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सिपाही अजमत प्रकरण ः भाई को खाकी दिलाने के लिए आगे आई पुलिस
अमर उजाला, बुलंदशहर
Updated Sun, 22 Nov 2015 11:12 PM IST
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डॉक्टरों की लापरवाही से सिपाही अजमत की मौत के मामले में स्वास्थ्य विभाग की संवेदनाएं भले ही मर गई हों, लेकिन पुलिस विभाग उसके परिवार के जख्मों पर मरहम लगाने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहता।
उसके भाई को नौकरी दिलाने के लिए एसएसपी की ओर से रिपोर्ट तैयार कर संस्तुति के साथ शासन और पुलिस मुख्यालय को भेजी जाएगी। शासन से हरी झंडी मिलते ही औपचारिकताएं भी पूरी कर ली जाएगी।
सबकुछ ठीक रहा तो उसके भाई को पुलिस की नौकरी मिल जाएगी, यानि खाकी पहनने का वह हकदार बन सकता है।
एसएसपी अनंत देव ने बताया कि गलत इंजेक्शन से इंफेक्शन झेलने वाले चुनाव सेल में तैनात कांस्टेबल अजमत ने 28 अक्टूबर की सुबह करीब 6.30 बजे अपोलो अस्पताल में दम तोड़ दिया था।
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परिजनों ने परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी की मांग की थी। इसके लिए एक रिपोर्ट बनाई जा रही है। परिजनों की मांगों को ध्यान में रखते हुए शासन और लखनऊ मुख्यालय को रिपोर्ट भेजी जाएगी।
शासन से अनुमति मिलते ही औपचारिकताएं पूरी कर ली जाएंगी। बता दें कि चुनाव सेल में तैनात कांस्टेबल अजमत मूलरूप से सहारनपुर जिले का रहने वाला था। वह सर्विलांस का अच्छा जानकार था।
इस मामले की जांच कमिश्नर की अध्यक्षता में की जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आरोपी डॉक्टर के खिलाफ पुलिसिया कार्रवाई सख्त हो सकती है।
हालांकि सिपाही के परिजन दो दिन बुलंदशहर आकर आंदोलन कर चुके है, उन्हें जांच पर भी ज्यादा भरोसा नहीं हैं। वह अजमत के भाई को नौकरी चाहते हैं।
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उसके भाई को नौकरी दिलाने के लिए एसएसपी की ओर से रिपोर्ट तैयार कर संस्तुति के साथ शासन और पुलिस मुख्यालय को भेजी जाएगी। शासन से हरी झंडी मिलते ही औपचारिकताएं भी पूरी कर ली जाएगी।
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सबकुछ ठीक रहा तो उसके भाई को पुलिस की नौकरी मिल जाएगी, यानि खाकी पहनने का वह हकदार बन सकता है।
एसएसपी अनंत देव ने बताया कि गलत इंजेक्शन से इंफेक्शन झेलने वाले चुनाव सेल में तैनात कांस्टेबल अजमत ने 28 अक्टूबर की सुबह करीब 6.30 बजे अपोलो अस्पताल में दम तोड़ दिया था।
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परिजनों ने परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी की मांग की थी। इसके लिए एक रिपोर्ट बनाई जा रही है। परिजनों की मांगों को ध्यान में रखते हुए शासन और लखनऊ मुख्यालय को रिपोर्ट भेजी जाएगी।
शासन से अनुमति मिलते ही औपचारिकताएं पूरी कर ली जाएंगी। बता दें कि चुनाव सेल में तैनात कांस्टेबल अजमत मूलरूप से सहारनपुर जिले का रहने वाला था। वह सर्विलांस का अच्छा जानकार था।
इस मामले की जांच कमिश्नर की अध्यक्षता में की जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आरोपी डॉक्टर के खिलाफ पुलिसिया कार्रवाई सख्त हो सकती है।
हालांकि सिपाही के परिजन दो दिन बुलंदशहर आकर आंदोलन कर चुके है, उन्हें जांच पर भी ज्यादा भरोसा नहीं हैं। वह अजमत के भाई को नौकरी चाहते हैं।