब पिला दिया था। जिसके बाद धीरे-धीरे उसकी हालत बिगड़ने लगी। बाद में उसे मेरठ मेडिकल में भर्ती कराया गया, जहां करीब पांच माह के उपचार के दौरान उसकी 17 सितंबर 2016 को मृत्यु हो गई थी। न्यायालय ने मामले में दोनों पक्षों के गवाहों के बयानों और साक्ष्यों का अवलोकन कर दोनों आरोपियों को दोषी करार दिया। साथ ही उन्हें 10-10 वर्ष कारावास व 10-10 हजार रुपये अर्थदंड सुनाया गया है।
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न्यायालय ने माना गंभीर अपराध
न्यायाधीश अशोक कुमार दुबे ने सजा सुनाए जाने से पूर्व निष्कर्ष में उल्लेखित किया कि पति आस मोहम्मद के द्वारा अपनी पत्नी रूबाला को जानबूझकर तड़प-तड़प कर मारने की नीयत से तेजाब पिलाया गया। मृतका के पेट व पाचन संबंधी आंतिक अंगों के जलने, अपकारी स्थिति में धीरे-धीरे पहुंचने के बाद उसकी खाने-पीने की क्षमता ही समाप्त हो गई और वह तड़प तड़प कर मर गई। आरोपियों के द्वारा किया गया यह कृत्य गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।
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बुलंदशहर। करीब चार साल पहले दहेज के लालच में अपनी पत्नी को जबरन तेजाब पिलाकर मारने वाले आरोपी पति और देवर को न्यायाधीश ने दोषी करार दे दिया है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश त्वरित न्यायालय तृतीय अशोक कुमार दुबे के न्यायालय ने न्यायालय ने दोनों को दस-दस वर्ष के कारावास समेत दस-दस हजार रुपये का अर्थदंड सुनाया है। इस दौरान न्यायाधीश ने इस कृत्य को गंभीर अपराध बताया।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी मनुराज बहादुर सिंह ने बताया कि वादिया रूबाला पुत्री मौसिम निवासी गांव किरयावली ने 23 जूून 2016 को खुर्जा देहात थाने में तहरीर दी थी। जिसमें उसने बताया था कि उसका निकाह वर्ष 2013 में खुर्जा देहात के गांव भटौला निवासी आरोपी युवक आस मोहम्मद के साथ हुआ था। निकाह में परिजनों ने हैसियत से अधिक दान दहेज भी दिया था। मगर आरोपी ससुराल वाले उससे संतुष्ट नहीं थे। वह दहेज में कार और पांच बीघा जमीन की मांग कर रहे थे। मांग पूरी न होने पर उसका उत्पीड़न किया जा रहा था।
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आरोप है कि 21 अप्रैल 2016 में रूबाला को उसके पति आस मोहम्मद और देवर अफसर ने जबरन तेजाब पिला दिया था। जिसके बाद धीरे-धीरे उसकी हालत बिगड़ने लगी। बाद में उसे मेरठ मेडिकल में भर्ती कराया गया, जहां करीब पांच माह के उपचार के दौरान उसकी 17 सितंबर 2016 को मृत्यु हो गई थी। न्यायालय ने मामले में दोनों पक्षों के गवाहों के बयानों और साक्ष्यों का अवलोकन कर दोनों आरोपियों को दोषी करार दिया। साथ ही उन्हें 10-10 वर्ष कारावास व 10-10 हजार रुपये अर्थदंड सुनाया गया है।
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न्यायालय ने माना गंभीर अपराध
न्यायाधीश अशोक कुमार दुबे ने सजा सुनाए जाने से पूर्व निष्कर्ष में उल्लेखित किया कि पति आस मोहम्मद के द्वारा अपनी पत्नी रूबाला को जानबूझकर तड़प-तड़प कर मारने की नीयत से तेजाब पिलाया गया। मृतका के पेट व पाचन संबंधी आंतिक अंगों के जलने, अपकारी स्थिति में धीरे-धीरे पहुंचने के बाद उसकी खाने-पीने की क्षमता ही समाप्त हो गई और वह तड़प तड़प कर मर गई। आरोपियों के द्वारा किया गया यह कृत्य गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।