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बेटी ने ही प्रेमी संग मिलकर किए पांच कत्ल
अमर उजाला ब्यूरो, बुलंदशहर
Updated Mon, 05 Sep 2016 12:39 AM IST
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हत्यारोपी
- फोटो : अमर उजाला
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बेटी प्रीति ने ही प्रेमी मुगीश (दो बच्चों के पिता) के संग मिलकर माता-पिता, मामी, मौलवी और ड्राइवर को बेहोशी की हालत में नहर में फेंककर हत्या की थी। इससेे पहले प्रेमी-युगल नेे पूरे परिवार, मौलवी व ड्राइवर को फ्रूटी में 30 नींद की गोलियां देकर बेहोश कर दिया था।
पुलिस ने हत्या के आरोपी प्रेमी युगल को बुलंदशहर रेलवे स्टेशन सेे गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि पुलिस ड्राइवर ओमपाल का शव अभी भी बरामद नहीं कर पाई है। पुलिस प्रेम संबंधों में बाधा को ही वारदात की असली वजह मान रही है।
एसपी देहात अभिषेक यादव ने प्रेसवार्ता कर बताया कि मूलरूप से किठोर मेरठ निवासी मुगीश उर्फ शानू दो बच्चों का पिता है और नवादा में बाइक मिस्त्री का काम करता था। मुगीश की नवादा निवासी प्रीति से चार साल सेे पहचान और प्रेम संबंध है।
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डेढ़ साल पहले परिजनों को इसकी भनक भी लग गई थी औैर वह विरोध करने लगे थे। परिजनों ने प्रीति का रिश्ता तय कर दिया था, लेकिन वह मुगीश से ही शादी करना चाहती थी। प्रीति के परिजन अक्सर मौलवी सलीमुद्दीन के साथ बदायूं स्थित दरगाह पर जाते थे।
वहां जाकर परिवार को नींद की गोलियां देकर पहले भी मुगीश और प्रीति मुलाकात करते थे। इस बार रिश्ता तय कर देने के कारण दोनों नेे भागने की योजना बनाई।प्रीति और उसके परिजन 25 अगस्त की सुबह बदायूं स्थित दरगाह के लिए निकले। शाम सात बजे तक चादर चढ़ाने के बाद प्रीति ने फ्रूटी में नींद की 30 गोलियां मिला दी थीं।
उसने पिता राजे, मां धर्मवती, भाई ललित, भाभी शीतल, मामा राजेंद्र, मामी प्रीति, मौलवी सलीमुद्दीन व ड्राईवर ओमपाल को यह पिला दिया। इस बीच अपने भाई ललित को चादर चढ़ाने के लिए भेज दिया। ललित भी मजार पर जाकर बेहोशी की हालत में हो गया। इसके बाद उसकी जेब से कार की चाबी निकाल ली।
इसके बाद अपने मामा राजेंद्र को ललित की तबीयत खराब होने की बात कहकर देखने के लिए भेज दिया। एसपी ने बताया कि आरोपी मुगीश सेंट्रो कार सेे बदायूं पहुंचा था और उसी नेे किसी तरह प्रीति को नींद की गोलियां थमाईं थीं।
जब सभी बेहोश हो गए तो मुगीश ही ईको चलाकर नहर तक सभी को ले गया। यहां दोनों ने नहर किनारे ईको को पटरी पर चढ़ाया और फिर दोनों ने पीछे खड़े होकर ईको को नहर में धकेल दिया। पुलिस चार शवों को बरामद कर चुकी है लेकिन ड्राइवर ओमपाल का शव अभी बरामद नहीं हुआ है।
इससेे पहले सनसनीखेज वारदात में प्रीति के परिजनों ने मौलवी सलीम पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बाद में उसका शव रामघाट क्षेत्र में मिला था। बताया गया है कि पुलिस को दो दिन पहले प्रीति और मुगीश के इलाहाबाद हाईकोर्ट में देखे जानेे की सूचना पुलिस को मिली। इसके बाद कासना कोतवाली प्रभारी सुधीर कुमार त्यागी अपनी टीम के साथ इलाहाबाद पहुंच गए और वहां डेरा डाल दिया।
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पुलिस ने हत्या के आरोपी प्रेमी युगल को बुलंदशहर रेलवे स्टेशन सेे गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि पुलिस ड्राइवर ओमपाल का शव अभी भी बरामद नहीं कर पाई है। पुलिस प्रेम संबंधों में बाधा को ही वारदात की असली वजह मान रही है।
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एसपी देहात अभिषेक यादव ने प्रेसवार्ता कर बताया कि मूलरूप से किठोर मेरठ निवासी मुगीश उर्फ शानू दो बच्चों का पिता है और नवादा में बाइक मिस्त्री का काम करता था। मुगीश की नवादा निवासी प्रीति से चार साल सेे पहचान और प्रेम संबंध है।
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डेढ़ साल पहले परिजनों को इसकी भनक भी लग गई थी औैर वह विरोध करने लगे थे। परिजनों ने प्रीति का रिश्ता तय कर दिया था, लेकिन वह मुगीश से ही शादी करना चाहती थी। प्रीति के परिजन अक्सर मौलवी सलीमुद्दीन के साथ बदायूं स्थित दरगाह पर जाते थे।
वहां जाकर परिवार को नींद की गोलियां देकर पहले भी मुगीश और प्रीति मुलाकात करते थे। इस बार रिश्ता तय कर देने के कारण दोनों नेे भागने की योजना बनाई।प्रीति और उसके परिजन 25 अगस्त की सुबह बदायूं स्थित दरगाह के लिए निकले। शाम सात बजे तक चादर चढ़ाने के बाद प्रीति ने फ्रूटी में नींद की 30 गोलियां मिला दी थीं।
उसने पिता राजे, मां धर्मवती, भाई ललित, भाभी शीतल, मामा राजेंद्र, मामी प्रीति, मौलवी सलीमुद्दीन व ड्राईवर ओमपाल को यह पिला दिया। इस बीच अपने भाई ललित को चादर चढ़ाने के लिए भेज दिया। ललित भी मजार पर जाकर बेहोशी की हालत में हो गया। इसके बाद उसकी जेब से कार की चाबी निकाल ली।
इसके बाद अपने मामा राजेंद्र को ललित की तबीयत खराब होने की बात कहकर देखने के लिए भेज दिया। एसपी ने बताया कि आरोपी मुगीश सेंट्रो कार सेे बदायूं पहुंचा था और उसी नेे किसी तरह प्रीति को नींद की गोलियां थमाईं थीं।
जब सभी बेहोश हो गए तो मुगीश ही ईको चलाकर नहर तक सभी को ले गया। यहां दोनों ने नहर किनारे ईको को पटरी पर चढ़ाया और फिर दोनों ने पीछे खड़े होकर ईको को नहर में धकेल दिया। पुलिस चार शवों को बरामद कर चुकी है लेकिन ड्राइवर ओमपाल का शव अभी बरामद नहीं हुआ है।
इससेे पहले सनसनीखेज वारदात में प्रीति के परिजनों ने मौलवी सलीम पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बाद में उसका शव रामघाट क्षेत्र में मिला था। बताया गया है कि पुलिस को दो दिन पहले प्रीति और मुगीश के इलाहाबाद हाईकोर्ट में देखे जानेे की सूचना पुलिस को मिली। इसके बाद कासना कोतवाली प्रभारी सुधीर कुमार त्यागी अपनी टीम के साथ इलाहाबाद पहुंच गए और वहां डेरा डाल दिया।