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राकेश ने दिखाई सहफसली खेती से आय बढ़ाने की राह
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गांव एत्मादपुर में किसान राकेश सिरोही की सहफसली को देखते डीसीओ डीके सैनी।
- फोटो : BULANDSHAHR
राकेश ने दिखाई सहफसली खेती से आय बढ़ाने की राह
बुलंदशहर। जनपद के किसान राकेश सिरोही सहफसली खेती कर खुद की आय बढ़ाने के साथ दूसरों के लिए मिसाल साबित हो रहे हैं। राकेश ने ईंख के साथ बैंगन, लहसुन, टमाटर और सरसों आदि उगाए हैं। राकेश की ओर की गई इस पहल पर उन्हें कई सम्मान भी मिल चुके हैं।
किसान राकेश सिरोही अगौता ब्लॉक के गांव एत्मादपुर निवासी हैं। उनके पास दस एकड़ जमीन है, जिसमें वह सबसे अधिक गन्ने की खेती करते हैं। इसके साथ उन्हें सहफसली खेती की महारथ हासिल है। वह ईंख के साथ बैंगन, टमाटर, पत्ता गोभी, खरबूजा, लहसुन, सरसों और चुकंदर आदि की खेती भी करते हैं। राकेश ने बताया कि सहफसली खेती से किसान अधिक कमाई कर सकता है। मैंने एक साल में ईंख के साथ डेढ़ एकड़ में पत्ता गोभी की फसल कर पांच लाख का मुनाफा कमाया। आधा एकड़ भूमि में टमाटर उगाकर 11 हजार रुपये, एक एकड़ में बैंगन उजागर 22 हजार, पौन एकड़ में लहसुन उजागर 80 हजार, डेढ़ एकड़ भूमि में खरबूजा उगाहर 90 हजार और डेढ़ एकड़ भूमि में ईंख के साथ चुकंदर की खेती कर 90 हजार की कमाई है। इसी तरह पीली सरसों की फसल कर भी एक लाख से अधिक का मुनाफा लिया है। राकेश का यह भी कहना है कि यह सभी फसलें मैंने कोरोना काल के बीच की थी। यदि कोरोना काल नहीं होता तो इन सभी फसलों और अधिक आय प्राप्त की जा सकती थी। राकेश का कहना है कि यदि खेती को सही तरीके से किया जाए तो घाटा होने का कोई मतलब ही नहीं है। मैंने सहफसली खेती करने के लिए कई कृषि संस्थानाें में समय-समय पर प्रशिक्षण भी लिया है। यदि कोई किसान मेरे से सहफसली खेती करने की जानकारी लेना चाहता है तो वह अवश्य देंगे, ताकि दूसरे किसानों को भी फायदा मिल सके।
ईंख की फसल से किया रिकार्ड गन्ना उत्पादन
राकेश ईंख की खेती से भी रिकार्ड गन्ना उत्पादन प्राप्त कर चुके हैं। इस फसल से भी वह लाखों रुपये की आमदनी ले रहे हैं। वह प्रति एकड़ रिकार्ड 584 क्विंटल, जो करीब 95 क्विंटल प्रति बीघा के हिसाब से पैदावार कर रहे हैं। वह ईंख की फसल वैज्ञानिक तरीके और प्रशिक्षण लेकर कर रहे हैं। इसके अलावा गेहूं आदि फसलों से भी कमाई कर रहे हैं। उनके द्वारा की जा रही सहफसली को देखने के लिए दूसरे किसान और समय-समय पर कृषि वैज्ञानिक और अधिकारी भी देखने जाते रहते हैं।
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जिला स्तर से लखनऊ तक मिल चुका है सम्मान
किसान राकेश सिरोही द्वारा रिकार्ड गन्ना उत्पादन और सहफसली करने पर जिला स्तर से लेकर लखनऊ तक सम्मान मिल चुका है। रिकार्ड गन्ना उत्पादन पर उन्हें लखनऊ में सम्मान मिला था। जबकि जनपद स्तर भी कृषि विभाग की ओर से आयोजित होने वाले किसान मेलों में भी सहफसली खेती करने पर कई तरह के सम्मान मिल चुके हैं। राकेश किसान मेलों में अपने गन्ने आदि फसलों का भी प्रदर्शन कर दूसरे किसानों को जानकारी देने में भी पीछे नहीं रहते हैं।
गांव एत्मादपुर निवासी किसान राकेश सिरोही ईंख की फसल के साथ सहफसली खेती कर किसानों को आय बढ़ाने की राह दिखाने काम कर रहे हैं। यदि इसी तरह का तरीका दूसरे किसान अपनाए तो वह भी खेती से अधिक से अधिक कमाई कर सकते हैं। इस तरह की खेती करने के लिए विभाग की ओर से भी किसानों को समय-समय पर प्रशिक्षण दिया जाता है। आरपी चौधरी, उप कृषि निदेशक, बुलंदशहर
