फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bulandshahar News ›   पिलखना कांड: हाईकोर्ट ने तीन आरोपियों की सजा रखी बरकरार

पिलखना कांड: हाईकोर्ट ने तीन आरोपियों की सजा रखी बरकरार

Sat, 19 May 2018 11:57 PM IST
Updated Sat, 19 May 2018 11:57 PM IST
विज्ञापन
पिलखना कांड : तीन अभियुक्तों की फांसी की सजा बरकरार
विज्ञापन


बुलंदशहर। नरौरा थाना क्षेत्र के गांव पिलखना में एक ही परिवार के छह सदस्यों के सामूहिक हत्याकांड मामले में हाईकोर्ट ने तीन आरोपियों की फांसी की सजा को बरकरार रखा है। जबकि, एक आरोपी महिला को संदेह के आधार पर राहत देते हुए उसे बरी कर दिया गया है। बता दें कि इस मामले में सत्र न्यायालय ने दो साल पहले चारों अभियुक्तों को फांसी की सजा सुनाई थी।

सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी नवनीत कुमार शर्मा ने बताया कि नरौरा थाना क्षेत्र के गांव पिलखना गांव में एक भट्टे के विवाद के चलते एक ही परिवार के छह सदस्य मौसम खां, असगरी, शैकीन खां, सन्नो, समद व मुस्कान की 23 जनवरी 2014 को धारदार हथियार से काटकर हत्या कर दी गई थी। वादी अली शेर पुत्र मौसम खां ने अपने सगे भाई मोमीन खां, उसकी पत्नी नाजरा, ताऊ के बेटे जैकम, जैकम के बेटे साजिद के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। बताया कि सामूहिक नरसंहार की घटना वाली रात अली शेर व उसके बहनोई ने अपनी जान बचाते हुए पूरी घटना को रसोई में छिपकर देखा था। उन्होंने बताया कि पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र जिला एव सत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया था। नरसंहार की सुनवाई करते हुए अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सप्तम सुनील कुमार न साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर 11 जनवरी 2016 को मोमीन खां, नाजरा, साजिद व जैकम को फंासी की सजा सुनाई थी। निर्णय के खिलाफ चारों आरोपियों ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। अधिवक्ता ने बताया कि 18 मई 2018 को हाईकोर्ट ने अपील पर सुनवाई करते हुए संदेह के आधार पर आरोपी नाजरा को बरी कर दिया, जबकि मोमीन खां, जैकम व साजिद की फांसी की सजा बरकरार रखी है। बता दें कि दो साल के अंदर आए इस फैसले में अच्छी पैरवी करने के लिए डीजे अभियोजन ने नवनीत कुमार शर्मा को सम्मानित भी किया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed