{"_id":"5bfae8aebdec22415d45979c","slug":"154317026811-bulandshahr-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब ‘डे अफसर’ की मौजूदगी में बनेगा एमडीएम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब ‘डे अफसर’ की मौजूदगी में बनेगा एमडीएम
Updated Sun, 25 Nov 2018 11:53 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अब ‘डे अफसर’ की मौजूदगी में बनेगा एमडीएम
बुलंदशहर। परिषदीय स्कूलों में छात्र-छात्राओं को मिड-डे-मील के तहत मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता एवं शुद्धता पर पूरी नजर रखने की तैयारी कर ली गई है। अब सभी स्कूलों में जांच के लिए प्रत्येक दिन के लिए एक डे-आफिसर बनाया जाएगा। उसकी मौजूदगी में खाना बनेगा। साथ ही रसोईया को भोजन बनाते समय सिर ढक कर रखना होगा। इतना ही नहीं स्कूलों को समय-समय पर पेयजल की शुद्धता की प्रयोगशाला में जांच करवानी होगी।
माध्यमिक शिक्षा विभाग के विद्यालयों में विद्यार्थियों को एमडीएम का खाना उपलब्ध करवाने की जिम्मेदारी सात सामाजिक संस्थाओं को दी हुई है। स्कूलों में बंटने वाले एमडीएम के भोजन में कीडे़ निकलने सहित अन्य शिकायत आती रहती हैं। इन शिकायतों के मद्देनजर अब एमडीएम का खाना बनाते समय प्रत्येक दिन एक डे-अफसर नियुक्त किया जाएगा। यह अफसर अपनी मौजूदगी में भोजन बनवाने के बाद उसको चखकर देखेगा। उसके बाद पंजिका में भोजन के संबंध में अपनी आख्या भी लिखनी होगी। इतना ही नहीं समय-समय पर पेयजल का प्रयोगशाला में जांच करानी होगी। इसके अलावा रसोई व आसपास की जगह की उचित साफ-सफाई भी रखनी होगी।
दूध की गुणवत्ता का भी रखना होगा ध्यान
परिषदीय स्कूलों में एमडीएम के भोजन में दूध को भी शामिल किया गया है। अब स्कूलों को दूध की गुणवत्ता का भी ध्यान रखना होगा। इसके लिए स्कूल में लेक्टोमीटर रखना अनिवार्य होगा। दूध लेने से पहले इस मीटर से दूध की गुणवत्ता व शुद्धता की जांच की जाएगी। मीटर से यह भी परखा जाएगा कि दूध में पानी तो नहीं है। साथ ही यह भी पता लगाया जाएगा कि दूध में पोषक तत्वों का स्तर कितना है।
विज्ञापन
कोट्
सभी परिषदीय स्कूलों में एमडीएम के भोजन की गुणवत्ता एवं शुद्धता के संबंध में सभी प्रधान अध्यापकों को अवगत कराकर जल्द ही व्यवस्थाओं को निर्देश जारी किए जाएंगे। इस कार्य में शिथिलता बर्दाश्त नहीं होगी। - अम्बरीष कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, बुलंदशहर।
विज्ञापन
बुलंदशहर। परिषदीय स्कूलों में छात्र-छात्राओं को मिड-डे-मील के तहत मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता एवं शुद्धता पर पूरी नजर रखने की तैयारी कर ली गई है। अब सभी स्कूलों में जांच के लिए प्रत्येक दिन के लिए एक डे-आफिसर बनाया जाएगा। उसकी मौजूदगी में खाना बनेगा। साथ ही रसोईया को भोजन बनाते समय सिर ढक कर रखना होगा। इतना ही नहीं स्कूलों को समय-समय पर पेयजल की शुद्धता की प्रयोगशाला में जांच करवानी होगी।
माध्यमिक शिक्षा विभाग के विद्यालयों में विद्यार्थियों को एमडीएम का खाना उपलब्ध करवाने की जिम्मेदारी सात सामाजिक संस्थाओं को दी हुई है। स्कूलों में बंटने वाले एमडीएम के भोजन में कीडे़ निकलने सहित अन्य शिकायत आती रहती हैं। इन शिकायतों के मद्देनजर अब एमडीएम का खाना बनाते समय प्रत्येक दिन एक डे-अफसर नियुक्त किया जाएगा। यह अफसर अपनी मौजूदगी में भोजन बनवाने के बाद उसको चखकर देखेगा। उसके बाद पंजिका में भोजन के संबंध में अपनी आख्या भी लिखनी होगी। इतना ही नहीं समय-समय पर पेयजल का प्रयोगशाला में जांच करानी होगी। इसके अलावा रसोई व आसपास की जगह की उचित साफ-सफाई भी रखनी होगी।
विज्ञापन
दूध की गुणवत्ता का भी रखना होगा ध्यान
परिषदीय स्कूलों में एमडीएम के भोजन में दूध को भी शामिल किया गया है। अब स्कूलों को दूध की गुणवत्ता का भी ध्यान रखना होगा। इसके लिए स्कूल में लेक्टोमीटर रखना अनिवार्य होगा। दूध लेने से पहले इस मीटर से दूध की गुणवत्ता व शुद्धता की जांच की जाएगी। मीटर से यह भी परखा जाएगा कि दूध में पानी तो नहीं है। साथ ही यह भी पता लगाया जाएगा कि दूध में पोषक तत्वों का स्तर कितना है।
विज्ञापन
कोट्
सभी परिषदीय स्कूलों में एमडीएम के भोजन की गुणवत्ता एवं शुद्धता के संबंध में सभी प्रधान अध्यापकों को अवगत कराकर जल्द ही व्यवस्थाओं को निर्देश जारी किए जाएंगे। इस कार्य में शिथिलता बर्दाश्त नहीं होगी। - अम्बरीष कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, बुलंदशहर।