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बदमाशों की धरपकड़ को कई स्थानों पर दबिश

Fri, 23 Mar 2018 10:24 PM IST
Updated Fri, 23 Mar 2018 10:24 PM IST
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बदमाशों की धरपकड़ को कई स्थानों पर दबिश
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- औरंगाबाद में छात्रा के अपहरण की कोशिश का मामला
- 36 घंटे बाद भी घायल महिला के पैर से नहीं निकली गोली, दिल्ली रेफर
अमर उजाला ब्यूरो
औरंगाबाद। थाना क्षेत्र के गांव में छात्रा का अपहरण करने आए बदमाशों की तलाश में पुलिस ने बृहस्पतिवार देर रात कई स्थानों पर ताबड़तोड़ दबिश दी, लेकिन लेकिन कोई सफलता नहीं हाथ नहीं लग सकी। उधर, घायल महिला के घुटने से 36 घंटे बाद भी चिकित्सक गोली नहीं निकाल सके हैं। इससे उसकी हालत गंभीर होती जा रही है। अब महिला को दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
बुधवार देर रात गांव में एक छात्रा का अपहरण करने आए बदमाशों ने दो महिलाओं को गोली मार दी थी। बदमाश के साथी की गोली लगने से एक बदमाश की भी मौत हो गई थी। मामले में पीड़िता के पिता ने एक नामजद सहित पांच बदमाशों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने देर रात मुरादगढ़ी और नोएडा में कई स्थानों पर बदमाशों की धरपकड़ के लिए ताबड़तोड़ दबिश दी, लेकिन पुलिस को बदमाशों का कोई सुराग नहीं लग सका। पुलिस अब नामजद आरोपी हरित के रिश्तेदार और संबंधियों से पूछताछ कर रही है। वारदात को अंजाम दने से पहले ही हरित अपने परिजनों को गांव से भगा दिया था। एसओ अनिल कुमार ने बताया कि मास्टर माइंड हरित की गिरफ्तारी के लिए बृहस्पतिवार देर रात कई स्थानों पर दबिश दी गई, लेकिन आरोपी का कोई सुराग नहीं लग सका।
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उपचार में लापरवाही पर भड़के परिजन
औरंगाबाद। थाना क्षेत्र के गांव में छात्रा का अपहरण करने आए बदमाशों की गोली से घायल हुई महिला की जिला अस्पताल में उपचार के दौरान लापरवाही बरतने पर परिजन भड़क गए। परिजनों ने जिला अस्पताल में जमकर हंगामा किया। इसके बाद परिजन महिला को रेफर कराकर मेरठ ले गए।
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बुधवार तड़के करीब चार बजे घायल महिला को सीएचसी लखावटी में भर्ती कराया गया था। यहां उसकी गंभीर हालत देख चिकित्सकों ने जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। परिजनों का आरोप है कि शाम छह बजे तक जिला अस्पताल के चिकित्सक परिजनों को गोली निकालने की बात कहकर गुमराह करते रहे। साथ ही सीएचसी लखावटी से रेफर पर्ची के लिए भी परिजनों को चार-पांच चक्कर काटने पड़े।
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ताले में बंद करके रखते थे छात्रा को
औरंगाबाद। सिरफिरे आशिक की धमकी के बाद से सहमे परिजनों ने छात्रा को रात के समय एक कमरे में बंद करके ताला लगा देते थे। सूत्रों के अनुसार जिस दिन से सिरफिरे आशिक ने छात्रा के अपहरण करने की धमकी दी थी। उसके बाद से ही परिजनों ने छात्रा के बाहर आने-जाने पर रोक लगा दी। साथ ही उस पर कड़ी नजर रखनी शुरू कर दी। घटना के समय किसी कारणवश कमरे का ताला नहीं लगा था।
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रणदीप भाटी के शूटरों ने तो नहीं किया खून खराबा
औरंगाबाद। औरंगाबाद थाना क्षेत्र के गांव में बुधवार रात हुआ खून खराबा कहीं भाड़े के शूटरों ने तो नहीं किया है। आशंका है कि हरित ने एक लाख के इनामी बदमाश रणदीप भाटी के शूटरों से ही घटना को अंजाम दिलाया है। हरित का भाई भूपेंद्र रणदीप के छोटे भाई एक लाख के इनामी कुलवीर भाटी की गाड़ी पर ड्राइवर है।

थाना पुलिस की शुरूआती जांच में सामने आया है कि कांड का मास्टर माइंड हरित मुरादगढ़ी का रहने वाला है। इसका बड़ा भाई भूपेंद्र गाड़ी चलाने में परफेक्ट है। कई वर्षों से भूपेंद्र दादरी के बादलपुर थाने का हिस्ट्रीशीटर एक लाख का इनामी कुलवीर भाटी की गाड़ी पर ड्राइवर है। कुलवीर का बड़ा भाई रणदीप भाटी भी एक लाख का इनामी है। एक भाई नोएडा तो दूसरा गोंडा जेल में बंद है। दोनों भाइयों के शूटर नोएडा में वारदात करते हैं। दो माह पहले हरित भी अपने भाई के साथ गाड़ी चलाने लगा था। ऐसे में आशंका है कि हरित की रणदीप भाटी गैंग के शूटरों से पहले मुलाकात हुई फिर वारदात को अंजाम देने का प्लान बनाया। एसओ औरंगाबाद अनिल कुमार के अनुसार मारे गए बदमाश का दादरी थाने में कोई अपराधिक इतिहास दर्ज नहीं है। नोएडा के संबंधित थानों से उसकी प्रोफाइल निकलवाई जा रही है। पुलिस को नोएडा से घटनाक्रम के खुलासे की उम्मीद है।
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