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जीपीएफ घोटाला: टीजी-2 भी उतरे मैदान में, घेरा चीफ कार्यालय
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amar ujala
- फोटो : amar ujala
जीपीएफ घोटाला: टीजी-2 भी उतरे मैदान में, घेरा चीफ कार्यालय
बुलंदशहर। जीपीएफ और सीपीएफ घोटाले के विरोध में टीजी-2 भी मैदान में उतर गए हैं। बिजली बोर्ड एंप्लाइज यूनियन के बैनर तले सभी ने चीफ कार्यालय का घेराव किया और हड़ताल को अपना समर्थन दिया। सभी ने एक सुर में ऊर्जा मंत्री पर निशाना साधते हुए कर्मचारियों और अधिकारियों की भविष्य निधि की रकम को वापस ट्रस्ट में डलवाने की मांग की।
शुक्रवार को यूपी बिजली बोर्ड एंप्लाइज यूनियन की ओर से जारी हड़ताल का टीजी-2 ने भी अपना समर्थन दिया। महासचिव सुरेंद्र सिंह ने कहा कि प्रदेश के ऊर्जा मंत्री स्वयं को चौकीदार घोषित करते हुए घूम रहे थे। बिजली कर्मचारियों के भविष्य निधि ट्रस्ट का 26 अरब से अधिक रुपया उन्होंने डीएचएफएल नामक घोटालेबाज कंपनी को अपनी देखरेख में दे दिया है। प्रदेश का बिजली कर्मचारी उनके दरवाजे पर खड़ा होकर अपना पैसा मांग रहा है, वहीं इस मामले में ऊर्जा मंत्री की बोलती बंद हो गई है। जेई संघ के क्षेत्रीय अध्यक्ष आरसी द्विवेदी ने कहा कि डीएचएफएल एक धोखेबाज कंपनी है। यह कहते हुए मुंबई हाईकोर्ट ने उसके खातों पर रोक लगा दी है। यदि कोई संज्ञान न लेता तो उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन का प्रबंधक मंडल इस घोटाले को लगातार करता रहता। इसलिए पावर कॉरपोरेशन का प्रबंध निदेशक और चेयरमैन अभी तक जांच के दायरे में भी नहीं लाए गए हैं। इस अवसर पर एक्सईएन जितेंद्र कुमार, संजय बघेल, ज्योति भास्कर सिंहा, डीवीएस नागर, विनोद कुमार, राकेश कुमार, मुृकेश कुमार आदि मौजूद रहे।
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बुलंदशहर। जीपीएफ और सीपीएफ घोटाले के विरोध में टीजी-2 भी मैदान में उतर गए हैं। बिजली बोर्ड एंप्लाइज यूनियन के बैनर तले सभी ने चीफ कार्यालय का घेराव किया और हड़ताल को अपना समर्थन दिया। सभी ने एक सुर में ऊर्जा मंत्री पर निशाना साधते हुए कर्मचारियों और अधिकारियों की भविष्य निधि की रकम को वापस ट्रस्ट में डलवाने की मांग की।
शुक्रवार को यूपी बिजली बोर्ड एंप्लाइज यूनियन की ओर से जारी हड़ताल का टीजी-2 ने भी अपना समर्थन दिया। महासचिव सुरेंद्र सिंह ने कहा कि प्रदेश के ऊर्जा मंत्री स्वयं को चौकीदार घोषित करते हुए घूम रहे थे। बिजली कर्मचारियों के भविष्य निधि ट्रस्ट का 26 अरब से अधिक रुपया उन्होंने डीएचएफएल नामक घोटालेबाज कंपनी को अपनी देखरेख में दे दिया है। प्रदेश का बिजली कर्मचारी उनके दरवाजे पर खड़ा होकर अपना पैसा मांग रहा है, वहीं इस मामले में ऊर्जा मंत्री की बोलती बंद हो गई है। जेई संघ के क्षेत्रीय अध्यक्ष आरसी द्विवेदी ने कहा कि डीएचएफएल एक धोखेबाज कंपनी है। यह कहते हुए मुंबई हाईकोर्ट ने उसके खातों पर रोक लगा दी है। यदि कोई संज्ञान न लेता तो उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन का प्रबंधक मंडल इस घोटाले को लगातार करता रहता। इसलिए पावर कॉरपोरेशन का प्रबंध निदेशक और चेयरमैन अभी तक जांच के दायरे में भी नहीं लाए गए हैं। इस अवसर पर एक्सईएन जितेंद्र कुमार, संजय बघेल, ज्योति भास्कर सिंहा, डीवीएस नागर, विनोद कुमार, राकेश कुमार, मुृकेश कुमार आदि मौजूद रहे।
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