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हादसों को न्योता दे रहे गन्ने से भरे ओवर लोड ट्रक
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हादसों को न्योता दे रहे गन्ने से भरे ओवर लोड ट्रक
बीबीनगर। सड़क पर दौड़ रहे गन्ने से भरे ओवरलोड ट्रक हादसों को न्यौता दे रहे हैं। प्रशासन भी आखें मूंदे हुुए है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन इन ट्रकों के खिलाफ कार्रवाई करता तो आज योगेंद्र और सुमन जिंदा होते। खास बात यह है कि सड़क पर दौड़ रहे गन्ने से भरे अधिकांश ट्रकों पर रजिस्ट्रेशन नंबर भी नहीं लिखा हुआ है, जिससे प्रशासन की मिली भगत सामने आ रही है।
बीबीनगर थाना क्षेत्र में दर्जन भर से ज्यादा गन्ना क्रय केंद्र बने हुए है। जिन पर गन्ने की ढुलाई का कार्य बडे़ बड़े ट्रकों से किया जाता है। बुधवार को ट्रकाें पर रजिस्ट्रेशन नंबर न होने की शिकायत पर पड़ताल की गई तो अनेकों ट्रकों पर नंबर ही गायब मिले तथा अनेकों ट्रकों पर नंबर प्लेट पीले रंग से पुती हुई मिली जिनपर कोई नंबर अंकित नही था। ट्रकों में क्षमता से अधिक गन्ना भर कर सड़कों पर दौड़ रहे ट्रक वाहन चालकों की मौत के जिम्मेदार है। शिक्षक महावीर सिंह ने कहा कि बिना नंबर के दौड़ने वाले वाहनों पर प्रशासन को सख्ती से काम लेना चाहिए। यदि ट्रक में गन्ने क्षमता के अनुरूप रहेगें तो हादसों को रोका जा सकता है। अधिकांश ट्रक बिना फिटनेस व बिना पंजीकृत चालक के चलाए जा रहे हैं, जिन्हें रोका जाना अत्यंत आवश्यक है। स्थानीय निवासियों ने बताया कि जिस स्थान पर दंपती को ट्रक ने रौंदा है, वहां पूर्व में भी अनेकों घटनाएं हो चुकी है। ग्रामीणों ने कई बार प्रशासन से गुहार लगाई थी, लेकिन नतीजा कुछ नही निकला। यदि पुलिस और प्रशासन समय रहते इन पर कार्रवाई करता तो आज तीनों बच्चों के सिर से एक साथ उनके माता-पिता का साया न उठता।
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बीबीनगर। सड़क पर दौड़ रहे गन्ने से भरे ओवरलोड ट्रक हादसों को न्यौता दे रहे हैं। प्रशासन भी आखें मूंदे हुुए है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन इन ट्रकों के खिलाफ कार्रवाई करता तो आज योगेंद्र और सुमन जिंदा होते। खास बात यह है कि सड़क पर दौड़ रहे गन्ने से भरे अधिकांश ट्रकों पर रजिस्ट्रेशन नंबर भी नहीं लिखा हुआ है, जिससे प्रशासन की मिली भगत सामने आ रही है।
बीबीनगर थाना क्षेत्र में दर्जन भर से ज्यादा गन्ना क्रय केंद्र बने हुए है। जिन पर गन्ने की ढुलाई का कार्य बडे़ बड़े ट्रकों से किया जाता है। बुधवार को ट्रकाें पर रजिस्ट्रेशन नंबर न होने की शिकायत पर पड़ताल की गई तो अनेकों ट्रकों पर नंबर ही गायब मिले तथा अनेकों ट्रकों पर नंबर प्लेट पीले रंग से पुती हुई मिली जिनपर कोई नंबर अंकित नही था। ट्रकों में क्षमता से अधिक गन्ना भर कर सड़कों पर दौड़ रहे ट्रक वाहन चालकों की मौत के जिम्मेदार है। शिक्षक महावीर सिंह ने कहा कि बिना नंबर के दौड़ने वाले वाहनों पर प्रशासन को सख्ती से काम लेना चाहिए। यदि ट्रक में गन्ने क्षमता के अनुरूप रहेगें तो हादसों को रोका जा सकता है। अधिकांश ट्रक बिना फिटनेस व बिना पंजीकृत चालक के चलाए जा रहे हैं, जिन्हें रोका जाना अत्यंत आवश्यक है। स्थानीय निवासियों ने बताया कि जिस स्थान पर दंपती को ट्रक ने रौंदा है, वहां पूर्व में भी अनेकों घटनाएं हो चुकी है। ग्रामीणों ने कई बार प्रशासन से गुहार लगाई थी, लेकिन नतीजा कुछ नही निकला। यदि पुलिस और प्रशासन समय रहते इन पर कार्रवाई करता तो आज तीनों बच्चों के सिर से एक साथ उनके माता-पिता का साया न उठता।
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