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घर पहुंच कर देखेंगे अफसर परिवार भूखा तो नहीं
Updated Sat, 15 Jul 2017 12:15 AM IST
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घर पहुंच कर देखेंगे अफसर परिवार भूखा तो नहीं
उन गरीब परिवारों के लिए एक अच्छी खबर है, जिन्हें उज्ज्वला योजना के तहत नि:शुल्क घरेलू गैस सिलेंडर का कनेक्शन मिला है।
यदि परिवार का अब 40 दिन में रसोई गैस सिलेंडर खत्म नहीं हुआ तो लेखपाल व अन्य कर्मचारी घर पहुंचेंगे। घर में खाद्यान्न नहीं मिला तो उपलब्ध करवाने की व्यवस्था करवाई जाएगी।
केंद्र सरकार ने उज्ज्वला योजना के तहत गरीबों को नि:शुल्क रसोई गैस कनेक्शन उपलब्ध कराया गया है। कनेक्शन के साथ गैस चूल्हा भी दिया गया।
इस योजना से लाभान्वित परिवार ईंधन के रूप में रसोई गैस सिलेंडर का प्रयोग करते हैं। इस योजना का लाभ देने के लिए जिले के एक लाख 27 हजार 919 परिवारों को शामिल किया गया।
इनमें से अब तक एक लाख 526 परिवारों को गैस कनेक्शन जारी किए जा चुके हैं। सरकार की मंशा है कि वर्ष 2019 तक सभी गरीब परिवारों में रसोई गैस सिलेंडर हो।
सरकार का यह भी मानना है कि एक सिलेंडर से 40 दिन तक खाना तैयार किया जा सकता है। जबकि अधिकतर परिवार 80 से 100 दिन के अंतराल में सिलेंडर की बुकिंग कराते हैं।
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ऐसे में सरकार का यह भी मानना है कि गरीब परिवारों को खाद्यान्न नहीं मिल रहा। सरकार ने गैस कंपनियों को आदेश दिया है कि वह एक सॉफ्टवेयर तैयार करें। इसमें उज्जवला योजना के तहत गैस कनेक्शन लेने वाले गरीब परिवारों की सूची हो।
40 दिन के बाद गैस सिलेंडर नहीं लेने वाले परिवारों का नाम इस सिस्टम पर आ जाए। इसके बाद जिला प्रशासन और आपूर्ति विभाग के अफसर ऐसे परिवारों में लेखपाल और अन्य कर्मियों को भेजकर खाद्यान्न की जांच करवाएं।
यदि खाद्यान्न की कमी पाई जाए तो जिला प्रशासन उस परिवार को राशन उपलब्ध करवाएगा।
सरकार ने इस योजना को शुरू करने के लिए गैस कंपनियाें को आदेश दे दिया है। सरकार की मंशा है कि कोई भी गरीब परिवार भूखा नहीं रहे।
इसलिए गरीब परिवारों को फूड सिक्योरिटी योजना से दो रुपये किलो गेहूं और तीन रुपये किलो चावल उपलब्ध करवाया जा रहा है। - केबी सिंह, डीएसओ
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उन गरीब परिवारों के लिए एक अच्छी खबर है, जिन्हें उज्ज्वला योजना के तहत नि:शुल्क घरेलू गैस सिलेंडर का कनेक्शन मिला है।
यदि परिवार का अब 40 दिन में रसोई गैस सिलेंडर खत्म नहीं हुआ तो लेखपाल व अन्य कर्मचारी घर पहुंचेंगे। घर में खाद्यान्न नहीं मिला तो उपलब्ध करवाने की व्यवस्था करवाई जाएगी।
केंद्र सरकार ने उज्ज्वला योजना के तहत गरीबों को नि:शुल्क रसोई गैस कनेक्शन उपलब्ध कराया गया है। कनेक्शन के साथ गैस चूल्हा भी दिया गया।
इस योजना से लाभान्वित परिवार ईंधन के रूप में रसोई गैस सिलेंडर का प्रयोग करते हैं। इस योजना का लाभ देने के लिए जिले के एक लाख 27 हजार 919 परिवारों को शामिल किया गया।
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इनमें से अब तक एक लाख 526 परिवारों को गैस कनेक्शन जारी किए जा चुके हैं। सरकार की मंशा है कि वर्ष 2019 तक सभी गरीब परिवारों में रसोई गैस सिलेंडर हो।
सरकार का यह भी मानना है कि एक सिलेंडर से 40 दिन तक खाना तैयार किया जा सकता है। जबकि अधिकतर परिवार 80 से 100 दिन के अंतराल में सिलेंडर की बुकिंग कराते हैं।
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ऐसे में सरकार का यह भी मानना है कि गरीब परिवारों को खाद्यान्न नहीं मिल रहा। सरकार ने गैस कंपनियों को आदेश दिया है कि वह एक सॉफ्टवेयर तैयार करें। इसमें उज्जवला योजना के तहत गैस कनेक्शन लेने वाले गरीब परिवारों की सूची हो।
40 दिन के बाद गैस सिलेंडर नहीं लेने वाले परिवारों का नाम इस सिस्टम पर आ जाए। इसके बाद जिला प्रशासन और आपूर्ति विभाग के अफसर ऐसे परिवारों में लेखपाल और अन्य कर्मियों को भेजकर खाद्यान्न की जांच करवाएं।
यदि खाद्यान्न की कमी पाई जाए तो जिला प्रशासन उस परिवार को राशन उपलब्ध करवाएगा।
सरकार ने इस योजना को शुरू करने के लिए गैस कंपनियाें को आदेश दे दिया है। सरकार की मंशा है कि कोई भी गरीब परिवार भूखा नहीं रहे।
इसलिए गरीब परिवारों को फूड सिक्योरिटी योजना से दो रुपये किलो गेहूं और तीन रुपये किलो चावल उपलब्ध करवाया जा रहा है। - केबी सिंह, डीएसओ