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ब्लॉक प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को डीएम को सौंपा पत्र
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ब्लॉक प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को डीएम को सौंपा पत्र
सिकंदराबाद। ब्लॉक प्रमुख पद को लेकर दो धड़ों में चली आ रही राजनीतिक लड़ाई एकबार फिर सुर्खियों में आ गई। बृहस्पतिवार को ब्लॉक प्रमुख मनीष भाटी के विपक्षी खेमे ने ब्लॉक प्रमुख के खिलाफ डीएम को अविश्वास प्रस्ताव का पत्र सौंप दिया।
बता दें कि सिकंदराबाद ब्लॉक प्रमुख पद दो नेताओं के बीच राजनीतिक वर्चस्व का मुद्द बना हुआ है। सात फरवरी 2016 को पुष्पेंद्र भाटी सिकंदराबाद ब्लाक प्रमुख चुने गए थे। पुष्पेंद्र भाटी को समाजवादी पार्टी का समर्थन प्राप्त था। 2017 में भाजपा की सरकार बनते ही विरोधियों ने पुष्पेंद्र भाटी की घेराबंदी शुरू कर दी थी। 20 अप्रैल 2018 को पुष्पेंद्र भाटी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पास होने पर उन्हें ब्लॉक प्रमुख की कुर्सी छोडनी पड़ी थी। 15 सितंबर 2018 में हुए उपचुनाव में मनीष भाटी ने रविता भाटी को हराकर ब्लॉक प्रमुख पद पर कब्जा कर लिया। मनीष भाटी को भाजपा का समर्थन प्राप्त था। मनीष भाटी के ब्लॉक प्रमुख चुने जाने के बाद से ही विपक्षी अविश्वास प्रस्ताव के लिए कोरम पूरा होने का इंतजार कर रहे थे। एक वर्ष पूर्ण होते ही विपक्षियों ने पूर्व ब्लॉक प्रमुख पुष्पेंद्र भाटी के नेतृत्व में बृहस्पतिवार को ब्लॉक प्रमुख मनीष भाटी के खिलाफ डीएम को अविश्वास प्रस्ताव पत्र सौंप दिया। पुष्पेंद्र भाटी ने बताया कि अविश्वास पत्र पर 143 बीडीसी सदस्यों में 96 बीडीसी सदस्यों के हस्ताक्षर है। सभी सदस्यों ने अपने एफीडेविड भी जमा किए है।
ब्लॉक प्रमुख मनीष भाटी ने बताया कि उन्होंने अपने कार्यकाल में क्षेत्र का विकास कराया है। राजनीतिक द्वेष के चलते कुछ लोगों उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का षडयंत्र रच रहे हैं। ऐसे लोग बिलकुल सफल नहीं होंगे। बताया कि अविश्वास प्रस्ताव पत्र पर हस्ताक्षर करने वाले 96 बीडीसी सदस्यों में से 38 बीडीसी सदस्यों के लगातार तीन मीटिंगों में भाग नहीं लेने के कारण सदस्यता निरस्त हो चुकी है।
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सिकंदराबाद। ब्लॉक प्रमुख पद को लेकर दो धड़ों में चली आ रही राजनीतिक लड़ाई एकबार फिर सुर्खियों में आ गई। बृहस्पतिवार को ब्लॉक प्रमुख मनीष भाटी के विपक्षी खेमे ने ब्लॉक प्रमुख के खिलाफ डीएम को अविश्वास प्रस्ताव का पत्र सौंप दिया।
बता दें कि सिकंदराबाद ब्लॉक प्रमुख पद दो नेताओं के बीच राजनीतिक वर्चस्व का मुद्द बना हुआ है। सात फरवरी 2016 को पुष्पेंद्र भाटी सिकंदराबाद ब्लाक प्रमुख चुने गए थे। पुष्पेंद्र भाटी को समाजवादी पार्टी का समर्थन प्राप्त था। 2017 में भाजपा की सरकार बनते ही विरोधियों ने पुष्पेंद्र भाटी की घेराबंदी शुरू कर दी थी। 20 अप्रैल 2018 को पुष्पेंद्र भाटी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पास होने पर उन्हें ब्लॉक प्रमुख की कुर्सी छोडनी पड़ी थी। 15 सितंबर 2018 में हुए उपचुनाव में मनीष भाटी ने रविता भाटी को हराकर ब्लॉक प्रमुख पद पर कब्जा कर लिया। मनीष भाटी को भाजपा का समर्थन प्राप्त था। मनीष भाटी के ब्लॉक प्रमुख चुने जाने के बाद से ही विपक्षी अविश्वास प्रस्ताव के लिए कोरम पूरा होने का इंतजार कर रहे थे। एक वर्ष पूर्ण होते ही विपक्षियों ने पूर्व ब्लॉक प्रमुख पुष्पेंद्र भाटी के नेतृत्व में बृहस्पतिवार को ब्लॉक प्रमुख मनीष भाटी के खिलाफ डीएम को अविश्वास प्रस्ताव पत्र सौंप दिया। पुष्पेंद्र भाटी ने बताया कि अविश्वास पत्र पर 143 बीडीसी सदस्यों में 96 बीडीसी सदस्यों के हस्ताक्षर है। सभी सदस्यों ने अपने एफीडेविड भी जमा किए है।
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ब्लॉक प्रमुख मनीष भाटी ने बताया कि उन्होंने अपने कार्यकाल में क्षेत्र का विकास कराया है। राजनीतिक द्वेष के चलते कुछ लोगों उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का षडयंत्र रच रहे हैं। ऐसे लोग बिलकुल सफल नहीं होंगे। बताया कि अविश्वास प्रस्ताव पत्र पर हस्ताक्षर करने वाले 96 बीडीसी सदस्यों में से 38 बीडीसी सदस्यों के लगातार तीन मीटिंगों में भाग नहीं लेने के कारण सदस्यता निरस्त हो चुकी है।
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