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मनीष भाटी को फिर मिली सिकंदराबाद ब्लॉक प्रमुख कुर्सी

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 25 Jan 2020 11:54 PM IST
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मनीष भाटी को फिर मिली सिकंदराबाद ब्लॉक प्रमुख कुर्सी
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सिकंदराबाद। ब्लॉक प्रमुख मनीष भाटी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट द्वारा एसडीएम को सौंपे गए चार्ज पर अंतरिम रोक लगाने के बाद जिलाधिकारी ने सचिव उत्तर प्रदेश शासन पंचायती राज से विमर्श के बाद मनीष भाटी को पुन: सिकंदराबाद ब्लॉक प्रमुख का पदभार सौंप दिया है। अग्रिम आदेशों तक मनीष भाटी सिकंदराबाद के ब्लॉक प्रमुख बने रहेंगे।

मनीष भाटी 15 सितंबर 2018 में सिकंदराबाद के ब्लॉक प्रमुख निर्वाचित हुए थे। अक्टूबर 2019 को उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव आया और सात नवंबर 2019 को उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित हो गया। अविश्वास प्रस्ताव पारित होने पर उन्हें ब्लॉक प्रमुख पद से हटा दिया गया था। डीएम ने एसडीएम सिकंदराबाद को चार्ज सौंप दिया था। मनीष भाटी ने अविश्वास प्रस्ताव में उन सदस्यों के भी भाग लेने की बात कही थी जिन्होंने सदन की शपथ नहीं ली थी। उन्होंने नियम 1994 के तहत उन सदस्यों के प्रक्रिया में भाग लेने पर सवाल उठाया था। इस संबंध में उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट में मुद्दा पीठ के समक्ष लंबित होने के कारण मनीष भाटी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। 17 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट ने मनीष भाटी की याचिका पर सुनवाई की। जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस सूर्यकांत की पीठ ने मनीष भाटी के वकील जसबीर सिंह मलिक की दलीलेें सुनने के बाद याचिका पर उत्तर प्रदेश सरकार, व अन्य को नोटिस जारी किया था। पीठ ने बुलंदशहर के जिलाधिकारी के 13 नवंबर के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी थी। जिलाधिकारी ने मनीष भाटी के खिलाफ पारित अविश्वास प्रस्ताव को क्रियान्वित करते हुए ब्लॉक प्रमुख का चार्ज एसडीएम सिकंदराबाद को सौंप दिया था। सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान जसबीर सिंह मलिक ने अविश्वास प्रस्ताव की कार्यवाही पर सवाल उठाते हुए कहा था कि सदन की शपथ नहीं लेने वाले निर्वाचित सदस्य कानूनन न तो अविश्वास प्रस्ताव में भाग ले सकते हैं और न ही मतदान कर सकते हैं। इस मामले में कुल 143 सदस्यों में से केवल 87 सदस्यों ने शपथ ली थी। कोर्ट ने वकील की दलीलें सुनने के बाद प्रतिपक्ष को नोटिस जारी किया था। जसवीर सिंह मलिक की एसडीएम को चार्ज सौंपने के जिलाधिकारी के आदेश पर अंतरित रोक लगाने की मांग को कोर्ट ने स्वीकार कर लिया। मनीष भाटी ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने मनीष भाटी को पुन: ब्लॉक प्रमुख का चार्ज प्रदान किया जाए या नही के संबंध में प्रमुख सचिव पंचायती राज से मार्ग निर्देश प्रदान करने का अनुरोध किया था। बताया कि 23 जनवरी 2020 को सचिव उत्तर प्रदेश शासन पंचायती राज ने अवगत कराया था कि उच्चतम न्यायालय के आदेश में 13 नवंबर को जारी जिलाधिकारी के आदेश के संपूर्ण क्रियान्वयन पर रोक लगाई है। इसके अंतर्गत प्रमुख क्षेत्र पंचायत सिकंदराबाद के विरुद्ध पारित अविश्वास प्रस्ताव भी आच्छादित है। बताया कि उच्चतम न्यायालय के आदेश एवं सचिव उत्तर प्रदेश शासन द्वारा मार्ग निर्देश के क्रम में जिलाधिकारी ने पुन: सिकंदराबाद ब्लॉक का प्रमुख पद सौंप दिया है। बताया कि अग्रिम आदेश तक वह सिकंदराबाद के ब्लॉक प्रमुख पद पर बने रहेंगे। पुन: ब्लॉक प्रमुख बनाए जाने पर मनीष भाटी ने भाजपा के क्षेत्रिय संगठन मंत्री अश्वनि त्यागी, प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह, प्रभारी मंत्री अशोक कटारिया, सांसद महेश शर्मा, जिलाध्यक्ष अनिल सिसौदिया का आभार व्यक्त किया है।
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