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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bulandshahar News ›   Blood reports of patients were tampered with to admit them to the ICU

Bulandshahar News: आईसीयू में भर्ती करने के लिए मरीजों की ब्लड रिपोर्ट में होती थी छेड़छाड़

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 31 Oct 2025 10:31 PM IST
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बुलंदशहर। जिले के स्वास्थ्य विभाग ने आयुष्मान पैनल से जुड़े खुर्जा के नेशनल हॉस्पिटल में आयुष्मान मरीजों का फर्जीवाड़ा पकड़ा। जांच रिपोर्ट के अनुसार आईसीयू में मरीजों को भर्ती करने के लिए उनकी ब्लड रिपोर्ट से छेड़छाड़ की जाती थी। अस्पताल संचालक मरीजों को योजना का लाभ देने के बहाने बीमारी को बढ़ा देता और सामान्य मरीज को आईसीयू में दिखाकर फर्जीवाड़ा करता रहा। टीम ने दोनों बार जांच में अस्पताल के काउंटर से 50 के करीब आयुष्मान गोल्डन कार्ड बरामद किए लेकिन मौके पर 20 फीसदी मरीज ही मिले।
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खुर्जा के मुड़ाखेड़ा रोड स्थित नगलाकोठी पर संचालित नेशनल हॉस्पिटल एक से डेढ़ वर्ष पूर्व आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना से जुड़ा। वहां पर मरीजों को योजना के तहत भर्ती कर प्रतिमाह 120 से 150 लोगों का इलाज किया जा रहा था। दो माह पहले एक शिकायत के आधार पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर जाकर जांच की तो बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया।
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दो माह में तीन बार जांच में टीम ने सामान्य मरीजों को आईसीयू में भर्ती पाया। स्वास्थ्य अफसरों के अनुसार अस्पताल की पैथोलॉजी लैब में दो रजिस्टर मिले। इसमें एक में मरीजों की वास्तविक रिपोर्ट और दूसरे में गलत रिपोर्ट मिली। इनमें टीएलसी एवं अन्य जांच में बदलाव लिखा मिला। जांच में पता चला कि संचालक मरीजों की रिपोर्ट पैकेज के हिसाब से तैयार कर फर्जीवाड़ा कर रहा था। जिससे मरीजों को आईसीयू में भर्ती दिखाकर मोटी रकम ऐंठ सके। अफसरों ने संभावना जताई कि संचालक शेष रोगियों को समय-समय पर फोटो खींचने के लिए बुलाता रहा होगा।
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मरीजों की फाइल पर मिले अलग-अलग हस्ताक्षर
आयुष्मान मरीजों की फाइल पर एमडी मेडिसिन डॉ. अभिषेक शुक्ला नाम से हस्ताक्षर मिले जो सभी फाइलों पर अलग-अलग पाए गए। जबकि, हॉस्पिटल संंचालक सैफ अली आयुष्मान पोर्टल पर स्वयं को एमडी मेडिसिन बताकर फोटो अपलोड करता रहा। मौके पर कोई भी एमडी मेडिसिन, नर्सिंग स्टाफ एवं आईसीयू इंचार्ज नहीं मिले। इनकी जगह इंटरमीडिएट पास युवक मिले। आईसीयू में कोई भी मॉनीटर व वेंटीलेटर नहीं मिला। दीवारों पर सीलन पाई गई। मरीजों के बेड भी कम मिले।


आयुष्मान योजना के पैनल में शामिल नेशनल हॉस्पिटल की पैथोलॉजी लैब में भी फर्जीवाड़ा मिला। लैब में मरीजों को गलत रिपोर्ट जारी कर आईसीयू में भर्ती किया जाता था। जांच में प्रत्येक मरीज की एक सही और दूसरी गलत रिपोर्ट का डाटा मिला। प्रत्येक बार मौके पर भर्ती मरीजों से अधिक गोल्डन कार्ड पाए गए। हॉस्पिटल संचालक को मरीज भर्ती न करने एवं पैनल से हटाने के लिए साचीज को पत्र भेजा जा चुका है। - डॉ. सुनील कुमार दोहरे, सीएमओ
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