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Bulandshahar News: भतीजी के हाथ की चाय पीने अनूपशहर आते थे मनोज संतोषी
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नरौरा के रामघाट निवासी मनोज संतोषी का फाइल फोटो।
अनूपशहर/नरौरा। टेलीविजन की दुनिया के जाने-माने लेखक मनोज संतोषी का हैदराबाद में निधन हो गया। वह लंबे समय से लीवर की बीमारी से जूझ रहे थे। उन्होंने हैदराबाद के एक अस्पताल में अंतिम सांस ली। उनके निधन पर क्षेत्र में शोक है। वह रामघाट के रहने वाले थे। जब भी वह यहां आते थे तो अनूपशहर में अपनी भतीजी के घर चाय पीने जरूर जाते थे।
मनोज के परिवार के सदस्य रामकेश संतोषी ने बताया कि मनोज संतोषी ने कस्बा जरगंवा स्थित इंटर कॉलेज से शिक्षा प्राप्त की थी। गायक बनने का सपना लेकर वह मुंबई गए थे। वहां एक लेखक से मुलाकात के बाद उन्होंने लेखन को अपना करियर बनाने का फैसला किया था। उन्होंने कई लोकप्रिय कॉमेडी सीरीज के लिए लेखन किया। इनमें भाभीजी घर पर हैं, हप्पू की उलटन पलटन, जीजा जी छत पर हैं और एफआईआर जैसे हिट शो शामिल हैं।
वह रामघाट में समय-समय पर आते रहते थे और हर साल माता का जागरण कराते थे। वहीं अनूपशहर के मोहल्ला मदारगेट निवासी उनकी भतीजी कल्पना ने बताया कि मनोज को उनके हाथ की चाय बहुत पसंद थी। वज जब भी रामघाट आते तो उनके घर जरूर आते थे।
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रामकेश संतोषी ने बताया कि उनके पार्थिव शरीर को हैदराबाद से उनके पैतृक गांव रामघाट लाया जा रहा है, जहां अंतिम संस्कार किया जाएगा। उनके निधन का समाचार मिलते ही गांव में शोक की लहर है।
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मनोज के परिवार के सदस्य रामकेश संतोषी ने बताया कि मनोज संतोषी ने कस्बा जरगंवा स्थित इंटर कॉलेज से शिक्षा प्राप्त की थी। गायक बनने का सपना लेकर वह मुंबई गए थे। वहां एक लेखक से मुलाकात के बाद उन्होंने लेखन को अपना करियर बनाने का फैसला किया था। उन्होंने कई लोकप्रिय कॉमेडी सीरीज के लिए लेखन किया। इनमें भाभीजी घर पर हैं, हप्पू की उलटन पलटन, जीजा जी छत पर हैं और एफआईआर जैसे हिट शो शामिल हैं।
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वह रामघाट में समय-समय पर आते रहते थे और हर साल माता का जागरण कराते थे। वहीं अनूपशहर के मोहल्ला मदारगेट निवासी उनकी भतीजी कल्पना ने बताया कि मनोज को उनके हाथ की चाय बहुत पसंद थी। वज जब भी रामघाट आते तो उनके घर जरूर आते थे।
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रामकेश संतोषी ने बताया कि उनके पार्थिव शरीर को हैदराबाद से उनके पैतृक गांव रामघाट लाया जा रहा है, जहां अंतिम संस्कार किया जाएगा। उनके निधन का समाचार मिलते ही गांव में शोक की लहर है।