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आनंदा ब्रांड के दूध में पाया गया यूरिया
ब्यूरो/अमर उजाला, बुलंदशहर
Updated Tue, 15 Nov 2016 11:33 PM IST
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दूध
- फोटो : अमर उजाला
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गोपालजी के अानंदा ब्रांड फुल क्रीम दूध में यूरिया और बाहर से मिलाई गई चिकनाई (फॉरन फैट) पाए गए हैं। स्टेट और सेंट्रल लैब दोनों की रिपोर्ट में दूध को मिलावटी और सेहत के लिए खतरनाक बताया गया है। डीएम और फूड कमिश्नर के आदेश पर फूड सेफ्टी विभाग ने कोर्ट में वाद दायर करने की तैयारी कर ली है।
यूरिया की मौजूदगी सेहत के लिए घातक है। स्याना स्थित गोपालजी प्लांट से आनंदा ब्रांड के दूध का सैंपल लिया गया था। उसको जांच के लिए लखनऊ की स्टेट लैब भेजा गया था। स्टेट लैब की रिपोर्ट में आनंदा ब्रांड का दूध मिस्ब्रांड पाया गया था। फूड सेफ्टी विभाग ने कंपनी को नोटिस जारी कर दिया था।
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आनंदा कंपनी के नुमाइंदों ने दूध का नमूना सेंट्रल लैब कोलकाता दोबारा जांच को भिजवाया था। कोलकाता प्रयोगशाला की रिपोर्ट में आनंदा ब्रांड का फुल क्रीम दूध अनसेफ (सेहत के लिए खतरनाक) पाया गया है। फूड सेफ्टी विभाग के डीओ रणधीर सिंह ने बताया कि आनंदा के दूध में यूरिया मिला पाया गया है।
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यूरिया के साथ ही दूध को बनाने में अलग से चिकनाई भी मिलाई गई थी। ऐसा दूध सेहत के लिए खतरनाक है। लैब रिपोर्ट में दूध को अनसेफ श्रेणी में रखा गया है। फूड सेफ्टी के नियमों के हिसाब से ऐसा दूध प्रयोग करने लायक नहीं होता है।
सीएमओ डा. दीपक ओहरी के अनुसार ऐसे दूध के सेवन से शरीर में यूरिया की मात्रा बढ़ जाती है। इससे लीवर और किडनी खराब हो सकते हैं। हार्ट और ब्रेन को इससे बड़ा नुकसान होता है। ऐसा दूध प्रयोग नहीं किया जा सकता है।
खाद्य सामग्री के 11 नमूने निकले अधोमानक फूड सेफ्टी विभाग की हालिया रिपोर्ट में खाद्य सामग्री में मिलावट का खुलासा हुआ है। दो माह पूर्व फूड सेफ्टी विभाग ने खाद्य सामग्री के नमूने जांच केे लिए लखनऊ प्रयोगशाला भेजे थे।
इनमें से दूध के चार, खोवा के दो, पनीर का एक, घी का एक, दूध से बनी मिठाई का एक, रिफाइंड ऑयल का एक और मिठाई का एक नमूना मानक पर खरा नहीं उतरा है। कुल मिलाकर खाद्य सामग्री के 11 नमूनों की रिपोर्ट सब स्टैंडर्ड निकली है।
फूड सेफ्टी विभाग के डीओ रणधीर सिंह ने बताया कि दूध में वसा की मात्रा कम थी। पनीर में प्रोटीन की मात्रा सामान्य से कम पाई गई है। सीएमओ डा. दीपक ओहरी ने बताया कि सबस्टैंडर्ड फूड प्रोडक्ट सेहत को बिगाड़ देता है। पेट खराब होने की शिकायत रहती है। पेट की अन्य बीमारियां भी शरीर में घर कर जाती हैं।
स्टेट लैब की रिपोर्ट में दूध में मिलावट पाई गई थी। उसको दोबारा जांच को सेंट्रल लैब भिजवाया था। अभी रिपोर्ट हमको नहीं मिली है। दूध के कलेक्शन और पैकेजिंग में सावधानी बरती जाती है। किस स्तर पर यह मिलावट हुई, अभी समझ नहीं आ रहा है।
उपभोक्ताओं के विश्वास पर खरा उतरना और उनकी सेहत का ध्यान रखना हमारी प्राथमिकता है। - हरीश मित्तल, प्रबंधक गोपाल जी स्याना।