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लूट-डकैती से सिकंदराबाद सबसे बदनाम
अमर उजाला, बुलंदशहर
Updated Tue, 01 Dec 2015 04:21 PM IST
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अधिकारियों की अनदेखी के चलते सिकंदराबाद सर्किल में अपराध की घटनाएं बढ़ रही हैं। डीआईजी के पत्र के बाद जागे एसएसपी ने सीओ सिकंदराबाद और एसओ को जमकर फटकार लगाई है।
जल्द से जल्द हत्या, लूट और जानलेवा हमलों मामलों का खुलासा करने के आदेश दिए हैं। वहीं डीआईजी ने जिले की करीब एक दर्जन लूट, हत्या और डकैती की घटनाओं को हवाला देते हुए स्पष्टीकरण मांगा है।
एसएसपी अनंत देव द्वारा क्षेत्राधिकारियों और थानेदारों को लिखे पत्र में बताया कि नवंबर माह में सिकंदराबाद में कई हत्याएं और लूट की घटनाएं हुईं।
लेकिन जांच अधिकारियों ने घटनाओं के खुलासे पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया। एसएसपी ने डीआईजी के पत्र का हवाला देते हुए कहा कि डिबाई की दो, गुलावठी की एक, शिकारपुर की दो, सिटी सर्किल की एक, अनूपशहर की एक और खुर्जा की एक हत्या की घटनाओं पर शासन ने नाराजगी जताई है।
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जिले में हुए ऐसे जघन्य अपराध के चलते जनमानस में अपराधियों का खौफ पैदा हो गया है। लोगों का पुलिस से विश्वास कम हुआ है। जिससे समाज में गलत संदेश जा रहा है। डीआईजी ने अपने पत्र में कहा कि जांच अधिकारी और क्षेत्राधिकारियों के खिलाफ क्यों न कार्रवाई की जाए।
शासन स्तर से ली गई जानकारी
जिले में बढ़े अपराध पर शासन भी सतर्क हो गया है। लगातार अपराध को आधार बनाकर शासन ने रिपोर्ट मांगी है। जल्द ही डीआईजी रिपोर्ट बनाकर मुख्यालय को भेजेंगे।
चुनाव बाद हो सकती है कार्रवाई
सूत्रों के मुताबिक, सिकंदराबाद सर्किल में पुलिस अफसरों पर चुनाव बाद कार्रवाई हो सकती है। क्योंकि वर्तमान हालातों को देखकर अपराध पर अंकुश की आशा करना बेईमानी है।
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जल्द से जल्द हत्या, लूट और जानलेवा हमलों मामलों का खुलासा करने के आदेश दिए हैं। वहीं डीआईजी ने जिले की करीब एक दर्जन लूट, हत्या और डकैती की घटनाओं को हवाला देते हुए स्पष्टीकरण मांगा है।
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एसएसपी अनंत देव द्वारा क्षेत्राधिकारियों और थानेदारों को लिखे पत्र में बताया कि नवंबर माह में सिकंदराबाद में कई हत्याएं और लूट की घटनाएं हुईं।
लेकिन जांच अधिकारियों ने घटनाओं के खुलासे पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया। एसएसपी ने डीआईजी के पत्र का हवाला देते हुए कहा कि डिबाई की दो, गुलावठी की एक, शिकारपुर की दो, सिटी सर्किल की एक, अनूपशहर की एक और खुर्जा की एक हत्या की घटनाओं पर शासन ने नाराजगी जताई है।
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जिले में हुए ऐसे जघन्य अपराध के चलते जनमानस में अपराधियों का खौफ पैदा हो गया है। लोगों का पुलिस से विश्वास कम हुआ है। जिससे समाज में गलत संदेश जा रहा है। डीआईजी ने अपने पत्र में कहा कि जांच अधिकारी और क्षेत्राधिकारियों के खिलाफ क्यों न कार्रवाई की जाए।
शासन स्तर से ली गई जानकारी
जिले में बढ़े अपराध पर शासन भी सतर्क हो गया है। लगातार अपराध को आधार बनाकर शासन ने रिपोर्ट मांगी है। जल्द ही डीआईजी रिपोर्ट बनाकर मुख्यालय को भेजेंगे।
चुनाव बाद हो सकती है कार्रवाई
सूत्रों के मुताबिक, सिकंदराबाद सर्किल में पुलिस अफसरों पर चुनाव बाद कार्रवाई हो सकती है। क्योंकि वर्तमान हालातों को देखकर अपराध पर अंकुश की आशा करना बेईमानी है।