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दोहरे हत्या कांड में पांच को आजीवन कारावास
अमर उजाला ब्यूरो, बुलंदशहर
Updated Fri, 01 Jul 2016 12:14 AM IST
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- फोटो : demo
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रिश्तेदारी में गए दो युवकों पर छेड़छाड़ का आरोप लगाकर उनको अगवा कर हत्या करने के मामले में कोर्ट ने पांच आरोपियों को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही कोर्ट ने 90-90 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता नवनीत कुमार शर्मा ने बताया कि फैसलाबाद गुरुसगंज मोहल्ला निवासी होशियार सिंह ने खानपुर थाने में 29 जनवरी 2013 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसमें बताया था कि 28 जनवरी 2013 की रात बेटा जोगिंदर, उसका दोस्त गोविंदा अपनी बाइक से चाचा गजेंद्र सिंह की ससुराल नंगला आलमपुर थाना खानपुर गए थे।
जब दोनों लोग गांव के नानक पुत्र चंदी सिंह के यहां जागरण में शामिल होने गए तो नानक, उसका भाई सुरेंद्र तथा बहनोई विजयपाल निवासी कुछेजा, बहनोई का लड़का नरेंद्र ने मिलकर दोनों युवकों पर छेड़छाड़ का आरोप लगाकर बुरी तरह पीटा।
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इसके बाद आरोपी जोगिंदर और गोविंदा को अगवा कर अज्ञात जगह ले गए। 31 जनवरी 2013 को दोनों की लाश लड़ाना गांव के जंगल में मिली थी।अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुनील कुमार ने दोनों पक्षों की बहस को सुनने के बाद साक्ष्य के आधार पर आरोपी नानक, सुरेंद्र, विजयपाल, नरेंद्र और ज्वाला को अगवा कर हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही आरोपी हरवंश, गंगा मिस्त्री, शिमला और अनिल को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया।
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सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता नवनीत कुमार शर्मा ने बताया कि फैसलाबाद गुरुसगंज मोहल्ला निवासी होशियार सिंह ने खानपुर थाने में 29 जनवरी 2013 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसमें बताया था कि 28 जनवरी 2013 की रात बेटा जोगिंदर, उसका दोस्त गोविंदा अपनी बाइक से चाचा गजेंद्र सिंह की ससुराल नंगला आलमपुर थाना खानपुर गए थे।
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जब दोनों लोग गांव के नानक पुत्र चंदी सिंह के यहां जागरण में शामिल होने गए तो नानक, उसका भाई सुरेंद्र तथा बहनोई विजयपाल निवासी कुछेजा, बहनोई का लड़का नरेंद्र ने मिलकर दोनों युवकों पर छेड़छाड़ का आरोप लगाकर बुरी तरह पीटा।
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इसके बाद आरोपी जोगिंदर और गोविंदा को अगवा कर अज्ञात जगह ले गए। 31 जनवरी 2013 को दोनों की लाश लड़ाना गांव के जंगल में मिली थी।अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुनील कुमार ने दोनों पक्षों की बहस को सुनने के बाद साक्ष्य के आधार पर आरोपी नानक, सुरेंद्र, विजयपाल, नरेंद्र और ज्वाला को अगवा कर हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही आरोपी हरवंश, गंगा मिस्त्री, शिमला और अनिल को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया।