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पुराने वाहनों की नहीं ली एनओसी तो पंजीयन होगा निरस्त
Updated Sun, 22 Apr 2018 10:45 PM IST
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पुराने वाहनों की नहीं ली एनओसी तो पंजीयन होगा निरस्त
- विभाग से जारी नोटिस के 15 दिन के अंदर लेनी होगी एनओसी
- संभागीय परिवहन ने भेजे 5000 से अधिक वाहन स्वामियों को नोटिस
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। एनजीटी के आदेश पर सहायक संभागीय परिवहन विभाग ने 10 से 15 वर्ष पुराने डीजल और पेट्रोल से चलने वाले वाहनों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। पुराने वाहनों की विभाग से एनओसी न लेने पर वाहन का पंजीयन निरस्त कर दिया जाएगा। वाहन का संचालन पाए जाने पर वाहन को सील कर दिया जाएगा। इसके लिए विभाग ने करीब 5000 वाहन स्वामियों को नोटिस जारी कर दिए हैं।
एनजीटी के अनुसार 10-15 वर्ष पुराने डीजल और पेट्रोल से चलने वाले वाहनों से धुआं निकलता है, जो पर्यावरण को प्रदूषित करता है। एनजीटी ने एनसीआर क्षेत्र से सटे सभी जिलों में इन वाहनों पर प्रतिबंध लगा दिया है। एनजीटी के आदेश पर सहायक संभागीय परिवहन विभाग ने पुराने वाहनों पर नकेल कसने की तैयारी शुरू कर दी है। जिले में ऐसे करीब 7000 वाहन है। जिनमें से कुछ वाहन चोरी छिपे संचालित हो रहे है। संभागीय परिवहन ने ऐसे वाहनों के स्वामियों को विभाग से एनओसी लेने के लिए करीब 5000 नोटिस जारी किए है। 15 दिन में एनओसी न लेने पर वाहन का पंजीयन निरस्त कर दिया जाएगा। एआरटीओ प्रशासन मुहम्मद कय्यूम ने बताया कि जिन वाहनों के पास एनओसी नहीं होगी, उनका पंजीयन निरस्त कर दिया जाएगा। इसके लिए वाहन स्वामी को 15 दिन का समय दिया गया है। बताया कि पुराने वाहन का संचालन न करने पर वाहन स्वामी से शपथ पत्र भी लिया जाएगा।
एनओसी के बिना नहीं होगा टैक्स जमा
- एनओसी न मिलने के कारण पुराने वाहनों का टैक्स भी जमा नहीं होगा। जितना भी समय ज्यादा बितेगा, उतना ही वाहन स्वामियों पर टैक्स का बोझ बढ़ेगा। इसलिए समय से एनओसी ले ले।
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महकमे के अफसरों को भी जारी होगा नोटिस
- सरकारी महकमे में चल रहे पुराने वाहनों को भी सहायक संभागीय परिवहन विभाग नोटिस जारी करेगा। इसके बाद भी वाहन बंद नही किए तो चालक के खिलाफ कार्रवाई और वाहन को सीज किया जाएगा। जानकारी के अनुसार जिले के कई विभागों में 10-15 वर्ष पुराने डीजल-पेट्रोल वाहन संचालित हो रहे हैं।
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- विभाग से जारी नोटिस के 15 दिन के अंदर लेनी होगी एनओसी
- संभागीय परिवहन ने भेजे 5000 से अधिक वाहन स्वामियों को नोटिस
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। एनजीटी के आदेश पर सहायक संभागीय परिवहन विभाग ने 10 से 15 वर्ष पुराने डीजल और पेट्रोल से चलने वाले वाहनों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। पुराने वाहनों की विभाग से एनओसी न लेने पर वाहन का पंजीयन निरस्त कर दिया जाएगा। वाहन का संचालन पाए जाने पर वाहन को सील कर दिया जाएगा। इसके लिए विभाग ने करीब 5000 वाहन स्वामियों को नोटिस जारी कर दिए हैं।
एनजीटी के अनुसार 10-15 वर्ष पुराने डीजल और पेट्रोल से चलने वाले वाहनों से धुआं निकलता है, जो पर्यावरण को प्रदूषित करता है। एनजीटी ने एनसीआर क्षेत्र से सटे सभी जिलों में इन वाहनों पर प्रतिबंध लगा दिया है। एनजीटी के आदेश पर सहायक संभागीय परिवहन विभाग ने पुराने वाहनों पर नकेल कसने की तैयारी शुरू कर दी है। जिले में ऐसे करीब 7000 वाहन है। जिनमें से कुछ वाहन चोरी छिपे संचालित हो रहे है। संभागीय परिवहन ने ऐसे वाहनों के स्वामियों को विभाग से एनओसी लेने के लिए करीब 5000 नोटिस जारी किए है। 15 दिन में एनओसी न लेने पर वाहन का पंजीयन निरस्त कर दिया जाएगा। एआरटीओ प्रशासन मुहम्मद कय्यूम ने बताया कि जिन वाहनों के पास एनओसी नहीं होगी, उनका पंजीयन निरस्त कर दिया जाएगा। इसके लिए वाहन स्वामी को 15 दिन का समय दिया गया है। बताया कि पुराने वाहन का संचालन न करने पर वाहन स्वामी से शपथ पत्र भी लिया जाएगा।
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एनओसी के बिना नहीं होगा टैक्स जमा
- एनओसी न मिलने के कारण पुराने वाहनों का टैक्स भी जमा नहीं होगा। जितना भी समय ज्यादा बितेगा, उतना ही वाहन स्वामियों पर टैक्स का बोझ बढ़ेगा। इसलिए समय से एनओसी ले ले।
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महकमे के अफसरों को भी जारी होगा नोटिस
- सरकारी महकमे में चल रहे पुराने वाहनों को भी सहायक संभागीय परिवहन विभाग नोटिस जारी करेगा। इसके बाद भी वाहन बंद नही किए तो चालक के खिलाफ कार्रवाई और वाहन को सीज किया जाएगा। जानकारी के अनुसार जिले के कई विभागों में 10-15 वर्ष पुराने डीजल-पेट्रोल वाहन संचालित हो रहे हैं।