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लाश देख पब्लिक ने बोला हल्ला तो कांप उठे अफसर
Bulandshahr
Updated Thu, 19 Sep 2013 05:38 AM IST
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d अमर उजाला ब्यूरो
खुर्जा। दाऊजी मेले में मंगलवार रात परिजनों से बिछड़ी एक किशोरी की लाश देखकर घरवालों और ग्रामीणों का गुस्सा उबल पड़ा। उन्हें पुलिस पर भी गुस्सा आया कि अगर वह समय रहते किशोरी की खोजबीन करती तो शायद उसे जान नहीं गंवानी पड़ती। गुस्साए लोग लाठी-डंडे लेकर सड़कों पर आ गए। बाजार बंद हो गए, जाम लग गया और लोग धरने पर बैठ गए। भीड़ का आक्रोश देख पुलिस और प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। अधिकारियों ने तीन दिन में हत्या के खुलासे का आश्वासन देकर पांच घंटे बाद जाम खुलवाया। पुलिस सूत्रों का कहना है कि मामले में ऑनर किलिंग की आशंका है, लेकिन अफसर खामोश है।
मोहल्ला निवासी 11 वर्षीय किशोरी मंगलवार रात मामा और घर के बच्चों के साथ दाऊजी मेला गई थी। रास्ते में जैन मंदिर के पास मामा पानी पीने लगा इस बीच किशोरी लापता हो गई। मेले में माइक से घोषणा कराने के बाद परिजन देर रात कोतवाली पहुंचे। पुलिस ने सुबह आने की बात कहकर उन्हें टरका दिया। बुधवार सुबह किशोरी का शव दाऊजी मंदिर के पीछे एक पेड़ पर लटका मिला। यह देख परिजनों में कोहराम मच गया। पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए गुस्साई भीड़ और परिजन हाथों में लाठी-डंडे लेकर सड़क पर उतर गाए। भीड़ ने जबरन बाजार बंद कराया और प्रदर्शन करते हुए झाझर, अलीगढ़, खुर्जा मार्ग पर सुबह नौ बजे से लेकर दोपहर ढाई बजे तक जाम लगाकर हंगामा किया। यह देख प्रशासन में हड़कंप मच गया। एसपी देहात गौतमबुद्धनगर ब्रजेश कुमार, एसडीएम अंजू लता, सीओ अरविंद कुमार ने वार्ता कर तीन दिन में हत्याकांड के खुलासे का आश्वासन दिया। किशोरी के मामा ने अज्ञात के खिलाफ अगवा कर गैंगेरप और हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है।
पुलिस लापरवाही बनी सबब किशोरी के लापता होने पर परिजन देर रात कोतवाली में शिकायत करने पहुंचे थे, लेकिन पुलिस ने सुबह आने की कहकर परिजनों को टरका दिया। पुलिस समय रहते परिजनों की शिकायत को गंभीरता से लेती तो जान बच सकती थी। बुधवार को परिजन और सैकड़ों लोगों की भीड़ एसएचओ अश्विन कुमार को निलंबित करने की मांग कर रही थी।
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ननिहाल में रह रही थी किशोरी
मृतक किशोरी जेवर में अपनी ननिहाल में रहकर कक्षा सात में पढ़ रही थी। उसके मां-बाप के बीच विवाद चल रहा है। उसके पिता फरीदाबाद में टेलर हैं और मां गाजियाबाद में प्राइवेट नौकरी करती है। बुधवार को बेटी की हत्या की खबर सुनकर पहुंचे मां-बाप के आंसू थमने का नाम नही ले रहे थे। मां तो गश खाकर कई बार गिरी।
यमुना एक्सप्रेस-वे पर भीड़
किशोरी की हत्या से गुस्साए लोगों ने नगर के बाहर जाने वाले अलीगढ़-खुर्जा समेत तीनों मार्गों पर जाम लगाकर जमकर हंगामा बरपाया। आक्रोशित लोगों की भीड़ यमुना एक्सप्रेस वे पर भी जाम लगाने पहुंच गई, लेकिन पुलिस ने किसी प्रकार भीड़ को समझा कर हाईवे पर जाने से रोका। इसके बाद भी लोगों का गुस्सा शांत नहीं हुआ।
जेवर छावनी में तब्दील
किशोरी की हत्या से भीड़ का आक्रोश देख नोएडा समेत आसपास थानों से पुलिस बल बुलाकर पूरे नगर को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। इसके अलावा नगर में एक कंपनी सीआरपीएफ भी तैनात कर दी गई है। आंदोलन में भाकियू और राकियू नेताओं के शामिल होने से प्रशासन की माथे पर बल पड़ गए हैं।
कोट्स
आरोपियाें का सुराग लगाने के लिए कई टीमें लगाई गई हैं। शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। देर रात परिजन कोतवाली आए थे, पुलिस और परिजन दोनों किशोरी को खोजते रहे। परिजनों से किशोरी नहीं मिलने पर मुकदमा दर्ज करने को कहा गया था। पुलिस ने लापरवाही नहीं बरती है।