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बुलंदशहर। जनपद के किसान राकेश सिरोही सहफसली खेती कर खुद की आय बढ़ाने के साथ दूसरों के लिए मिसाल साबित हो रहे हैं। राकेश ने ईंख के साथ बैंगन, लहसुन, टमाटर और सरसों आदि उगाए हैं। राकेश की ओर की गई इस पहल पर उन्हें कई सम्मान भी मिल चुके हैं।
किसान राकेश सिरोही अगौता ब्लॉक के गांव एत्मादपुर निवासी हैं। उनके पास दस एकड़ जमीन है, जिसमें वह सबसे अधिक गन्ने की खेती करते हैं। इसके साथ उन्हें सहफसली खेती की महारथ हासिल है। वह ईंख के साथ बैंगन, टमाटर, पत्ता गोभी, खरबूजा, लहसुन, सरसों और चुकंदर आदि की खेती भी करते हैं। राकेश ने बताया कि सहफसली खेती से किसान अधिक कमाई कर सकता है। मैंने एक साल में ईंख के साथ डेढ़ एकड़ में पत्ता गोभी की फसल कर पांच लाख का मुनाफा कमाया। आधा एकड़ भूमि में टमाटर उगाकर 11 हजार रुपये, एक एकड़ में बैंगन उजागर 22 हजार, पौन एकड़ में लहसुन उजागर 80 हजार, डेढ़ एकड़ भूमि में खरबूजा उगाहर 90 हजार और डेढ़ एकड़ भूमि में ईंख के साथ चुकंदर की खेती कर 90 हजार की कमाई है। इसी तरह पीली सरसों की फसल कर भी एक लाख से अधिक का मुनाफा लिया है। राकेश का यह भी कहना है कि यह सभी फसलें मैंने कोरोना काल के बीच की थी। यदि कोरोना काल नहीं होता तो इन सभी फसलों और अधिक आय प्राप्त की जा सकती थी। राकेश का कहना है कि यदि खेती को सही तरीके से किया जाए तो घाटा होने का कोई मतलब ही नहीं है। मैंने सहफसली खेती करने के लिए कई कृषि संस्थानाें में समय-समय पर प्रशिक्षण भी लिया है। यदि कोई किसान मेरे से सहफसली खेती करने की जानकारी लेना चाहता है तो वह अवश्य देंगे, ताकि दूसरे किसानों को भी फायदा मिल सके।
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ईंख की फसल से किया रिकार्ड गन्ना उत्पादन
राकेश ईंख की खेती से भी रिकार्ड गन्ना उत्पादन प्राप्त कर चुके हैं। इस फसल से भी वह लाखों रुपये की आमदनी ले रहे हैं। वह प्रति एकड़ रिकार्ड 584 क्विंटल, जो करीब 95 क्विंटल प्रति बीघा के हिसाब से पैदावार कर रहे हैं। वह ईंख की फसल वैज्ञानिक तरीके और प्रशिक्षण लेकर कर रहे हैं। इसके अलावा गेहूं आदि फसलों से भी कमाई कर रहे हैं। उनके द्वारा की जा रही सहफसली को देखने के लिए दूसरे किसान और समय-समय पर कृषि वैज्ञानिक और अधिकारी भी देखने जाते रहते हैं।
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जिला स्तर से लखनऊ तक मिल चुका है सम्मान
किसान राकेश सिरोही द्वारा रिकार्ड गन्ना उत्पादन और सहफसली करने पर जिला स्तर से लेकर लखनऊ तक सम्मान मिल चुका है। रिकार्ड गन्ना उत्पादन पर उन्हें लखनऊ में सम्मान मिला था। जबकि जनपद स्तर भी कृषि विभाग की ओर से आयोजित होने वाले किसान मेलों में भी सहफसली खेती करने पर कई तरह के सम्मान मिल चुके हैं। राकेश किसान मेलों में अपने गन्ने आदि फसलों का भी प्रदर्शन कर दूसरे किसानों को जानकारी देने में भी पीछे नहीं रहते हैं।
गांव एत्मादपुर निवासी किसान राकेश सिरोही ईंख की फसल के साथ सहफसली खेती कर किसानों को आय बढ़ाने की राह दिखाने काम कर रहे हैं। यदि इसी तरह का तरीका दूसरे किसान अपनाए तो वह भी खेती से अधिक से अधिक कमाई कर सकते हैं। इस तरह की खेती करने के लिए विभाग की ओर से भी किसानों को समय-समय पर प्रशिक्षण दिया जाता है। आरपी चौधरी, उप कृषि निदेशक, बुलंदशहर