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नहाय-खाय के साथ छठ पूजा शुरू
ब्यूरो/अमर उजाला, बुलंदशहर
Updated Thu, 03 Nov 2016 11:22 PM IST
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छठ पूजा
- फोटो : अमर उजाला
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छठ महापर्व शुक्रवार से नहाय-खाय के साथ शुरू हो जाएगा। छठ पूजा के लिए पूर्वांचल समाज के लोगों ने तैयारियां तेज कर दी हैं। छठ पूजा के लिए लोगों में काफी उत्साह देखने को मिल रहा है। चार दिवसीय पूजा महोत्सव चार नवंबर को कार्तिक शुक्ल पक्ष की चतुर्थी के दिन नहाय-खाय के साथ शुरू होगा।
पांच नवंबर को पंचमी पर खरना होगा। इस दिन रात्रि को 9.05 बजे तक खीर और भोजन ग्रहण किया जाएगा। अगले दिन षष्ठी को यमुना किनारे अस्ताचलगामी सूर्य को शाम 5.30 बजे तक अर्घ्य दिया जाएगा। सप्तमी को सात नवंबर को सूर्योदय को अर्घ्य दिया जाएगा।
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पहले दिन अरवा चावल, चने की दाल, लौकी सब्जी बिना तलीय बनाकर भगवान सूर्य की पूजा की जाएगी। छठ पूजा के लिए घाटों पर इंतजाम कर दिए गए हैं। जिलाधिकारी के निर्देश पर नगर पालिका अफसरों ने छठ पूजा के लिए वलीपुरा नहर पर साफ-सफाई के विशेष इंतजाम किए हैं।
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सूर्य साधना का है महापर्वः आचार्य नरेंद्र शर्मा ने बताया कि चार दिन का यह महापर्व सूर्य साधना का महापर्व है। इसमें डूबते और उगते सूरज को अर्घ्य दिया जाता है। यह व्रत बहुत कठित होता है। आचार्य नरेंद्र बताते हैं कि छठ पूजा का इतिहास महाभारतकालीन है। कुंती ने सूर्य की अराधना की थी।
मान्यता है कि छठ देवी सूर्य देव की बहन हैं। जीव के महत्वपूर्ण अवयवों में सूर्य व जल की महत्ता को मानते हुए भगवान सूर्य की अराधना की जाती है। यह पूजा गंगा, जमुना, तालाब, नहर या किसी पोखर के किनारे की जाती है।
कठिन होगी श्रद्धालुओं की डगरः
भगवान सूर्य के छठ महापर्व को मनाने के लिए श्रद्धालुओं को वलीपुरा नहर तक जाना पड़ता है। इस बार श्रद्धालुओं की यह डगर काफी कठिन होगी। डीएवी ओवरब्रिज से भूड़ चौराहे तक मार्ग के चौड़ीकरण के कारण यह मार्ग काफी जर्जर है। जर्जर होने के कारण श्रद्धालुओं को आवागमन में काफी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।