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Bulandshahar News: 21.2 फीसदी महिलाएं, 22.7 फीसदी पुरुष हाई ब्लड शुगर की चपेट में
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बुलंदशहर। जिले में बदलती जीवनशैली और खानपान का असर लोगों की सेहत पर साफ दिखाई देने लगा है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वे-6 (एनएफएचएस-6) की रिपोर्ट में जिले की स्वास्थ्य स्थिति की चिंताजनक तस्वीर सामने आई है। अगस्त में जारी किए गए जिलेवार आंकड़ों के अनुसार 21.2 फीसदी महिलाएं और 22.7 फीसदी पुरुष हाई ब्लड शुगर की चपेट में हैं।
खास बात यह है कि पिछले सर्वे के मुकाबले महिलाओं में हाई ब्लड शुगर का आंकड़ा 2.7 फीसदी जबकि पुरुषों में 0.3 फीसदी बढ़ गया है। यानी हर पांच महिलाओं में करीब एक और लगभग हर चार पुरुषों में एक हाई ब्लड शुगर की समस्या से जूझ रहा है।
बढ़ता आंकड़ा इस बात का संकेत है कि मधुमेह जैसी बीमारी अब केवल उम्रदराज लोगों तक सीमित नहीं रह गई है। खानपान, शारीरिक गतिविधियों में कमी और बदलती दिनचर्या का असर बड़ी आबादी पर पड़ रहा है।
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बीपी भी कम नहीं, महिलाओं में 15 फीसदी का स्तर 160 पार
हाई ब्लड शुगर के साथ ही जिले में ब्लड प्रेशर की स्थिति भी चिंता बढ़ाने वाली है। एनएफएचएस-6 के आंकड़ों के अनुसार 15 फीसदी महिलाओं और 14.3 फीसदी पुरुषों का ब्लड प्रेशर 160 से अधिक दर्ज किया गया। यह स्तर सामान्य रक्तचाप से काफी अधिक है और लंबे समय तक बने रहने पर स्वास्थ्य संबंधी गंभीर जोखिम बढ़ा सकता है।
हालांकि एनएफएचएस-5 की तुलना में इस आंकड़े में कमी दर्ज हुई है। पिछले सर्वे में 27.6 फीसदी महिलाएं और 32.7 फीसदी पुरुषों का ब्लड प्रेशर 160 से अधिक पाया गया था। नए सर्वे में दोनों वर्गों के आंकड़े नीचे आए हैं, लेकिन इसके बावजूद बड़ी आबादी का रक्तचाप इस स्तर तक पहुंचना स्वास्थ्य व्यवस्था और जागरूकता के सामने चुनौती बना हुआ है।
बीमारी बढ़ रही, जांच और बचाव पर सवाल
सर्वे के आंकड़ों के मुताबिक 11.1 फीसदी महिलाएं और 11.2 फीसदी पुरुष ऐसे हैं जो ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने के लिए नियमित तौर पर दवाई का सेवन करते हैं। जिसके चलते सर्वे में ऐसे मरीजों को सीवियर बीपी (अधिक ब्लड प्रेशर) वाले मरीजों की श्रेणी में रखा गया है। जबकि प्रतिदिन शुगर को नियंत्रित रखने के लिए 14.7 फीसदी महिलाएं और 15.4 फीसदी पुरुष प्रतिदिन दवाई का सेवन करते हैं।
वर्जन...
अनियमित व बदलते खानपान से लोगों में बीमारियां बढ़ी हैं। बदलती जीवनशैली से भी लोगों के स्वास्थ्य पर प्रभाव पड़ रहा है। समय-समय पर शिविर व जागरूकता कार्यक्रम कर लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया जा रहा है। समय पर उपचार व जागरूक होने से काफी लोगों के स्वास्थ्य में सुधार होने से बीमारियां कंट्रोल में आई है। - डॉ. सुनील कुमार दोहरे, सीएमओ
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खास बात यह है कि पिछले सर्वे के मुकाबले महिलाओं में हाई ब्लड शुगर का आंकड़ा 2.7 फीसदी जबकि पुरुषों में 0.3 फीसदी बढ़ गया है। यानी हर पांच महिलाओं में करीब एक और लगभग हर चार पुरुषों में एक हाई ब्लड शुगर की समस्या से जूझ रहा है।
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बढ़ता आंकड़ा इस बात का संकेत है कि मधुमेह जैसी बीमारी अब केवल उम्रदराज लोगों तक सीमित नहीं रह गई है। खानपान, शारीरिक गतिविधियों में कमी और बदलती दिनचर्या का असर बड़ी आबादी पर पड़ रहा है।
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बीपी भी कम नहीं, महिलाओं में 15 फीसदी का स्तर 160 पार
हाई ब्लड शुगर के साथ ही जिले में ब्लड प्रेशर की स्थिति भी चिंता बढ़ाने वाली है। एनएफएचएस-6 के आंकड़ों के अनुसार 15 फीसदी महिलाओं और 14.3 फीसदी पुरुषों का ब्लड प्रेशर 160 से अधिक दर्ज किया गया। यह स्तर सामान्य रक्तचाप से काफी अधिक है और लंबे समय तक बने रहने पर स्वास्थ्य संबंधी गंभीर जोखिम बढ़ा सकता है।
हालांकि एनएफएचएस-5 की तुलना में इस आंकड़े में कमी दर्ज हुई है। पिछले सर्वे में 27.6 फीसदी महिलाएं और 32.7 फीसदी पुरुषों का ब्लड प्रेशर 160 से अधिक पाया गया था। नए सर्वे में दोनों वर्गों के आंकड़े नीचे आए हैं, लेकिन इसके बावजूद बड़ी आबादी का रक्तचाप इस स्तर तक पहुंचना स्वास्थ्य व्यवस्था और जागरूकता के सामने चुनौती बना हुआ है।
बीमारी बढ़ रही, जांच और बचाव पर सवाल
सर्वे के आंकड़ों के मुताबिक 11.1 फीसदी महिलाएं और 11.2 फीसदी पुरुष ऐसे हैं जो ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने के लिए नियमित तौर पर दवाई का सेवन करते हैं। जिसके चलते सर्वे में ऐसे मरीजों को सीवियर बीपी (अधिक ब्लड प्रेशर) वाले मरीजों की श्रेणी में रखा गया है। जबकि प्रतिदिन शुगर को नियंत्रित रखने के लिए 14.7 फीसदी महिलाएं और 15.4 फीसदी पुरुष प्रतिदिन दवाई का सेवन करते हैं।
वर्जन...
अनियमित व बदलते खानपान से लोगों में बीमारियां बढ़ी हैं। बदलती जीवनशैली से भी लोगों के स्वास्थ्य पर प्रभाव पड़ रहा है। समय-समय पर शिविर व जागरूकता कार्यक्रम कर लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया जा रहा है। समय पर उपचार व जागरूक होने से काफी लोगों के स्वास्थ्य में सुधार होने से बीमारियां कंट्रोल में आई है। - डॉ. सुनील कुमार दोहरे, सीएमओ