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अमान्य विद्यालयों को बंद कराने के लिए डीआइओएस की ना
Updated Thu, 19 Jul 2018 11:33 PM IST
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अमान्य विद्यालयों को बंद कराने के लिए डीआइओएस की ‘ना’
- स्टाफ की कमी का बहाना बनाकर बीएसए को लिखा पत्र
- शासन के आदेश का पालन नहीं कर रहे डीआईओएस, बोले शिकायत मिलने पर करेंगे कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। जिले में अमान्य माध्यमिक विद्यालयों को बंद कराने से जिला विद्यालय निरीक्षक ने पल्ला झाड़ लिया है। उन्होंने स्टाफ की कमी का बहना बनाकर ऐसे विद्यालयों को बंद कराने के लिए बीएसए को पत्र लिख है। उनका कहना है कि यदि कोई शिकायत मिली तो कार्रवाई करेंगे। ऐसा कर वह शासन के आदेशों का भी पालन नहीं कर रहे हैं।
प्रदेश सरकार की ओर से आदेश जारी हुआ है कि जिले में एक भी अमान्य स्कूल नहीं चलना चाहिए। यह आदेश जिला विद्यालय निरीक्षक को भी प्राप्त हुआ है। आदेश मिलने पर डीआईओएस ने अमान्य विद्यालय संचालकों को जल्द ऐसे विद्यालयों को बंद करने की चेतावनी दी थी। उन्होंने सभी प्रधानाचार्यों को भी आदेश जारी कर अमान्य विद्यालयों की सूची मांगी थी। साथ ही यह भी निर्देश जारी किए थे कि यदि मान्यता से अधिक किसी विद्यालय में कक्षाएं चलाई जा रही हैं तो उन्हें भी अमान्य विद्यालय की श्रेणी में शामिल कर बंद कराया जाएगा, लेकिन अब डीआईओएस ने अमान्य विद्यालयों को बंद कराने से पल्ला झाड़ लिया है। साथ ही स्टाफ की कमी का बहाना बनाकर बीएसए को पत्र लिख दिया है कि वहीं अपने अफसरों से सभी अमान्य स्कूलों को बंद कराने की कार्रवाई करें।
अब तक जारी किए गए आदेश रहे हवा-हवाई
अमान्य विद्यालयों को बंद कराने के लिए डीआईओएस द्वारा अब तक जारी किए गए आदेश भी हवा-हवाई साबित रहे। जिला विद्यालय निरीक्षक आरके तिवारी का कहना है कि उनके पास स्टाफ की कमी है और इसके चलते अमान्य विद्यालयों को बंद कराने की जिम्मेदारी बीएसए को सौंप दी है। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि कार्यालय में कोई अमान्य विद्यालय की शिकायत आती है तो उस पर कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल उनकी ओर से अमान्य विद्यालयों पर कार्रवाई के लिए कोई अभियान नहीं चलाया जाएगा।
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- स्टाफ की कमी का बहाना बनाकर बीएसए को लिखा पत्र
- शासन के आदेश का पालन नहीं कर रहे डीआईओएस, बोले शिकायत मिलने पर करेंगे कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। जिले में अमान्य माध्यमिक विद्यालयों को बंद कराने से जिला विद्यालय निरीक्षक ने पल्ला झाड़ लिया है। उन्होंने स्टाफ की कमी का बहना बनाकर ऐसे विद्यालयों को बंद कराने के लिए बीएसए को पत्र लिख है। उनका कहना है कि यदि कोई शिकायत मिली तो कार्रवाई करेंगे। ऐसा कर वह शासन के आदेशों का भी पालन नहीं कर रहे हैं।
प्रदेश सरकार की ओर से आदेश जारी हुआ है कि जिले में एक भी अमान्य स्कूल नहीं चलना चाहिए। यह आदेश जिला विद्यालय निरीक्षक को भी प्राप्त हुआ है। आदेश मिलने पर डीआईओएस ने अमान्य विद्यालय संचालकों को जल्द ऐसे विद्यालयों को बंद करने की चेतावनी दी थी। उन्होंने सभी प्रधानाचार्यों को भी आदेश जारी कर अमान्य विद्यालयों की सूची मांगी थी। साथ ही यह भी निर्देश जारी किए थे कि यदि मान्यता से अधिक किसी विद्यालय में कक्षाएं चलाई जा रही हैं तो उन्हें भी अमान्य विद्यालय की श्रेणी में शामिल कर बंद कराया जाएगा, लेकिन अब डीआईओएस ने अमान्य विद्यालयों को बंद कराने से पल्ला झाड़ लिया है। साथ ही स्टाफ की कमी का बहाना बनाकर बीएसए को पत्र लिख दिया है कि वहीं अपने अफसरों से सभी अमान्य स्कूलों को बंद कराने की कार्रवाई करें।
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अब तक जारी किए गए आदेश रहे हवा-हवाई
अमान्य विद्यालयों को बंद कराने के लिए डीआईओएस द्वारा अब तक जारी किए गए आदेश भी हवा-हवाई साबित रहे। जिला विद्यालय निरीक्षक आरके तिवारी का कहना है कि उनके पास स्टाफ की कमी है और इसके चलते अमान्य विद्यालयों को बंद कराने की जिम्मेदारी बीएसए को सौंप दी है। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि कार्यालय में कोई अमान्य विद्यालय की शिकायत आती है तो उस पर कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल उनकी ओर से अमान्य विद्यालयों पर कार्रवाई के लिए कोई अभियान नहीं चलाया जाएगा।
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