{"_id":"5bf460ebbdec2269c10fa38d","slug":"154274230019-bulandshahr-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आश्रय गृह में अपनों का इंतजार कर रहे बच्चे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आश्रय गृह में अपनों का इंतजार कर रहे बच्चे
Updated Wed, 21 Nov 2018 01:00 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आश्रय गृह में अपनों का इंतजार कर रहे बच्चे
बुलंदशहर। जिले के घर से भागे बच्चे दूसरे जिलों व राज्यों में अपनों का इंतजार कर रहे हैं। इस समय चार बच्चे दिल्ली और बरेली के आश्रम गृह में रह रहे हैं।
जिला बाल कल्याण समिति के रजिस्टर में जनवरी से लेकर अब तक जिले से 12 बच्चे घर से भागे। यह सभी बच्चे चार साल से लेकर 14 वर्ष तक के हैं। पिछले माह नई मंडी चौकी क्षेत्र के गांव सेमली निवासी जहीर की 11 वर्षीय बेटी तमन्ना और चार साल का बेटा जाहिद घर से भाग गए। बताया गया कि तमन्ना पहले भी तीन बार घर से बिना बताए चली गई। समिति ने उसे तलाश कर घर तक पहुंचाने का काम किया। इस बार भी वह अपने मासूम भाई के साथ दिल्ली पहुंची और इस समय वह दिल्ली के आश्रय गृह में है। उसकी मां की चार साल पहले मौत हो गई और समिति उसके पिता जहीर से उन्हें वापस लाने के लिए संपर्क कर रही है। इससे पहले गांव बगसरा से आठ साल का बच्चा समीर भी घर से भागा। इस समय वह बरेली में चाइल्ड लाइन की देखरेख में है। बताया गया कि पिता शराबी है और मां की काफी समय मौत हो चुकी है। अब उसे घर लाने के लिए समिति परिजनों से संपर्क कर रही है। इसी तरह काफी समय पहले गांव लुहारली निवासी समीर भी घर से भाग गया था। यह बच्चा इस समय दिल्ली आश्रम गृह में है। समिति ने जब समीर के पिता से संपर्क किया तो काफी प्रयास के बाद भी संपर्क नहीं हुआ। गांव में पता लगाया गया तो पिता को सिकंदराबाद में एक डेयरी पर नौकरी करने की बात सामने आई, लेकिन वह वहां भी नहीं मिला। समिति के सदस्य डॉ. भूपेंद्र कुमार ने बताया कि शेष सभी बच्चों को उनके अभिभावकों तक पहुंचा दिया है। साथ ही जो बच्चे दूसरे जिले और राज्यों के आश्रय गृहों में हैं। उनके अभिभावकों से संपर्क किया जा रहा है।
विज्ञापन
बुलंदशहर। जिले के घर से भागे बच्चे दूसरे जिलों व राज्यों में अपनों का इंतजार कर रहे हैं। इस समय चार बच्चे दिल्ली और बरेली के आश्रम गृह में रह रहे हैं।
जिला बाल कल्याण समिति के रजिस्टर में जनवरी से लेकर अब तक जिले से 12 बच्चे घर से भागे। यह सभी बच्चे चार साल से लेकर 14 वर्ष तक के हैं। पिछले माह नई मंडी चौकी क्षेत्र के गांव सेमली निवासी जहीर की 11 वर्षीय बेटी तमन्ना और चार साल का बेटा जाहिद घर से भाग गए। बताया गया कि तमन्ना पहले भी तीन बार घर से बिना बताए चली गई। समिति ने उसे तलाश कर घर तक पहुंचाने का काम किया। इस बार भी वह अपने मासूम भाई के साथ दिल्ली पहुंची और इस समय वह दिल्ली के आश्रय गृह में है। उसकी मां की चार साल पहले मौत हो गई और समिति उसके पिता जहीर से उन्हें वापस लाने के लिए संपर्क कर रही है। इससे पहले गांव बगसरा से आठ साल का बच्चा समीर भी घर से भागा। इस समय वह बरेली में चाइल्ड लाइन की देखरेख में है। बताया गया कि पिता शराबी है और मां की काफी समय मौत हो चुकी है। अब उसे घर लाने के लिए समिति परिजनों से संपर्क कर रही है। इसी तरह काफी समय पहले गांव लुहारली निवासी समीर भी घर से भाग गया था। यह बच्चा इस समय दिल्ली आश्रम गृह में है। समिति ने जब समीर के पिता से संपर्क किया तो काफी प्रयास के बाद भी संपर्क नहीं हुआ। गांव में पता लगाया गया तो पिता को सिकंदराबाद में एक डेयरी पर नौकरी करने की बात सामने आई, लेकिन वह वहां भी नहीं मिला। समिति के सदस्य डॉ. भूपेंद्र कुमार ने बताया कि शेष सभी बच्चों को उनके अभिभावकों तक पहुंचा दिया है। साथ ही जो बच्चे दूसरे जिले और राज्यों के आश्रय गृहों में हैं। उनके अभिभावकों से संपर्क किया जा रहा है।
विज्ञापन