- डॉ. बृजेश कुमार, एसपी देहात गौतमबुद्धनगर
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खुर्जा। दाऊजी मेले में मंगलवार रात परिजनों से बिछड़ी एक किशोरी की लाश देखकर घरवालों और ग्रामीणों का गुस्सा उबल पड़ा। उन्हें पुलिस पर भी गुस्सा आया कि अगर वह समय रहते किशोरी की खोजबीन करती तो शायद उसे जान नहीं गंवानी पड़ती। गुस्साए लोग लाठी-डंडे लेकर सड़कों पर आ गए। बाजार बंद हो गए, जाम लग गया और लोग धरने पर बैठ गए। भीड़ का आक्रोश देख पुलिस और प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। अधिकारियों ने तीन दिन में हत्या के खुलासे का आश्वासन देकर पांच घंटे बाद जाम खुलवाया। पुलिस सूत्रों का कहना है कि मामले में ऑनर किलिंग की आशंका है, लेकिन अफसर खामोश है।
मोहल्ला निवासी 11 वर्षीय किशोरी मंगलवार रात मामा और घर के बच्चों के साथ दाऊजी मेला गई थी। रास्ते में जैन मंदिर के पास मामा पानी पीने लगा इस बीच किशोरी लापता हो गई। मेले में माइक से घोषणा कराने के बाद परिजन देर रात कोतवाली पहुंचे। पुलिस ने सुबह आने की बात कहकर उन्हें टरका दिया। बुधवार सुबह किशोरी का शव दाऊजी मंदिर के पीछे एक पेड़ पर लटका मिला। यह देख परिजनों में कोहराम मच गया। पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए गुस्साई भीड़ और परिजन हाथों में लाठी-डंडे लेकर सड़क पर उतर गाए। भीड़ ने जबरन बाजार बंद कराया और प्रदर्शन करते हुए झाझर, अलीगढ़, खुर्जा मार्ग पर सुबह नौ बजे से लेकर दोपहर ढाई बजे तक जाम लगाकर हंगामा किया। यह देख प्रशासन में हड़कंप मच गया। एसपी देहात गौतमबुद्धनगर ब्रजेश कुमार, एसडीएम अंजू लता, सीओ अरविंद कुमार ने वार्ता कर तीन दिन में हत्याकांड के खुलासे का आश्वासन दिया। किशोरी के मामा ने अज्ञात के खिलाफ अगवा कर गैंगेरप और हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है।
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पुलिस लापरवाही बनी सबब किशोरी के लापता होने पर परिजन देर रात कोतवाली में शिकायत करने पहुंचे थे, लेकिन पुलिस ने सुबह आने की कहकर परिजनों को टरका दिया। पुलिस समय रहते परिजनों की शिकायत को गंभीरता से लेती तो जान बच सकती थी। बुधवार को परिजन और सैकड़ों लोगों की भीड़ एसएचओ अश्विन कुमार को निलंबित करने की मांग कर रही थी।
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ननिहाल में रह रही थी किशोरी
मृतक किशोरी जेवर में अपनी ननिहाल में रहकर कक्षा सात में पढ़ रही थी। उसके मां-बाप के बीच विवाद चल रहा है। उसके पिता फरीदाबाद में टेलर हैं और मां गाजियाबाद में प्राइवेट नौकरी करती है। बुधवार को बेटी की हत्या की खबर सुनकर पहुंचे मां-बाप के आंसू थमने का नाम नही ले रहे थे। मां तो गश खाकर कई बार गिरी।
यमुना एक्सप्रेस-वे पर भीड़
किशोरी की हत्या से गुस्साए लोगों ने नगर के बाहर जाने वाले अलीगढ़-खुर्जा समेत तीनों मार्गों पर जाम लगाकर जमकर हंगामा बरपाया। आक्रोशित लोगों की भीड़ यमुना एक्सप्रेस वे पर भी जाम लगाने पहुंच गई, लेकिन पुलिस ने किसी प्रकार भीड़ को समझा कर हाईवे पर जाने से रोका। इसके बाद भी लोगों का गुस्सा शांत नहीं हुआ।
जेवर छावनी में तब्दील
किशोरी की हत्या से भीड़ का आक्रोश देख नोएडा समेत आसपास थानों से पुलिस बल बुलाकर पूरे नगर को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। इसके अलावा नगर में एक कंपनी सीआरपीएफ भी तैनात कर दी गई है। आंदोलन में भाकियू और राकियू नेताओं के शामिल होने से प्रशासन की माथे पर बल पड़ गए हैं।
कोट्स
आरोपियाें का सुराग लगाने के लिए कई टीमें लगाई गई हैं। शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। देर रात परिजन कोतवाली आए थे, पुलिस और परिजन दोनों किशोरी को खोजते रहे। परिजनों से किशोरी नहीं मिलने पर मुकदमा दर्ज करने को कहा गया था। पुलिस ने लापरवाही नहीं बरती है।
- डॉ. बृजेश कुमार, एसपी देहात गौतमबुद्धनगर