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Bulandshahar News: ऑनलाइन बिजनेस के नाम पर शिकारपुर के युवक से 22.50 लाख रुपये की ठगी
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बुलंदशहर। जिले में साइबर ठगी का बड़ा मामला सामने आया है। शिकारपुर क्षेत्र के एक युवक को फेसबुक के माध्यम से मिली एक महिला ने पहले ऑनलाइन स्टोर अपना बाजार का झांसा दिया। इसके बाद मनी लॉन्ड्रिंग में फंसाने और कार्रवाई की धमकी देकर 22.50 लाख रुपये ऐंठ लिए। पीड़ित ने थाना साइबर क्राइम में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
शिकारपुर कोतवाली क्षेत्र निवासी पीड़ित व्यक्ति ने थाना साइबर क्राइम में रिपोर्ट दर्ज कराई। बताया कि छह अगस्त 2025 को फेसबुक के माध्यम से अनिका शर्मा नामक एक महिला ने उनसे संपर्क किया और ऑनलाइन स्टोर शुरू करने के संबंध में जानकारी दी। महिला ने उन्हें बताया कि यह कंपनी यूएसए में स्थित है। इसके बाद आरोपी महिला ने उनका अपना बाजार नाम से ऑनलाइन स्टोर शुरू कराने की बात कही।
इसी क्रम में आरोपियों ने पीड़ित का अकाउंट शुरू करवाया और यूपीआई के माध्यम से पहला ट्रांजेक्शन कराकर बताया गया कि उनका बिजनेस शुरू हो गया है। इसके बाद अगले सात-आठ दिनों में अलग-अलग खातों में रुपये ट्रांसफर कराए गए और उनसे एक लाख रुपये का फायदा होने की बात कही गई जिससे उनका भरोसा बढ़ गया।
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आरोप है कि इसके बाद 24 अगस्त को अचानक उनका ऑनलाइन स्टोर और अकाउंट बंद कर दिया गया। अकाउंट दोबारा खोलने के लिए आरोपियों ने पीड़ित से तीन लाख रुपये जमा कराने के लिए कहा। पीड़ित ने बताया कि जब उन्होंने रुपये देने से मना किया तो आरोपियों ने उन्हें मनी लाॅड्रिंग में फंसाने का डर दिखाया और विभिन्न तरीकों से कुल 22.50 लाख रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करा लिए।
इसके बाद भी आरोपियों ने दस लाख रुपये जमा न करने पर कानूनी कार्रवाई की धमकी दी। जब लगातार धमकियां मिलती रहीं और रुपये लिए जाते रहे, तब जाकर उन्हें ठगी का अहसास हुआ। थाना साइबर क्राइम पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली है। थाना प्रभारी ने बताया कि साइबर टीम की मदद से जांच की जा रही है। आरोपियों की तलाश के लिए तकनीकी साक्ष्यों को खंगाला जा रहा है।
ऐसे करें साइबर ठगी से बचाव
1. किसी भी अनजान व्यक्ति, खासकर जो आपको बड़े मुनाफे या व्यापार का लालच दे, उससे तुरंत दोस्ती स्वीकार न करें।
2. किसी भी व्यक्ति को फोन पर या ऑनलाइन अपना बैंक अकाउंट नंबर, यूपीआई पिन, ओटीपी, क्रेडिट/डेबिट कार्ड डिटेल्स या अन्य संवेदनशील जानकारी न दें।
3. बैंक या कोई भी प्रतिष्ठित संस्था कभी भी फोन या ईमेल पर यह जानकारी नहीं मांगती।
3. यदि कोई ऑनलाइन व्यापार, स्टोर या निवेश बहुत कम समय में बड़ा मुनाफा देने का वादा करता है तो यह निश्चित रूप से ठगी है।
4. साइबर ठग अक्सर पहले छोटे निवेश पर मुनाफा दिखाकर भरोसा जीतते हैं, एक बार जब आप बड़ा निवेश करते हैं तो आरोपी पैसे लेकर गायब हो जाते हैं।
5. किसी भी ऑनलाइन स्टोर या कंपनी के साथ जुड़ने से पहले, उसकी वेबसाइट, रजिस्ट्रेशन और लोगों की समीक्षा को अच्छी तरह से जांच लें।
