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बुखार से प्रधानाचार्या की मौत
ब्यूरो/अमर उजाला, बुलंदशहर
Updated Mon, 26 Sep 2016 11:00 PM IST
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बुखार
- फोटो : अमर उजाला
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जिले में बुखार से दो और लोगों ने दम तोड़ दिया। इनमें एक प्रधानाचार्या तो एक मासूम बालिका है। दो मौतों के बाद जनपद में बुखार से मरने वालों का आंकड़ा 106 पहुंच गया है। वहीं अभी भी बुखार का प्रकोप कम नहीं हुआ है। स्याना के उच्च प्राथमिक विद्यालय की प्रधानाचार्या गांव बीहटा निवासी रूखसाना बेगम (45) की बीती रात बुखार से मौत हो गई।
मिली जानकारी के अनुसार रूखसाना को 4-5 दिन से बुखार की शिकायत थी। उनका स्याना में ही इलाज कराया जा रहा था। बीती रात उनको तेज बुखार हुआ। जिस पर परिजन उसे बीहटा गांव से मेरठ ले गये। रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। मौत की सूचना पर प्राथमिक स्कूलों के शिक्षकों ने शोक सभा की।
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इसके अलावा बुगरासी के गांव बंसीबांगर में बुखार से 15 वर्षीया नाजो पुत्री सद्दीक की मौत हो गई। उसके परिजनों ने बताया कि नाजो को एक सप्ताह से तेज बुखार था। उसे मेरठ ले जाया गया, जहां उसने दम तोड़ दिया। दो मौतों के साथ ही जनपद में मरने वालों का आंकड़ा 106 पहुंच गया है।
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जानलेवा बुखार से स्वास्थ्य विभाग के अफसर हरकत में आ गए हैं। सोमवार को बुलंदशहर, सिकंदराबाद, खुर्जा, शिकारपुर, औरंगाबाद, जहांगीराबाद, स्याना, डिबाई, अनूपशहर, गुलावठी, पहासू, छतारी, बीबीनगर, बुगरासी, अहार, ऊंचागांव, पहासू आदि क्षेत्रों में करीब 60 स्थानों पर मेडिकल कैंप लगाकर बीमार मरीजों का उपचार किया गया।
सीएमओ डा. दीपक ओहरी ने बताया कि सोमवार को जनपद में 60 स्थानों पर कैंप लगाए गए हैं। बुखार से मरने वालों की अभी जानकारी नहीं है। मेडिकल टीम भेजकर मौत के कारण का पता लगाया जा रहा है। सभी प्रभारियों को अलर्ट पर रखा गया है। वहीं, बुखार की चपेट में आए लोगों का कहना है कि सीएमओ साहब, जिले में बुखार का प्रकोप बढ़ता ही जा रहा है।
मौतों का आंकड़ा अब 100 के भी पार पहुंच गया है। गांव-गांव बीमारी फैल रही है। गांव में अब कोई कैंप नहीं लग रहा है। साहब अब तो बुखार से बचाने के लिए कुछ कीजिए।