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Bulandshahar News: ठग की पहचान बताने वाले को ढाई लाख का इनाम देने की घोषणा
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बुलंदशहर। साइबर ठगी के एक मामले में मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी न होने से आहत पीड़ित ने गिरफ्तारी के लिए अनूठा कदम उठाया है। नगर कोतवाली क्षेत्र के एक व्यक्ति को लॉटरी का झांसा देकर लाखों रुपये ठगने वाले आरोपी की पहचान बताने वाले को पीड़ित ने ढाई लाख रुपये का नकद इनाम देने की घोषणा की है। यह घोषणा साइबर थाना पुलिस के माध्यम से की गई है। पुलिस के मुताबिक जानकारी देने वाले व्यक्ति की पहचान गुप्त रखी जाएगी।
नगर कोतवाली क्षेत्र के एक मोहल्ला निवासी पीड़ित व्यक्ति को शातिर साइबर ठगों ने वर्ष 2022 में फोन किया और उन्हें 1.25 करोड़ रुपये की लॉटरी लगने का झांसा दिया। लॉटरी के लालच में आकर पीड़ित उनकी बातों में आ गया। इसके बाद जून 2024 तक आरोपी साइबर ठगों ने लॉटरी की रकम दिलाने के नाम पर पीड़ित से लगातार पैसे ऐंठना शुरू कर दिया। कभी फाइल चार्ज के नाम पर तो कभी टैक्स के नाम पर आरोपी रकम हड़पते रहे।
पीड़ित ने अपनी गाढ़ी कमाई से लगभग 45 लाख रुपये आरोपियों को दे दिए। जब पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ तो उन्होंने अक्तूबर 2024 को साइबर क्राइम थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस जांच में यह सामने आया कि पीड़ित द्वारा कुल आठ लाख रुपये दिए जाने के साक्ष्य उपलब्ध हो सके थे। जांच और कार्रवाई के दौरान साइबर टीम ने इस गिरोह के आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। एक मुख्य आरोपी अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।
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साइबर सेल प्रभारी राम खिलाड़ी यादव ने कहा कि यदि किसी के पास इस फरार शातिर ठग से जुड़ी कोई भी जानकारी या पता हो तो वह तुरंत संपर्क करे। जानकारी देने वाले की पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी, ताकि वह बिना किसी डर के पुलिस की मदद कर सके।
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नगर कोतवाली क्षेत्र के एक मोहल्ला निवासी पीड़ित व्यक्ति को शातिर साइबर ठगों ने वर्ष 2022 में फोन किया और उन्हें 1.25 करोड़ रुपये की लॉटरी लगने का झांसा दिया। लॉटरी के लालच में आकर पीड़ित उनकी बातों में आ गया। इसके बाद जून 2024 तक आरोपी साइबर ठगों ने लॉटरी की रकम दिलाने के नाम पर पीड़ित से लगातार पैसे ऐंठना शुरू कर दिया। कभी फाइल चार्ज के नाम पर तो कभी टैक्स के नाम पर आरोपी रकम हड़पते रहे।
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पीड़ित ने अपनी गाढ़ी कमाई से लगभग 45 लाख रुपये आरोपियों को दे दिए। जब पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ तो उन्होंने अक्तूबर 2024 को साइबर क्राइम थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस जांच में यह सामने आया कि पीड़ित द्वारा कुल आठ लाख रुपये दिए जाने के साक्ष्य उपलब्ध हो सके थे। जांच और कार्रवाई के दौरान साइबर टीम ने इस गिरोह के आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। एक मुख्य आरोपी अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।
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साइबर सेल प्रभारी राम खिलाड़ी यादव ने कहा कि यदि किसी के पास इस फरार शातिर ठग से जुड़ी कोई भी जानकारी या पता हो तो वह तुरंत संपर्क करे। जानकारी देने वाले की पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी, ताकि वह बिना किसी डर के पुलिस की मदद कर सके।