{"_id":"6476222c9ba2d8f5e106a074","slug":"4534-students-committed-fraud-to-appear-in-the-entrance-examination-bulandshahr-news-c-30-1-120160-2023-05-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bulandshahar News: प्रवेश परीक्षा में बैठने के लिए 4534 छात्र-छात्राओं ने किया फर्जीवाड़ा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bulandshahar News: प्रवेश परीक्षा में बैठने के लिए 4534 छात्र-छात्राओं ने किया फर्जीवाड़ा
विज्ञापन
बुलंदशहर। विद्याज्ञान और जवाहर नवोदय विद्यालय में प्रवेश पाने के लिए करीब 4534 छात्र-छात्राओं का फर्जीवाड़ा सामने आया है। यह ऐसे छात्र-छात्राएं हैं जो निजी स्कूलों पढ़ रहे हैं और परिषदीय स्कूलों में भी नाम लिखवा रखा है। यू-डायस डाटा फीड होने पर यह फर्जीवाड़ा सामने आया है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने पूरे मामले में जांच बैठा दी है। बताया गया कि विद्याज्ञान स्कूल और जवाहर नवोदय विद्यालय में प्रवेश लेने के लिए यह गड़बड़ी की गई है।
शासन द्वारा जिले के सभी प्राइवेट व सरकारी स्कूलों का डाटा यू-डायस प्लस साफ्टवेयर पर अपलोड कराया जा रहा है। इसमें स्कूलों की मूलभूत सुविधा, बच्चों का आधार नंबर और शिक्षकों का डाटा सहित अन्य सभी जानकारी शामिल हैं। जिले के 16 ब्लॉक के सातों तहसील में 4025 बेसिक, माध्यमिक, मदरसा व सीबीएसई स्कूल हैं। इनमें पढ़ने वाले 5,87,40 बच्चे व सभी शिक्षकों का डाटा यू-डायस प्लस साफ्टवेयर पर अपलोड हो रहा है। इनमें से 5.77 लाख बच्चों का डाटा साफ्टवेयर में फीड हो चुका है। साथ ही इस पर दर्ज ब्योरा की जांच की जा रही है। जांच में खुलासा हुआ है कि 4534 छात्रों के नाम दो-दो स्कूल में दर्ज हैं। अधिकारियों का कहना है कि इनमें से एक स्कूल से संबंधित छात्र का नाम हटाया जाएगा। अभी और भी ऐसे मामले सामने आ सकते हैं।
विद्याज्ञान व जवाहर नवोदय विद्यालय में प्रवेश के लिए करते हैं फर्जीवाड़ा
तमाम अभिभावक अपने बच्चों के विद्या ज्ञान और जवाहर नवोदय विद्यालय में प्रवेश कराने के इच्छुक होते हैं। इन विद्यालयों में शिक्षा निशुल्क और बेहतर मिलती है। इनमें प्रवेश के लिए परिषदीय स्कूलों में ही पढ़ने वाले बच्चों को मौका मिलता है। ऐसे में अभिभावक अपने बच्चों का दाखिला परिषदीय स्कूल के साथ निजी स्कूलों में भी करा देते हैं। ताकि निजी स्कूल में बच्चे की पढ़ाई ठीक हो सके और विद्याज्ञान व जवाहर नवोदय विद्यालय की परीक्षा में पास हो सके। अधिकारियों का कहना है कि अब ऐसा नहीं होगा। एक बच्चे का प्रवेश एक ही स्कूल में होगा। इसी फर्जीवाड़े को रोकने के लिए यू-डायस पर बच्चों की पूरी कुंडली फीड हो रही है।
विज्ञापन
29 स्कूलों ऐसे, जिनके दो-दो कोड
यू-डायस प्लस साफ्टवेयर पर स्कूलों ने अलग-अलग मान्यता के यू-डायस कोड ले रखे हैं। जिले में 29 स्कूल ऐसे मिले हैं, जिनके दो-दो कोड हैं। अब उनकी मान्यता निरस्त हो सकती है। जिन स्कूलों की मान्यता के कोड अलग हैं उन्हें यू-डायस प्लस अपडेट नहीं कर रहा है।
104 स्कूलों ने डाटा नहीं किया फीड, दिए नोटिस
जिले के 4025 स्कूलों में से अभी तक 34 स्कूलों ने बच्चों की प्रोफाइल यू-डायस पर नहीं डाली है, जबकि 70 स्कूलों ने शिक्षकों डाटा अपडेट नहीं किया है। इन स्कूलों को नोटिस दिए जा रहे हैं। बीएसए ने बताया कि 20 मई तक का समय स्कूलों को दिया गया था। लेकिन इनके द्वारा आदेशों का पालन नहीं किया गया। इनके खिलाफ विभागीय कार्यवाही शुरू होगी। जिन स्कूलों दो यू-डायस कोड हैं उनमें से एक निरस्त होगा। साफ्टवेयर पर अब सभी स्कूलों की कुंडली होगी।
