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यूपी के बुलंदशहर जिला पंचायत राज अधिकारी पर रिपोर्ट दर्ज, जांच शुरू
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amar ujala
- फोटो : amar ujala
यूपी के बुलंदशहर जिला पंचायत राज अधिकारी पर रिपोर्ट दर्ज, जांच शुरू
बुलंदशहर। जिला पंचायत राज विभाग में राज अधिकारी के पद पर तैनात रहे परवेज आलम के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने भी जांच शुरू कर दी है। सूत्रों की मानें तो विजिलेंस मेरठ ने शासन को अपनी रिपोर्ट दे दी है। अब बुलंदशहर पुलिस की भी एक रिपोर्ट शासन को जांचोपरांत भेजी जाएगी। इसके बाद परवेज आलम की संपत्ति की भी जांच की जाएगी।
बुलंदशहर में परवेज आलम जुलाई 2013 से जुलाई 2015 तक जिला पंचायत राज अधिकारी के पद पर रहे थे। अब वह आगरा में उप निदेशक है। मेरठ विजिलेंस के इंस्पेक्टर संजय शर्मा के द्वारा कराई गई एफआईआर के अनुसार, परवेज आलम ने बुलंदशहर में रहते हुए कमसार फार्मर प्राइवेट लिमिटेड के नाम से एक कंपनी खोली। इस कंपनी के नाम पर रामपुर जिले के शाहबाद कस्बे में 100 बीघा जमीन करोड़ों में खरीदी गई। कंपनी में पत्नी नसीमा खां को डायरेक्टर बनाया। वहीं, ससुर फय्याद अहमद, बहन फरजाना शबनम, भाई इमरान अख्तर, जावेद असलम को अधिकारी बनाया गया था। मामले की जांच कर रही मेरठ विजिलेंस की टीम ने जांच में उन्हें आरोपी मानते हुए उनके खिलाफ नगर कोतवाली में बीते दिनों एफआईआर दर्ज करा दी थी। सूत्रों की मानें तो विजिलेंस टीम शासन को अपनी रिपोर्ट भेज चुकी है। वहीं, अब नगर कोतवाली पुलिस को गोपनीय रूप से आदेश दिया गया है कि परवेज आलम के पास जमीन खरीदने के लिए पैसा कहां से आया। यह जांच करके शासन को रिपोर्ट भेजनी होगी। हालांकि विजिलेंस की प्रथम दृष्टया रिपोर्ट में बताया गया है कि परवेज आलम ने अवैध रूप से धन कमाया और जमीन खरीदी गई। यदि उनकी संपत्ति की जांच होती है तो शासन स्तर से बड़ी कार्रवाई की जा सकती है।
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विजिलेंस के इंस्पेक्टर संजय शर्मा ने जो मुकदमा दर्ज कराया है। अब उसकी जांच शुरू कर दी गई है। यह जांच पूरी करने के बाद शासन को एक रिपोर्ट जाएगी। इसके बाद शासन स्तर से आगे की कार्रवाई के लिए ही आदेश आएगा। -अरुणा राय, नगर कोतवाल
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बुलंदशहर। जिला पंचायत राज विभाग में राज अधिकारी के पद पर तैनात रहे परवेज आलम के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने भी जांच शुरू कर दी है। सूत्रों की मानें तो विजिलेंस मेरठ ने शासन को अपनी रिपोर्ट दे दी है। अब बुलंदशहर पुलिस की भी एक रिपोर्ट शासन को जांचोपरांत भेजी जाएगी। इसके बाद परवेज आलम की संपत्ति की भी जांच की जाएगी।
बुलंदशहर में परवेज आलम जुलाई 2013 से जुलाई 2015 तक जिला पंचायत राज अधिकारी के पद पर रहे थे। अब वह आगरा में उप निदेशक है। मेरठ विजिलेंस के इंस्पेक्टर संजय शर्मा के द्वारा कराई गई एफआईआर के अनुसार, परवेज आलम ने बुलंदशहर में रहते हुए कमसार फार्मर प्राइवेट लिमिटेड के नाम से एक कंपनी खोली। इस कंपनी के नाम पर रामपुर जिले के शाहबाद कस्बे में 100 बीघा जमीन करोड़ों में खरीदी गई। कंपनी में पत्नी नसीमा खां को डायरेक्टर बनाया। वहीं, ससुर फय्याद अहमद, बहन फरजाना शबनम, भाई इमरान अख्तर, जावेद असलम को अधिकारी बनाया गया था। मामले की जांच कर रही मेरठ विजिलेंस की टीम ने जांच में उन्हें आरोपी मानते हुए उनके खिलाफ नगर कोतवाली में बीते दिनों एफआईआर दर्ज करा दी थी। सूत्रों की मानें तो विजिलेंस टीम शासन को अपनी रिपोर्ट भेज चुकी है। वहीं, अब नगर कोतवाली पुलिस को गोपनीय रूप से आदेश दिया गया है कि परवेज आलम के पास जमीन खरीदने के लिए पैसा कहां से आया। यह जांच करके शासन को रिपोर्ट भेजनी होगी। हालांकि विजिलेंस की प्रथम दृष्टया रिपोर्ट में बताया गया है कि परवेज आलम ने अवैध रूप से धन कमाया और जमीन खरीदी गई। यदि उनकी संपत्ति की जांच होती है तो शासन स्तर से बड़ी कार्रवाई की जा सकती है।
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विजिलेंस के इंस्पेक्टर संजय शर्मा ने जो मुकदमा दर्ज कराया है। अब उसकी जांच शुरू कर दी गई है। यह जांच पूरी करने के बाद शासन को एक रिपोर्ट जाएगी। इसके बाद शासन स्तर से आगे की कार्रवाई के लिए ही आदेश आएगा। -अरुणा राय, नगर कोतवाल
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