6. खासकर यदि वे खुद को विदेशी कंपनी बताते हैं तो और भी सतर्क रहें।
6. डरने के बजाए कानूनी सलाह लें, ठग अक्सर पीड़ित को डराने के लिए मनी लॉन्ड्रिंग या अन्य कानूनी कार्रवाई में फंसाने की धमकी देते हैं।
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शिकारपुर कोतवाली क्षेत्र निवासी पीड़ित व्यक्ति ने थाना साइबर क्राइम में रिपोर्ट दर्ज कराई। बताया कि छह अगस्त 2025 को फेसबुक के माध्यम से अनिका शर्मा नामक एक महिला ने उनसे संपर्क किया और ऑनलाइन स्टोर शुरू करने के संबंध में जानकारी दी। महिला ने उन्हें बताया कि यह कंपनी यूएसए में स्थित है। इसके बाद आरोपी महिला ने उनका अपना बाजार नाम से ऑनलाइन स्टोर शुरू कराने की बात कही।
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इसी क्रम में आरोपियों ने पीड़ित का अकाउंट शुरू करवाया और यूपीआई के माध्यम से पहला ट्रांजेक्शन कराकर बताया गया कि उनका बिजनेस शुरू हो गया है। इसके बाद अगले सात-आठ दिनों में अलग-अलग खातों में रुपये ट्रांसफर कराए गए और उनसे एक लाख रुपये का फायदा होने की बात कही गई जिससे उनका भरोसा बढ़ गया।
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आरोप है कि इसके बाद 24 अगस्त को अचानक उनका ऑनलाइन स्टोर और अकाउंट बंद कर दिया गया। अकाउंट दोबारा खोलने के लिए आरोपियों ने पीड़ित से तीन लाख रुपये जमा कराने के लिए कहा। पीड़ित ने बताया कि जब उन्होंने रुपये देने से मना किया तो आरोपियों ने उन्हें मनी लाॅड्रिंग में फंसाने का डर दिखाया और विभिन्न तरीकों से कुल 22.50 लाख रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करा लिए।
इसके बाद भी आरोपियों ने दस लाख रुपये जमा न करने पर कानूनी कार्रवाई की धमकी दी। जब लगातार धमकियां मिलती रहीं और रुपये लिए जाते रहे, तब जाकर उन्हें ठगी का अहसास हुआ। थाना साइबर क्राइम पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली है। थाना प्रभारी ने बताया कि साइबर टीम की मदद से जांच की जा रही है। आरोपियों की तलाश के लिए तकनीकी साक्ष्यों को खंगाला जा रहा है।
ऐसे करें साइबर ठगी से बचाव
1. किसी भी अनजान व्यक्ति, खासकर जो आपको बड़े मुनाफे या व्यापार का लालच दे, उससे तुरंत दोस्ती स्वीकार न करें।
2. किसी भी व्यक्ति को फोन पर या ऑनलाइन अपना बैंक अकाउंट नंबर, यूपीआई पिन, ओटीपी, क्रेडिट/डेबिट कार्ड डिटेल्स या अन्य संवेदनशील जानकारी न दें।
3. बैंक या कोई भी प्रतिष्ठित संस्था कभी भी फोन या ईमेल पर यह जानकारी नहीं मांगती।
3. यदि कोई ऑनलाइन व्यापार, स्टोर या निवेश बहुत कम समय में बड़ा मुनाफा देने का वादा करता है तो यह निश्चित रूप से ठगी है।
4. साइबर ठग अक्सर पहले छोटे निवेश पर मुनाफा दिखाकर भरोसा जीतते हैं, एक बार जब आप बड़ा निवेश करते हैं तो आरोपी पैसे लेकर गायब हो जाते हैं।
5. किसी भी ऑनलाइन स्टोर या कंपनी के साथ जुड़ने से पहले, उसकी वेबसाइट, रजिस्ट्रेशन और लोगों की समीक्षा को अच्छी तरह से जांच लें।
6. खासकर यदि वे खुद को विदेशी कंपनी बताते हैं तो और भी सतर्क रहें।
6. डरने के बजाए कानूनी सलाह लें, ठग अक्सर पीड़ित को डराने के लिए मनी लॉन्ड्रिंग या अन्य कानूनी कार्रवाई में फंसाने की धमकी देते हैं।