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वीडियो क्रांफ्रेंसिंग के जरिए बढ़ी जीतू की न्यायिक हिरासत
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जीतू फौजी की न्यायिक हिरासत 14 दिन बढ़ी
बुलंदशहर। स्याना बवाल प्रकरण में नौ दिसंबर को जेल भेजे गए आरोपी जीतू फौजी की न्यायिक हिरासत मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने 14 दिन के लिए बढ़ा दी है। शनिवार दोपहर पुलिस जीतू को न्यायालय लेकर नहीं पहुंची तब वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई हुई।
बीते तीन दिसंबर को स्याना की चिंगरावठी चौकी पर गोकशी को लेकर बवाल हुआ था। मामले में तत्कालीन स्याना इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह व चिंगरावठी निवासी युवक सुमित की गोली लगने से मौत हो गई थी। मामले में पुलिस ने तत्कालीन चौकी इंचार्ज की तहरीर पर 27 नामजद समेत अन्य 50-60 अज्ञात आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। इसमें श्रीनगर में सेना में तैनात महाब निवासी युवक जीतू फौजी को भी नामजद किया गया था। साथ ही पुलिस ने बीते नौ दिसंबर को जीतू को सेना से सुपुर्दगी मिलने के बाद 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था। शनिवार को जीतू की न्यायिक हिरासत पूरी हो रही थी। माना जा रहा था कि पुलिस जीतू को शनिवार को कोर्ट में पेश करेगी, लेकिन पुलिस जीतू को लेकर न्यायालय नहीं पहुंची। जीतू के अधिवक्ता संजय शर्मा ने बताया कि शनिवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अवधेश कुमार पांडेय ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई के बाद जीतू की न्यायिक हिरासत को 14 दिन के लिए बढ़ा दिया है। जल्द ही जीतू की जमानत के लिए सत्र न्यायालय में अर्जी दाखिल किया जाएगा।
तो अब नहीं मिलेगी पुलिस को पीसीआर
आरोपी जीतू की 14 दिन की प्रथम न्यायिक हिरासत शनिवार को समाप्त हो गई। जीतू की गिरफ्तारी के बाद से ही माना जा रहा था कि पुलिस जीतू को पुलिस कस्टडी रिमांड ले सकती है, लेकिन उसकी पहली न्यायिक हिरासत का समय पूरा हो चुका है। जीतू के अधिवक्ता संजय शर्मा ने बताया कि अब पुलिस जीतू की पीसीआर नहीं ले सकेगी। कानूनन प्रथम न्यायिक हिरासत के दौरान ही पुलिस आरोपी की पीसीआर कोर्ट से ले सकती है।
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बुलंदशहर। स्याना बवाल प्रकरण में नौ दिसंबर को जेल भेजे गए आरोपी जीतू फौजी की न्यायिक हिरासत मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने 14 दिन के लिए बढ़ा दी है। शनिवार दोपहर पुलिस जीतू को न्यायालय लेकर नहीं पहुंची तब वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई हुई।
बीते तीन दिसंबर को स्याना की चिंगरावठी चौकी पर गोकशी को लेकर बवाल हुआ था। मामले में तत्कालीन स्याना इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह व चिंगरावठी निवासी युवक सुमित की गोली लगने से मौत हो गई थी। मामले में पुलिस ने तत्कालीन चौकी इंचार्ज की तहरीर पर 27 नामजद समेत अन्य 50-60 अज्ञात आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। इसमें श्रीनगर में सेना में तैनात महाब निवासी युवक जीतू फौजी को भी नामजद किया गया था। साथ ही पुलिस ने बीते नौ दिसंबर को जीतू को सेना से सुपुर्दगी मिलने के बाद 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था। शनिवार को जीतू की न्यायिक हिरासत पूरी हो रही थी। माना जा रहा था कि पुलिस जीतू को शनिवार को कोर्ट में पेश करेगी, लेकिन पुलिस जीतू को लेकर न्यायालय नहीं पहुंची। जीतू के अधिवक्ता संजय शर्मा ने बताया कि शनिवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अवधेश कुमार पांडेय ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई के बाद जीतू की न्यायिक हिरासत को 14 दिन के लिए बढ़ा दिया है। जल्द ही जीतू की जमानत के लिए सत्र न्यायालय में अर्जी दाखिल किया जाएगा।
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तो अब नहीं मिलेगी पुलिस को पीसीआर
आरोपी जीतू की 14 दिन की प्रथम न्यायिक हिरासत शनिवार को समाप्त हो गई। जीतू की गिरफ्तारी के बाद से ही माना जा रहा था कि पुलिस जीतू को पुलिस कस्टडी रिमांड ले सकती है, लेकिन उसकी पहली न्यायिक हिरासत का समय पूरा हो चुका है। जीतू के अधिवक्ता संजय शर्मा ने बताया कि अब पुलिस जीतू की पीसीआर नहीं ले सकेगी। कानूनन प्रथम न्यायिक हिरासत के दौरान ही पुलिस आरोपी की पीसीआर कोर्ट से ले सकती है।
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