फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bulandshahar News ›   Doctor on strike, patient upset

डॉक्टर हड़ताल पर, मरीज परेशान

Sat, 25 Mar 2017 11:34 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बुलंदशहर
ब्यूरो/अमर उजाला, बुलंदशहर Updated Sat, 25 Mar 2017 11:34 PM IST
विज्ञापन
Doctor on strike, patient upset
बुखार से पीड़ित बच्चे को अस्पताल ले जाते परिजन। - फोटो : अमर उजाला

महिला की मौत के बाद चिकित्सक के साथ मारपीट और चिकित्सक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए आईएमए चिकित्सक हड़ताल पर चले गए हैं। आईएमए ने चिकित्सक के साथ अभद्रता पर आक्रोश जताते हुए आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। कार्रवाई नहीं होने तक  हड़ताल जारी रखने की भी बात कही गई है।

विज्ञापन


बृहस्पतिवार को एक महिला की मौत के बाद हैरीटेज अस्पताल के चिकित्सक और आईएमए के सचिव डॉ. संजीव यादव के साथ परिजनों ने मारपीट की थी। इसके बाद परिजनों की तहरीर पर डॉक्टर के खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज की गई थी। मारपीट की घटना और एफआईआर के बाद डॉक्टरों में आक्रोश पनप गया।
विज्ञापन


आईएमए ने अनिश्चितकालीन हड़ताल का एलान कर दिया है। शनिवार को एक होटल में आयोजित बैठक में डॉ. एसएम अग्रवाल ने कहा कि डॉक्टर के खिलाफ मारपीट और एफआईआर दर्ज करना दुर्भाग्यपूर्ण है।
विज्ञापन
विज्ञापन


मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट की धारा तीन के तहत चिकित्सक से अभद्रता और मारपीट गैरजमानती अपराध है। डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि  आरोपियों पर कार्रवाई नहीं होने तक हड़ताल जारी रहेगी। दूसरी ओर आईएमए के चिकित्सकों को सरकारी चिकित्सक और शिक्षकों का समर्थन मिला है।

आरोपियों पर कार्रवाई नहीं होने तक सरकारी चिकित्सक काली पट्टी बांधकर कार्य करेंगे।  विरोध करने वालों में डॉ. शील परिहार, डॉ. प्रदीप मलिक, डॉ. वीएस यादव, डॉ. आकाश जैन, डॉ. राकेश मित्तल, डॉ. राजीव मित्तल, डॉ. डीके शर्मा, डॉ. गिरीश शर्मा, डॉ. राजीव अग्रवाल, डॉ. बीपीएस तेवतिया, डॉ. अमित अग्रवाल, डॉ. संजीव अग्रवाल, डॉ. जेसी मुद्गल रहे।

बुखार से मासूम की मौत
झाझर निवासी पुष्पेंद्र की छह वर्षीया बेटी कशिश को पिछले कई दिनों से बुखार था। उसे गांव के ही एक चिकित्सक को दिखाया जा रहा था, लेकिन कोई फायदा नहीं मिल रहा था। शनिवार सुबह उसकी तबियत ज्यादा खराब हो गई। कशिश को बुलंदशहर के एक निजी अस्पताल लाया गया, लेकिन  अस्पताल में दाखिल होने से पहले ही उसने दम तोड़ दिया।

 जिले के 250 अस्पताल हुए खाली
आईएमए की हड़ताल के कारण अधिकांश अस्पताल खाली नजर आए। जनपद के करीब 250 अस्पतालों से डॉक्टर नदारद रहे। जिला मुख्यालय समेत सभी नगरों के अस्पतालों पर डॉक्टरों ने मरीजों को नहीं देखा।

मरीज इलाज के लिए इधर से उधर भटकते देखे गए। अधिकांश मरीजों ने सरकारी अस्पताल की तरफ रुख किया तो काफी मरीज अपंजीकृत चिकित्सकों से उपचार कराते देखे गए। बहराल आईएमए की हड़ताल से मरीजों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। परिजन मरीजों को एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल लेकर भटकते रहे।


 विरोध करने के कई तरीके होते हैं। चिकित्सक के साथ हिंसक घटना स्वीकार करने योग्य नहीं है। उन्होंने हड़ताली डॉक्टरों से जनता के हित को देखते हुए काम पर लौटने की अपील की है। - डॉ. दीपक ओहरी, सीएमओ

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed