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मासूम का मर्डर, 7 घंटे हंगामा
ब्यूरो/अमर उजाला, बुलंदशहर
Updated Wed, 22 Mar 2017 12:20 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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आपसी रंजिश में ग्राम रवानी कटीरी में सात वर्षीय बच्चे की अपहरण के बाद हत्या कर दी गई। मंगलवार सुबह पुलिस ने हत्यारोपी की निशानदेही पर गांव के ही जंगल से शव बरामद किया गया है। शव मिलते ही परिजनों और भीड़ का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने शव कब्जे में लेकर हंगामा किया और शव को नहीं उठने दिया।
आक्रोषित भीड़ और पुलिसकर्मियों मारपीट हुई। गुस्साए लोगों ने अधिकारियों की गाड़ी की हवा निकाल दी। परिजन हत्यारोपी को घटनास्थल पर बुलाने की मांग पर अड़े रहे। सात घंटे बाद पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा सकी।
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गांव रवानी कटीरी में रविवार शाम लगभग पांच बजे अमरपाल सिंह का पुत्र शिवांत (7) घर के बाहर खेलते समय गायब हो गया था। शिवांत के नहीं मिलने पर परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस तब से शिवांत की तलाश कर रही थी। पुलिस ने गांव के ही चार लोगों को शक के आधार पर हिरासत में लिया था।
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मंगलवार सुबह पुलिस ने हत्यारोपी देवेंद्र पुत्र धीरज की निशानदेही पर गांव के ही जंगल से शव को बरामद कर लिया। शिवांत की हत्या कर शव को गांव के ही खाली पड़े गड्ढे में दबा दिया था।
शव के मिलते ही परिजनों सहित आसपास के गांव की भारी भीड़ जमा हो गई। भीड़ आक्रोशित हो गई तथा 100 नंबर की गाड़ी के दो सिपाहियों से मारपीट की। गुस्साए लोगों ने पुलिस को शव नहीं उठाने दिया। परिजन हत्यारोपी को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़ गए तथा पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की।
एसपी सिटी मानसिंह चौहान सहित कई थानों की पुलिस फोर्स मौके पर पहुंच गई। एसपी सिटी ने लोगों को समझाया लेकिन हत्यारोपी को मौके पर लाने के लिए अड़ी रही। मौके पर सीओ और एसडीएम से काफी नोकझोंक भी हुई। करीब सात घंटे बाद संभ्रांत लोगों के हस्तक्षेप के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
घर का अकेला चिराग था शिवांतः कक्षा दो का छात्र शिवांत अपने माता-पिता का अकेला बेटा था। शिवांत की बड़ी बहन मांसी कक्षा पांच की छात्रा है। शिवांत की मौत के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
जिसे पुलिस ने 12 घंटे पहले पकड़ा, उसी ने बरामद कराया शव
जिस हत्यारोपी को पुलिस ने सोमवार की सुबह पकड़ लिया था उसी ने पुलिस को मंगलवार की सुबह लगभग 11 बजे शव बरामद कराया है। शव की स्थिति से स्पष्ट है कि हत्या मात्र कुछ घंटे पूर्व करके शव को गड्ढे में दबाया गया है।
आनन-फानन में हत्या और शव को गड्ढे में दबाने के सुबूत पुलिस की कहानी झुठला रहे हैं। परिजनों का कहना था कि जिस हत्यारोपी को पुलिस ने घटना के 12 घंटे बाद पकड़ लिया तोशिवांत की हत्या करके शव को किसने गड्ढे में दबाया है।
सूत्रों की मानें तो हत्यारोपी को सोमवार की रात्रि चोरी छिपे पुलिस ने छोड़ा था। हत्यारोपी को छोड़ जाने के बाद शिवांत की हत्या कर शव को दबाने का काम किया गया है। हालांकि पुलिस इससे इंकार कर रही है ।
फिलहाल पुलिस की कार्यशैली को लेकर पूरे क्षेत्र में रोष है। क्षेत्र में लोग शिवांत की हत्या को पुलिस की मिलीभगत का कारण बता रहे हैं।
मात्र 10 इंच गहरे गड्ढे में मिला शव, बाहर था पैर
शिवांत का शव मात्र दस इंच गहरे गड्ढे में दबाया गया था। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस असली हत्यारोपियों को बचा रही है। पुलिस का दावा है कि शिवांत को अपहरण के बाद मारकर खाली पडे़ जंगल में दबा दिया था। जिस जंगल में शव मिला है वहां बच्चे क्रिकेट खेलते हैं।
शव को मंगलवार की सुबह पुलिस ने बरामद किया है। शव के पैर बाहर थे। यदि शव घटना के बाद दबाया गया होता तो क्रिकेट खेलने वाले बच्चों की नजर में आता या फिर बाहर निकले पैर की वजह से जानवर लग चुके होते। इस पर पुलिस कुछ नहीं बोल रही है।
बच्चे के शव के मिलते ही परिजनों में भारी आक्रोश था। लोगों का कहना था कि पुलिस ने हत्यारोपियों से साठगांठ कर शव को खाली पड़े जंगल से बरामद किया है। आरोप है कि शव को ईंख के खेत से निकालकर रात्रि में दबाया गया है।