{"_id":"5bf0632cbdec2269ac7ef757","slug":"154248073414-bulandshahr-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अफसरों को आई अमान्य स्कूलों की याद, एक को नोटिस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अफसरों को आई अमान्य स्कूलों की याद, एक को नोटिस
Updated Sun, 18 Nov 2018 12:21 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अफसरों को आई अमान्य स्कूलों की याद, एक को नोटिस
बुलंदशहर। जिले में चल रहे अमान्य स्कूलों की अधिकारियों को आखिर याद आ ही गई। अफसरों ने एक अमान्य स्कूल को नोटिस जारी कर तत्काल प्रभाव से बंद कराने के आदेश दिए हैं। बीएसए का कहना है कि जिले में अब एक भी अमान्य स्कूल नहीं चलने दिया जाएगा।
इस बार शैक्षणिक सत्र शुरू होने से पहले ही शासन की ओर से जिले में चल रहे अमान्य स्कूलों को बंद कराने के आदेश जारी कर दिए गए थे। इनका अधिकारियों ने शुरूआत में पालन नहीं किया और अमान्य स्कूल संचालकों पर मेहरबानी बनाए रखी। जब जिला प्रशासन की ओर से सख्ती बरती गई तो कुछ स्कूलों को बंद कराने का दावा करते हुए नोटिस जारी कर दिए। कई स्कूलों से जुर्माना भी वसूला गया। कुछ समय बाद एक बार फिर अफसर अमान्य स्कूलों पर मेहरबान हो गए। इसका नतीजा यह रहा है कि जो अमान्य स्कूल बंद कराए गए वह भी दोबारा संचालित हो गए। इस बीच अफसरों ने शिकायत मिलने पर ही कार्रवाई। अफसरों की इस लापरवाही को लेकर अमर उजाला ने पिछले दिनों जिले में धडल्ले से चल रहे अमान्य स्कूल शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया। इसका असर यह हुआ कि अफसर नींद से जाग गए। साथ ही जहांगीराबाद क्षेत्र के एक अमान्य स्कूल को नोटिस जारी कर तत्काल प्रभाव से बंद कराने के आदेश दिए हैं। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अम्बरीष कुमार का कहना है कि जिले में एक भी अमान्य स्कूल नहीं चलने दिया गया है। ऐसे स्कूलों को बंद करवाने के लिए सभी ब्लॉकों में तैनात विभागीय अफसरों को भी आदेश दे दिए हैं। उन्हें चेतावनी दी गई है कि यदि उनके क्षेत्र से एक भी अमान्य स्कूल के संचालन की शिकायत मिली तो विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
बुलंदशहर। जिले में चल रहे अमान्य स्कूलों की अधिकारियों को आखिर याद आ ही गई। अफसरों ने एक अमान्य स्कूल को नोटिस जारी कर तत्काल प्रभाव से बंद कराने के आदेश दिए हैं। बीएसए का कहना है कि जिले में अब एक भी अमान्य स्कूल नहीं चलने दिया जाएगा।
इस बार शैक्षणिक सत्र शुरू होने से पहले ही शासन की ओर से जिले में चल रहे अमान्य स्कूलों को बंद कराने के आदेश जारी कर दिए गए थे। इनका अधिकारियों ने शुरूआत में पालन नहीं किया और अमान्य स्कूल संचालकों पर मेहरबानी बनाए रखी। जब जिला प्रशासन की ओर से सख्ती बरती गई तो कुछ स्कूलों को बंद कराने का दावा करते हुए नोटिस जारी कर दिए। कई स्कूलों से जुर्माना भी वसूला गया। कुछ समय बाद एक बार फिर अफसर अमान्य स्कूलों पर मेहरबान हो गए। इसका नतीजा यह रहा है कि जो अमान्य स्कूल बंद कराए गए वह भी दोबारा संचालित हो गए। इस बीच अफसरों ने शिकायत मिलने पर ही कार्रवाई। अफसरों की इस लापरवाही को लेकर अमर उजाला ने पिछले दिनों जिले में धडल्ले से चल रहे अमान्य स्कूल शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया। इसका असर यह हुआ कि अफसर नींद से जाग गए। साथ ही जहांगीराबाद क्षेत्र के एक अमान्य स्कूल को नोटिस जारी कर तत्काल प्रभाव से बंद कराने के आदेश दिए हैं। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अम्बरीष कुमार का कहना है कि जिले में एक भी अमान्य स्कूल नहीं चलने दिया गया है। ऐसे स्कूलों को बंद करवाने के लिए सभी ब्लॉकों में तैनात विभागीय अफसरों को भी आदेश दे दिए हैं। उन्हें चेतावनी दी गई है कि यदि उनके क्षेत्र से एक भी अमान्य स्कूल के संचालन की शिकायत मिली तो विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन