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संकट : निगेटिव ग्रुप का ब्लड खत्म, पॉजिटिव में 27 यूनिट बचा

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 09 May 2021 12:22 AM IST
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Blood crisis
संकट : निगेटिव ग्रुप का ब्लड खत्म, पॉजिटिव में 27 यूनिट बचा
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बुलंदशहर। एक तरफ जहां कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ रही हैं तो दूसरी ओर ब्लड बैंक में खून का संकट शुरू हो गया है। रक्तदान शिविर का आयोजन न होने से इस समय ब्लड बैंकों में जाने से दानदाता भी कतरा रहे हैं। स्थिति यह है कि ब्लड बैंक का रिजर्व स्टॉक भी खाली होने लगा है। वर्तमान में महज पॉजिटिव ग्रुप की 27 यूनिट ब्लड बचा है। जबकि निगेटिव ग्रुप का ब्लड खत्म हो चुका है। ऐसे में किसी आपात स्थिति से निपटने में समस्या आ सकती है।
जिला अस्पताल के ब्लड बैंक को फूल रखने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा काफी समय से कोई रक्तदान शिविर का आयोजन नहीं किया गया। समाजसेवी संस्था ही खुद जागरूक होकर रक्तदान का आयोजन करते रहे हैं। जिससे ब्लड बैंक में 40 यूनिट से अधिक रक्त की उपलब्धता रहती थी, लेकिन बीते डेढ़ माह से रक्तदान शिविर का आयोजन न होने से रक्तकोष खाली हो रहा है। जिम्मेदार भी रक्तदान शिविर का आयोजन न होने की बात तो स्वीकार कर रहे है लेकिन ब्लड जमा कराने का कोई प्रयास नही कर रहे है और न ही ठोस जवाब दे पा रहे हैं। वर्तमान में 200 यूनिट क्षमता वाले जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में महज 27 यूनिट रक्त बचा है। जबकि निगेटिव ग्रुप का ब्लड खत्म हो चुका है। ऐसे में कई जरूरतमंद मरीजों को रक्त नहीं मिल पाने से वो निजी ब्लड बैंक से ब्लड लेने को बाध्य हो रहे हैं।
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थैलेसीमिया समेत अन्य जरूरतमंदों को होगी परेशानी
ब्लड बैंक से थैलेसीमिया, एनिमिया समेत अन्य जरूरतमंद मरीजों को रक्त दिया जाता है। वर्तमान में ब्लड बैंक में सिर्फ 27 यूनिट रक्त बचा है। जो कि पॉजिटिव ग्रुप के है। ऐसे में अगर मरीजों को रक्त की जरूरत पड़ी तो परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
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ब्लड बैंक की स्थिति
ब्लड ग्रुप यूनिट
ए पॉजिटिव 07
बी पॉजिटिव 04
ओ पॉजिटिव 12
एबी पॉजिटिव 04
समय-समय पर उपलब्ध करा रहे डोनर
राष्ट्र चेतना मिशन के संयोजक हेमंत सिंह ने बताया कि अधिकांश लोग ब्लड बैंक से रक्त न मिलने पर उनसे संपर्क करते रहते हैं। मरीजों की जान बचाने को समय-समय पर डोनर उपलब्ध कराकर वह रक्तदान कराते रहते हैं। इन मरीजों से ब्लड देने के बदले कोई डोनर भी नहीं लिया जाता। संकट की इस घड़ी में दूसरों की मदद करने के लिए दानदाताओं को कदम आगे बढ़ाने की जरूरत हैं। अगर लोग स्वेच्छा से रक्तदान के लिए आगे आए तो ब्लड की कमी दूर हो सकती है।

कोट
रक्तदान शिविर का आयोजन न होने से ब्लड बैंक में रक्त की कमी हुई है। जल्द रक्तदान शिविर का आयोजन कर रक्त की कमी को दूर किया जाएगा। रक्तदान शिविर के बिना भी कोई भी व्यक्ति चिकित्सक की सलाह पर रक्तदान कर सता है। इसमें डरने की जरूरत नहीं हैं। रक्तदान करने से रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है। - डॉ. राजीव प्रसाद, सीएमएस
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