जिन छात्रों के प्रवेश दो-दो स्कूलों में कराए गए हैं। उनकी जांच चल रही है और स्कूल से प्रवेश को निरस्त कराया जाएगा। एक स्कूल के दो कोड मिले हैं। इनके खिलाफ अब कार्रवाई होगी। डाटा फीड करने का कार्य जारी है। यू-डायस पर छात्रों व शिक्षकों समेत अन्य जानकारी सही तरीके से फीड होगी। - बीके शर्मा, बेसिक शिक्षा अधिकारी।
विज्ञापन
शासन द्वारा जिले के सभी प्राइवेट व सरकारी स्कूलों का डाटा यू-डायस प्लस साफ्टवेयर पर अपलोड कराया जा रहा है। इसमें स्कूलों की मूलभूत सुविधा, बच्चों का आधार नंबर और शिक्षकों का डाटा सहित अन्य सभी जानकारी शामिल हैं। जिले के 16 ब्लॉक के सातों तहसील में 4025 बेसिक, माध्यमिक, मदरसा व सीबीएसई स्कूल हैं। इनमें पढ़ने वाले 5,87,40 बच्चे व सभी शिक्षकों का डाटा यू-डायस प्लस साफ्टवेयर पर अपलोड हो रहा है। इनमें से 5.77 लाख बच्चों का डाटा साफ्टवेयर में फीड हो चुका है। साथ ही इस पर दर्ज ब्योरा की जांच की जा रही है। जांच में खुलासा हुआ है कि 4534 छात्रों के नाम दो-दो स्कूल में दर्ज हैं। अधिकारियों का कहना है कि इनमें से एक स्कूल से संबंधित छात्र का नाम हटाया जाएगा। अभी और भी ऐसे मामले सामने आ सकते हैं।
विज्ञापन
विद्याज्ञान व जवाहर नवोदय विद्यालय में प्रवेश के लिए करते हैं फर्जीवाड़ा
तमाम अभिभावक अपने बच्चों के विद्या ज्ञान और जवाहर नवोदय विद्यालय में प्रवेश कराने के इच्छुक होते हैं। इन विद्यालयों में शिक्षा निशुल्क और बेहतर मिलती है। इनमें प्रवेश के लिए परिषदीय स्कूलों में ही पढ़ने वाले बच्चों को मौका मिलता है। ऐसे में अभिभावक अपने बच्चों का दाखिला परिषदीय स्कूल के साथ निजी स्कूलों में भी करा देते हैं। ताकि निजी स्कूल में बच्चे की पढ़ाई ठीक हो सके और विद्याज्ञान व जवाहर नवोदय विद्यालय की परीक्षा में पास हो सके। अधिकारियों का कहना है कि अब ऐसा नहीं होगा। एक बच्चे का प्रवेश एक ही स्कूल में होगा। इसी फर्जीवाड़े को रोकने के लिए यू-डायस पर बच्चों की पूरी कुंडली फीड हो रही है।
विज्ञापन
29 स्कूलों ऐसे, जिनके दो-दो कोड
यू-डायस प्लस साफ्टवेयर पर स्कूलों ने अलग-अलग मान्यता के यू-डायस कोड ले रखे हैं। जिले में 29 स्कूल ऐसे मिले हैं, जिनके दो-दो कोड हैं। अब उनकी मान्यता निरस्त हो सकती है। जिन स्कूलों की मान्यता के कोड अलग हैं उन्हें यू-डायस प्लस अपडेट नहीं कर रहा है।
104 स्कूलों ने डाटा नहीं किया फीड, दिए नोटिस
जिले के 4025 स्कूलों में से अभी तक 34 स्कूलों ने बच्चों की प्रोफाइल यू-डायस पर नहीं डाली है, जबकि 70 स्कूलों ने शिक्षकों डाटा अपडेट नहीं किया है। इन स्कूलों को नोटिस दिए जा रहे हैं। बीएसए ने बताया कि 20 मई तक का समय स्कूलों को दिया गया था। लेकिन इनके द्वारा आदेशों का पालन नहीं किया गया। इनके खिलाफ विभागीय कार्यवाही शुरू होगी। जिन स्कूलों दो यू-डायस कोड हैं उनमें से एक निरस्त होगा। साफ्टवेयर पर अब सभी स्कूलों की कुंडली होगी।
जिन छात्रों के प्रवेश दो-दो स्कूलों में कराए गए हैं। उनकी जांच चल रही है और स्कूल से प्रवेश को निरस्त कराया जाएगा। एक स्कूल के दो कोड मिले हैं। इनके खिलाफ अब कार्रवाई होगी। डाटा फीड करने का कार्य जारी है। यू-डायस पर छात्रों व शिक्षकों समेत अन्य जानकारी सही तरीके से फीड होगी। - बीके शर्मा, बेसिक शिक्षा अधिकारी।