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Bulandshahar News: गंगा में कटान से 25 एकड़ जमीन समाई, पानी में बह गए पेड़-पौधे
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नरसेना क्षेत्र में गंगा के कटान से इस तरह समा रही वन विभाग की भूमि। संवाद
नरसेना। पिछले दिनों गंगा के बढ़े जलस्तर के बाद से लगातार नरसेना क्षेत्र के तीन गांव में कटान जारी है। रविवार को फरीदा बांगर, निदामपुर बांगर और हसनगढ़ी क्षेत्र में 25 एकड़ जमीन में लगे सैकड़ों पेड़-पौधे बह गए। वनकर्मी वहां जाने में भी डर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि कटान रुकने के बाद ही इस क्षेत्र की स्थिति का जायजा लिया जाएगा। इस समय वहां जाना संभव नहीं है।
जिले में स्याना क्षेत्र से लेकर नरौरा बैराज तक गंगा क्षेत्र हैं। इस क्षेत्र को रामसर साइड भी कहा जाता है। गंगा किनारे वन विभाग का सैकड़ों एकड़ भूमि है। यहां पर हर वर्ष विभाग की ओर से पौधे रोपित किए जाते हैं। पिछले माह गंगा में पानी बढ़ने से बाढ़ जैसे हालात बन गए थे। गंगा का पानी खाद के अलावा आसपास के खेतों से होते हुए गांव के पास तक पहुंच गया था। गंगा का पानी बढ़ने और खेतों में पहुंचने के कारण सबसे अधिक नुकसान किसानों की फसलों को हुआ। हालांकि पानी कम हो गया था और सभी ने इससे राहत की सांस ली, लेकिन इस समय पिछले कुछ दिनों से गांव फरीदा बांगर, निदामपुर बांगर और हसनगढ़ी क्षेत्र में गंगा कटान जारी है। ऐसे में इस क्षेत्र में वन विभाग की भूमि पर लगे पेड़-पौधे पानी में बह गए। इस क्षेत्र में जगह-जगह दलदल बना हुआ है कई स्थानों से गंगा के पानी ने अपनी जगह बना ली है। इसके चलते इस क्षेत्र में कोई जा नहीं पा रहा है। क्षेत्र के लोगाें का कहना है कि कटान जारी है ओर जगह-जगह दलदल बना हुआ है। करीब 25 एकड़ वन विभाग की भूमि गंगा में समा गई। इस क्षेत्र में लगे सैकड़ों पेड़-पौधे भी पानी में बह गए। कुछ ही स्थानों पर जहां पिछले दिनों काफी पेड़-पौधे दिखाई देते थे वहां अब दो-चार ही पौधे दिखाई देते हैं। वह भी अधिक दिन पानी में रहने के कारण सूख गए हैं। यदि इसी तरह कटान जारी रहा तो वन विभाग की भूमि और पेड़-पौधे गंगा में समा जाएंगे।
गंगा का जलस्तर जरूर कम हो गया है, लेकिन पानी का रुख बदलने के कारण कटान जारी है। गंगा के पानी में पेड़-पौधे गए हैं। जलस्तर कम होने और कटान रुकने के बाद ही नुकसान का जायजा लिया जाएगा। - प्रमोद कुमार, डिप्टी, वन विभाग की अनूपशहर रेंज।
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राजघाट में गंगा की तेज धार कर रही कटान
नरौरा। गंगा में बाढ़ के बाद जलस्तर में गिरावट आई है। लेकिन पानी की तेज गति राजघाट गंगा घाट के किनारे पर कटान कर रही है। इससे इस स्थान पर लगने वाली प्रसाद सामग्री व अस्थाई दुकानें लगाने वाले परेशान हैं। बाढ़ के दौरान पुराने पक्के गंगा घाट के निकट पूर्व में काफी कटान हो गया था। ग्राम प्रधान ओमवीर सिंह ने बताया कि पुराने स्थान पर ही कटान हो रहा है। इस स्थान पर पहले कटान के बाद सिल्ट जमा हो गई थी। उसी स्थान पर कटान हो रहा है। सिंचाई विभाग को इसके बारे में जानकारी दे दी गई है।
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जिले में स्याना क्षेत्र से लेकर नरौरा बैराज तक गंगा क्षेत्र हैं। इस क्षेत्र को रामसर साइड भी कहा जाता है। गंगा किनारे वन विभाग का सैकड़ों एकड़ भूमि है। यहां पर हर वर्ष विभाग की ओर से पौधे रोपित किए जाते हैं। पिछले माह गंगा में पानी बढ़ने से बाढ़ जैसे हालात बन गए थे। गंगा का पानी खाद के अलावा आसपास के खेतों से होते हुए गांव के पास तक पहुंच गया था। गंगा का पानी बढ़ने और खेतों में पहुंचने के कारण सबसे अधिक नुकसान किसानों की फसलों को हुआ। हालांकि पानी कम हो गया था और सभी ने इससे राहत की सांस ली, लेकिन इस समय पिछले कुछ दिनों से गांव फरीदा बांगर, निदामपुर बांगर और हसनगढ़ी क्षेत्र में गंगा कटान जारी है। ऐसे में इस क्षेत्र में वन विभाग की भूमि पर लगे पेड़-पौधे पानी में बह गए। इस क्षेत्र में जगह-जगह दलदल बना हुआ है कई स्थानों से गंगा के पानी ने अपनी जगह बना ली है। इसके चलते इस क्षेत्र में कोई जा नहीं पा रहा है। क्षेत्र के लोगाें का कहना है कि कटान जारी है ओर जगह-जगह दलदल बना हुआ है। करीब 25 एकड़ वन विभाग की भूमि गंगा में समा गई। इस क्षेत्र में लगे सैकड़ों पेड़-पौधे भी पानी में बह गए। कुछ ही स्थानों पर जहां पिछले दिनों काफी पेड़-पौधे दिखाई देते थे वहां अब दो-चार ही पौधे दिखाई देते हैं। वह भी अधिक दिन पानी में रहने के कारण सूख गए हैं। यदि इसी तरह कटान जारी रहा तो वन विभाग की भूमि और पेड़-पौधे गंगा में समा जाएंगे।
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गंगा का जलस्तर जरूर कम हो गया है, लेकिन पानी का रुख बदलने के कारण कटान जारी है। गंगा के पानी में पेड़-पौधे गए हैं। जलस्तर कम होने और कटान रुकने के बाद ही नुकसान का जायजा लिया जाएगा। - प्रमोद कुमार, डिप्टी, वन विभाग की अनूपशहर रेंज।
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राजघाट में गंगा की तेज धार कर रही कटान
नरौरा। गंगा में बाढ़ के बाद जलस्तर में गिरावट आई है। लेकिन पानी की तेज गति राजघाट गंगा घाट के किनारे पर कटान कर रही है। इससे इस स्थान पर लगने वाली प्रसाद सामग्री व अस्थाई दुकानें लगाने वाले परेशान हैं। बाढ़ के दौरान पुराने पक्के गंगा घाट के निकट पूर्व में काफी कटान हो गया था। ग्राम प्रधान ओमवीर सिंह ने बताया कि पुराने स्थान पर ही कटान हो रहा है। इस स्थान पर पहले कटान के बाद सिल्ट जमा हो गई थी। उसी स्थान पर कटान हो रहा है। सिंचाई विभाग को इसके बारे में जानकारी दे दी गई है।