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चरौरा में युवक की गोली मारकर हत्या
अमर उजाला, जहांगीराबाद
Updated Wed, 23 Dec 2015 11:34 PM IST
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चरौरा गांव में अपने नौनिहाल में रह रहे युवक की रंजिशन गोली मारकर हत्या कर दी गई। युवक मंगलवार शाम चार बजे से लापता था। बुधवार दोपहर उसकी लाश गांव के खेत में खून से लथपथ मिली।
शुरुआती जांच में पुलिस युवक के पैतृक गांव में चल रही रंजिश को ही हत्या का कारण मान रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पीड़ित पिता ने चार लोगों को नामजद कराया है।
एसपी देहात पंकज कुमार पांडेय ने बताया कि शिकारपुर थाना क्षेत्र के डडुवा गांव निवासी अरुण कुमार (20) पुत्र अवधेश कुमार कुछ सालों से अपने मां-बाप के साथ चरौरा निवासी अपने मामा रंधीर और धीरज के यहां रहता था।
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परिजनों ने पुलिस को बताया कि अरुण मंगलवार शाम चार बजे से लापता था। बुधवार दोपहर करीब 2 बजे गांव की एक महिला खेत से चारा लेकर घर लौट रही थी।
तभी उसकी नजर छोटे सिंह के खेत में पड़े खून से लथपथ अरुण की लाश पर पड़ी। सूचना मिलते ही मौके पर पुलिस पहुंच गई।
परिजनों ने पुलिस को बताया कि डडुआ गांव में वर्ष 2012 में अरुण के चाचा और चचेरे भाई की हत्या कर दी गई थी। इसके बाद से अरुण का परिवार चरौरा में रह रहा है।
फरवरी में अरुण की बढ़पुरा गांव में शादी होनी थी। पुलिस को शुरुआती जांच में पता चला है कि डडुआ गांव के ही रंजिश के चलते अरुण की हत्या की गई है।
पुलिस ने अरुण के पिता अवधेश पुत्र हरपाल सिंह की तहरीर पर लाला उर्फ योगेंद्र, प्रमोद, विनोद पुत्र घनश्याम और गजेंद्र पुत्र लखमी निवासीगण डडुआ मुस्तफाबाद के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है।
अरुण मंगलवार शाम से लापता था। उसकी लाश बुधवार दोपहर एक खेत में पड़ी मिली है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। अरुण की उसके पैतृक गांव डडुआ में पुरानी रंजिश चल रही है। अवधेश की तहरीर पर योगेंद्र, प्रमोद, विनोद और गजेंद्र के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। जांच कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
पंकज कुमार पांडेय-एसपी देहात
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शुरुआती जांच में पुलिस युवक के पैतृक गांव में चल रही रंजिश को ही हत्या का कारण मान रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पीड़ित पिता ने चार लोगों को नामजद कराया है।
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एसपी देहात पंकज कुमार पांडेय ने बताया कि शिकारपुर थाना क्षेत्र के डडुवा गांव निवासी अरुण कुमार (20) पुत्र अवधेश कुमार कुछ सालों से अपने मां-बाप के साथ चरौरा निवासी अपने मामा रंधीर और धीरज के यहां रहता था।
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परिजनों ने पुलिस को बताया कि अरुण मंगलवार शाम चार बजे से लापता था। बुधवार दोपहर करीब 2 बजे गांव की एक महिला खेत से चारा लेकर घर लौट रही थी।
तभी उसकी नजर छोटे सिंह के खेत में पड़े खून से लथपथ अरुण की लाश पर पड़ी। सूचना मिलते ही मौके पर पुलिस पहुंच गई।
परिजनों ने पुलिस को बताया कि डडुआ गांव में वर्ष 2012 में अरुण के चाचा और चचेरे भाई की हत्या कर दी गई थी। इसके बाद से अरुण का परिवार चरौरा में रह रहा है।
फरवरी में अरुण की बढ़पुरा गांव में शादी होनी थी। पुलिस को शुरुआती जांच में पता चला है कि डडुआ गांव के ही रंजिश के चलते अरुण की हत्या की गई है।
पुलिस ने अरुण के पिता अवधेश पुत्र हरपाल सिंह की तहरीर पर लाला उर्फ योगेंद्र, प्रमोद, विनोद पुत्र घनश्याम और गजेंद्र पुत्र लखमी निवासीगण डडुआ मुस्तफाबाद के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है।
अरुण मंगलवार शाम से लापता था। उसकी लाश बुधवार दोपहर एक खेत में पड़ी मिली है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। अरुण की उसके पैतृक गांव डडुआ में पुरानी रंजिश चल रही है। अवधेश की तहरीर पर योगेंद्र, प्रमोद, विनोद और गजेंद्र के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। जांच कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
पंकज कुमार पांडेय-एसपी देहात