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946 ग्राम पंचायतों में बनाई जाएंगी बैंक सखी
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946 ग्राम पंचायतों में बनाई जाएंगी बैंक सखी
बुलंदशहर। ग्रामीण क्षेत्र में लोगों को बैंकिंग सुविधा आसानी से मिल सके, इसके लिए 946 ग्राम पंचायतों में बैंक सखी बनाई जाएंगी। शासन से आदेश मिलने के बाद विभागीय अधिकारियों ने तैयारी शुरू कर दी है।
शासन स्तर से ग्राम पंचायतों में मिनी सचिवालय की मुहिम के तहत विभिन्न कार्यों की शुरूआत की जा रही है। इसी क्रम में ग्रामीण क्षेत्र के लोगों और अन्य सरकारी योजनाओं में कार्यरत कर्मियों को बैंकिंग सुविधा मुहैया कराने के लिए राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत बैंक सखी बनाई जाएंगी। बैंक सखी को किसी एक बैंक से जोड़ा जाएगा। उसे एक डिवाइस और अन्य जरूरी उपकरण उपलब्ध करवाए जाएंगे। चयनित होने वाली बैंक सखी को खाता धारक की राशि जमा करने और निकासी के लिए प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
योजना का उद्देश्य
प्रत्येक गांव में ग्रामीणों को बैंकिंग की सुविधा मुहैया कराई जाएगी। ग्राम पंचायत के मनरेगा श्रमिकों, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, आवास निर्माण की धनराशि, महिला समूहों की बचत, ऋण के अलाव जमा और निकासी की सुविधा भी गांव में ही मिल सकेगी। इस सुविधा के शुरू होने पर खाता धारकों को बैंक जाने से निजात मिल जाएगी।
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बैंक सखी के जरिए ग्रामीण क्षेत्र में लेनदेन, नगद निकासी और अन्य सुविधाएं ग्रामीणों को दी जाएंगी। 946 ग्राम पंचायतों में बैंक सखी बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। - केएन पांडेय, अधिकारी, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन
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बुलंदशहर। ग्रामीण क्षेत्र में लोगों को बैंकिंग सुविधा आसानी से मिल सके, इसके लिए 946 ग्राम पंचायतों में बैंक सखी बनाई जाएंगी। शासन से आदेश मिलने के बाद विभागीय अधिकारियों ने तैयारी शुरू कर दी है।
शासन स्तर से ग्राम पंचायतों में मिनी सचिवालय की मुहिम के तहत विभिन्न कार्यों की शुरूआत की जा रही है। इसी क्रम में ग्रामीण क्षेत्र के लोगों और अन्य सरकारी योजनाओं में कार्यरत कर्मियों को बैंकिंग सुविधा मुहैया कराने के लिए राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत बैंक सखी बनाई जाएंगी। बैंक सखी को किसी एक बैंक से जोड़ा जाएगा। उसे एक डिवाइस और अन्य जरूरी उपकरण उपलब्ध करवाए जाएंगे। चयनित होने वाली बैंक सखी को खाता धारक की राशि जमा करने और निकासी के लिए प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
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योजना का उद्देश्य
प्रत्येक गांव में ग्रामीणों को बैंकिंग की सुविधा मुहैया कराई जाएगी। ग्राम पंचायत के मनरेगा श्रमिकों, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, आवास निर्माण की धनराशि, महिला समूहों की बचत, ऋण के अलाव जमा और निकासी की सुविधा भी गांव में ही मिल सकेगी। इस सुविधा के शुरू होने पर खाता धारकों को बैंक जाने से निजात मिल जाएगी।
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बैंक सखी के जरिए ग्रामीण क्षेत्र में लेनदेन, नगद निकासी और अन्य सुविधाएं ग्रामीणों को दी जाएंगी। 946 ग्राम पंचायतों में बैंक सखी बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। - केएन पांडेय, अधिकारी, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन