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Bulandshahar News: 40 हेक्टेयर में बनेगा जैव विविधता पार्क, छह करोड़ रुपये जारी
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बुलंदशहर। जिले को नमामि गंगे योजना से राजघाट में जैव विविधता पार्क बनाने की सौगात मिली है। 40 एकड़ भूमि में बनने वाले इस पार्क को विकसित करने के लिए छह करोड़ रुपये से अधिक की राशि भी प्राप्त हो गई है। इसके लिए वन विभाग ने जमीन चिह्नित कर काम शुरू करने की तैयारी लगभग पूरी कर ली है। डीएफओ के अनुसार इसका निर्माण जल्द पूरा करा लिया जाएगा।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार नरौरा क्षेत्र के रामघाट में बनने वाले इस जैव विविधता पार्क में नेजर ट्रेल, प्राकृतिक ग्रीन हट्स व गोल हट्स का भी निर्माण किया जाएगा। पक्षियों के लिए घोसले बनाए जाएंगे। साथ ही पर्यटकों के बैठने के लिए सुंदर हट्स, सीमेंट की बेच आदि लगाई जाएगी। पार्क में पक्षी बिहार बनाना भी प्रस्तावित है। तितली पार्क में झील बना कर तितलियों के अनुकूल अलग प्रजातियों के पेड़ पौधे भी लगाए जाएंगे। पार्क के अंदर अलग-अलग वाटिकाएं बनाई जाएंगी। जहां पर बेल, बरगद, आंवला, अशोक, पीपल, खैर, पतास, पीपल, गूलर, आंवला, शीशम, वनीला, बांस, बरगद पाकड, सीठा, बेल, अर्जुन, कमद, आम, महुवा सहित अन्य अनेक प्रकार पौधे रहेंगे। यह सभी पौधे मौसम के अनुकूल होंगे तो साथ ही प्राकृतिक हरियाली पर्यटकों को भी खूब लुभाएंगी। अन्य जरूरी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। इस पार्क के विकसित होने पर विद्यार्थियों और प्रकृति प्रेमियों को शोध कार्य करने में काफी फायदा होगा, जो यहां पर जैव विविधता के अलावा वनस्पति और औषधीय आदि पौधाें का अध्ययन कर सकेंगे।
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पार्क की शान बनेगा 500 वर्ष से अधिक पुराना बरगद का पेड़
डीएफओ के अनुसार इस जैव विविधता पार्क की शान 500 वर्ष पुराना बरगद का पेड़ बनेगा। इस पेड़ के चारों ओर ही पार्क के लिए 40 एकड़ जमीन चिह्नित की गई है। इस पेड़ का हाल ही में बॉटनिकल सर्वे ऑफ इंडिया प्रयागराज सेंटर के वैज्ञानिकों ने रोमानिया के वैज्ञानिकों के साथ मिलकर पता लगाने का दावा किया है। कार्बन डेटिंग के जरिए इसकी उम्र 500 वर्ष पाई गई है। जिस समय इस बरगद के पेड़ की उम्र का खुलासा किया था, उसी समय विभाग ने यहां पर पार्क बनाने का निर्णय लिया था। इसके लिए नमामि गंगे से मंजूरी के साथ राशि भी मिल गई है।
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रामघाट में बनने वाले जैव विविधता पार्क को विकसित करने के लिए तैयारी लगभग पूरी है। यह पार्क 500 साल पुराना बरगद के पेड़ की शान बनेगा। इस पेड़ को सुरक्षित रखने के लिए भी जरूरी काम किए जाएंगे। पार्क को जल्द विकसित कर लिया जाएगा। - विनीता सिंह, डीएफओ।
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वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार नरौरा क्षेत्र के रामघाट में बनने वाले इस जैव विविधता पार्क में नेजर ट्रेल, प्राकृतिक ग्रीन हट्स व गोल हट्स का भी निर्माण किया जाएगा। पक्षियों के लिए घोसले बनाए जाएंगे। साथ ही पर्यटकों के बैठने के लिए सुंदर हट्स, सीमेंट की बेच आदि लगाई जाएगी। पार्क में पक्षी बिहार बनाना भी प्रस्तावित है। तितली पार्क में झील बना कर तितलियों के अनुकूल अलग प्रजातियों के पेड़ पौधे भी लगाए जाएंगे। पार्क के अंदर अलग-अलग वाटिकाएं बनाई जाएंगी। जहां पर बेल, बरगद, आंवला, अशोक, पीपल, खैर, पतास, पीपल, गूलर, आंवला, शीशम, वनीला, बांस, बरगद पाकड, सीठा, बेल, अर्जुन, कमद, आम, महुवा सहित अन्य अनेक प्रकार पौधे रहेंगे। यह सभी पौधे मौसम के अनुकूल होंगे तो साथ ही प्राकृतिक हरियाली पर्यटकों को भी खूब लुभाएंगी। अन्य जरूरी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। इस पार्क के विकसित होने पर विद्यार्थियों और प्रकृति प्रेमियों को शोध कार्य करने में काफी फायदा होगा, जो यहां पर जैव विविधता के अलावा वनस्पति और औषधीय आदि पौधाें का अध्ययन कर सकेंगे।
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पार्क की शान बनेगा 500 वर्ष से अधिक पुराना बरगद का पेड़
डीएफओ के अनुसार इस जैव विविधता पार्क की शान 500 वर्ष पुराना बरगद का पेड़ बनेगा। इस पेड़ के चारों ओर ही पार्क के लिए 40 एकड़ जमीन चिह्नित की गई है। इस पेड़ का हाल ही में बॉटनिकल सर्वे ऑफ इंडिया प्रयागराज सेंटर के वैज्ञानिकों ने रोमानिया के वैज्ञानिकों के साथ मिलकर पता लगाने का दावा किया है। कार्बन डेटिंग के जरिए इसकी उम्र 500 वर्ष पाई गई है। जिस समय इस बरगद के पेड़ की उम्र का खुलासा किया था, उसी समय विभाग ने यहां पर पार्क बनाने का निर्णय लिया था। इसके लिए नमामि गंगे से मंजूरी के साथ राशि भी मिल गई है।
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रामघाट में बनने वाले जैव विविधता पार्क को विकसित करने के लिए तैयारी लगभग पूरी है। यह पार्क 500 साल पुराना बरगद के पेड़ की शान बनेगा। इस पेड़ को सुरक्षित रखने के लिए भी जरूरी काम किए जाएंगे। पार्क को जल्द विकसित कर लिया जाएगा। - विनीता सिंह, डीएफओ।