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डिबाई घोटाले में आधा दर्जन अफसर रडार पर
अमर उजाला ब्यूरो, बुलंदशहर
Updated Fri, 09 Dec 2016 12:41 AM IST
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घोटाला
- फोटो : demo pic
पावर कारपोरेशन के डिबाई खंड में हुए फर्जीवाड़े में आधा दर्जन अफसर और कर्मचारी रडार पर हैं। फर्जीवाड़े के दौरान तैनात रहे सभी अफसर-कर्मियों से स्पष्टीकरण तलब किया जाएगा।
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इसके अलावा फर्जीवाड़े की चल रही जांच में घोटाले की राशि एक करोड़ से ज्यादा होने का अनुमान लगाया जा रहा है। पावर कारपोरेशन के डिबाई खंड में कैशियर विजय प्रताप द्वारा विभाग के 88 लाख रुपये गबन करने का मामला सामने आया था।
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मामला खुलते ही विभाग में हड़कंप मच गया था। आननफानन में कैशियर विजय प्रताप को निलंबित कर करीब 88 लाख रुपये गबन की एफआईआर दर्ज कराई गई।
चीफ इंजीनियर के निर्देश पर अधीक्षण अभियंता पूरे मामले की जांच कर रहे हैं।
अब जांच की जा रही है कि फर्जीवाड़े के दौरान कौन अफसर और कौन कर्मी सीट पर तैनात रहा था। इन सभी से स्पष्टीकरण तलब किया जाएगा, जिसके बाद इनके खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई की जा सकती है।
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वहीं फर्जीवाड़े की रकम अभी और बढ़ सकती है। जांच से जुड़े सूत्रों का कहना है कि फर्जीवाड़ा एक करोड़ से भी ज्यादा का है। विभाग में आने वाले राजस्व के मिलान की जिम्मेदारी संबंधित एक्सईएन की होती है।
एक्सईएन को रोजाना कैश चेस्ट का मिलान करना होता है। मिलान के बाद एक्सईएन को रोजाना इसकी जानकारी एसई, चीफ, एमडी को देनी होती