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पुराने वाहनों में अभी भी सफर कर रहे अफसर, फैला रहे प्रदूषण
Updated Sat, 15 Dec 2018 12:23 AM IST
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पुराने वाहनों में अभी भी सफर कर रहे अफसर, फैला रहे प्रदूषण
बुलंदशहर। डीजल और पेट्रोल के दस-15 साल पुराने वाहन सिर्फ आम जनता या किसानों के पास नहीं, बल्कि सरकारी विभागों में भी धड़ल्ले से दौड़ रहे हैं। जिले में एक, दो नहीं कई विभाग ऐसे हैं, जहां नियमों के विपरीत ऐसे वाहनों को दौड़ाकर प्रदूषण फैलाया जा रहा है।
जिले की हवा में सांस लेना मुश्किल हुआ तो जिला प्रशासन, क्षेत्रीय प्रदूषण विभाग और परिवहन विभाग कार्रवाई के लिए सड़कों पर निकला, लेकिन हीं भी सरकारी वाहनों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई, जबकि अब तक आमजन के कई वाहनों को सीज किया जा चुका है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि आखिर सिस्टम ऐसे वाहनों को क्यों नजरअंदाज कर रहा है। पिछले कई साल से प्रदूषण फैला रहे हैं इन वाहनों पर अब तक क्यों शिकंजा नहीं कसा गया। जानकारी के अनुसार जिले के कई विभागों में अफसरों द्वारा एनजीटी के आदेशों को लगातार नजरअंदाज कर वाहनों का खुलेआम संचालन किया जा रहा है। कुछ वाहन जर्जर हालत में है, लेकिन उनका संचालन जारी है। बृहस्पतिवार को जिला अस्पताल के ब्लड बैंक प्रभारी 15 साल पुराने वाहन से अस्पताल पहुंचे। जानकारी करने पर बताया कि शासन से वाहन बदलने की मांग की जा चुकी है। अन्य वाहन न होने पर मजबूरी में सफर करना पड़ रहा है। वहीं, एआरटीओ प्रशासन मुहम्मद कय्यूम ने बताया कि जिले में कई विभागों के वाहन एनजीटी द्वारा निर्धारित अवधि को पार कर चुके हैं, जिनके संचालन होने या न होने की जानकारी नहीं है।
आदेश के बाद भी इज्तमा स्थल पर जल रहा कूड़ा
बुलंदशहर। सदर तहसील क्षेत्र के गांव दरियापुर-अढौली में एक, दो और तीन दिसंबर को आयोजित हुए इज्तमा के समापन के बाद प्रतिदिन कूड़ा जलाकर प्रदूषण फैलाया जा रहा है। मामले की जानकारी होने के बाद सदर एसडीएम ने आठ दिसंबर को 15 दिन के भीतर नियमानुसार कूड़े का निस्तारण करने के आदेश दिए थे। लेकिन इसके बाद भी कूड़े को आग के हवाले कर प्रदूषण फैलाया जा रहा है। एसडीएम सदर अरविंद सिंह (आईएएस) ने बताया कि इज्तमा समापन के बाद स्थल पर कूड़ा जलने की जानकारी मिलने पर मौके पर जाकर निरीक्षण किया गया। इस दौरान कूड़े के ढेर जलता मिला। एसडीएम सदर ने बताया कि शुक्रवार को निरीक्षण के दौरान कूड़ा जलता पाया गया। आयोजक और संयोजक के खिलाफ सीआरपीसी की धारा 142 के तहत इंजक्शन ऑर्डर एसडीएम सदर की कोर्ट से जारी किया गया है। यदि इसके बाद भी कूड़ा जलता मिला तो कुर्की की कार्रवाई की जाएगी। ब्यूरो
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बुलंदशहर। डीजल और पेट्रोल के दस-15 साल पुराने वाहन सिर्फ आम जनता या किसानों के पास नहीं, बल्कि सरकारी विभागों में भी धड़ल्ले से दौड़ रहे हैं। जिले में एक, दो नहीं कई विभाग ऐसे हैं, जहां नियमों के विपरीत ऐसे वाहनों को दौड़ाकर प्रदूषण फैलाया जा रहा है।
जिले की हवा में सांस लेना मुश्किल हुआ तो जिला प्रशासन, क्षेत्रीय प्रदूषण विभाग और परिवहन विभाग कार्रवाई के लिए सड़कों पर निकला, लेकिन हीं भी सरकारी वाहनों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई, जबकि अब तक आमजन के कई वाहनों को सीज किया जा चुका है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि आखिर सिस्टम ऐसे वाहनों को क्यों नजरअंदाज कर रहा है। पिछले कई साल से प्रदूषण फैला रहे हैं इन वाहनों पर अब तक क्यों शिकंजा नहीं कसा गया। जानकारी के अनुसार जिले के कई विभागों में अफसरों द्वारा एनजीटी के आदेशों को लगातार नजरअंदाज कर वाहनों का खुलेआम संचालन किया जा रहा है। कुछ वाहन जर्जर हालत में है, लेकिन उनका संचालन जारी है। बृहस्पतिवार को जिला अस्पताल के ब्लड बैंक प्रभारी 15 साल पुराने वाहन से अस्पताल पहुंचे। जानकारी करने पर बताया कि शासन से वाहन बदलने की मांग की जा चुकी है। अन्य वाहन न होने पर मजबूरी में सफर करना पड़ रहा है। वहीं, एआरटीओ प्रशासन मुहम्मद कय्यूम ने बताया कि जिले में कई विभागों के वाहन एनजीटी द्वारा निर्धारित अवधि को पार कर चुके हैं, जिनके संचालन होने या न होने की जानकारी नहीं है।
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आदेश के बाद भी इज्तमा स्थल पर जल रहा कूड़ा
बुलंदशहर। सदर तहसील क्षेत्र के गांव दरियापुर-अढौली में एक, दो और तीन दिसंबर को आयोजित हुए इज्तमा के समापन के बाद प्रतिदिन कूड़ा जलाकर प्रदूषण फैलाया जा रहा है। मामले की जानकारी होने के बाद सदर एसडीएम ने आठ दिसंबर को 15 दिन के भीतर नियमानुसार कूड़े का निस्तारण करने के आदेश दिए थे। लेकिन इसके बाद भी कूड़े को आग के हवाले कर प्रदूषण फैलाया जा रहा है। एसडीएम सदर अरविंद सिंह (आईएएस) ने बताया कि इज्तमा समापन के बाद स्थल पर कूड़ा जलने की जानकारी मिलने पर मौके पर जाकर निरीक्षण किया गया। इस दौरान कूड़े के ढेर जलता मिला। एसडीएम सदर ने बताया कि शुक्रवार को निरीक्षण के दौरान कूड़ा जलता पाया गया। आयोजक और संयोजक के खिलाफ सीआरपीसी की धारा 142 के तहत इंजक्शन ऑर्डर एसडीएम सदर की कोर्ट से जारी किया गया है। यदि इसके बाद भी कूड़ा जलता मिला तो कुर्की की कार्रवाई की जाएगी। ब्यूरो
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