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वैक्सीनेशन के बाद भी कोरोना संक्रमण की चपेट में आए 32 लोग

Mon, 26 Apr 2021 12:52 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 26 Apr 2021 12:52 AM IST
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बदायूं। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर कितनी खतरनाक है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वैक्सीनेशन होने के बाद भी जिले में 32 लोग संक्रमित हो गए। इनमें स्वास्थ्य कर्मियों की संख्या ज्यादा है। वैक्सीनेशन के बाद भी संक्रमित हुए लोगों में विश्व स्वास्थ्य संगठन के 10 लोग भी शामिल हैं। इस संबंध में सूचना भारत बायोटेक और सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया को भेजी गई है।
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जिले में 16 जनवरी से कोरोना टीकाकरण शुरू हुआ था। पहले चरण में निजी और सरकारी क्षेत्र के स्वास्थ्य कर्मियों का टीकाकरण किया गया। इनको वैक्सीन की दो डोज दे दी गईं। वैक्सीनेशन में सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया की कोविशील्ड और भारत बायोटेक की कोवैक्सीन का इस्तेमाल किया गया। अब तक जिले में 1.50 लाख से ज्यादा लोगों का टीकाकरण हो चुका है। गौर करने वाली बात यह है कि कोरोना की दूसरी लहर में टीकाकरण होने के बाद भी 32 लोग संक्रमित हो गए हैं।
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वैक्सीनेशन के बाद भी कोरोना संक्रमण के मामलों की बात करें तो विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के 10 कर्मचारी भी इनमें शामिल हैं। इसके अलावा बिनावर में सात, जगत में चार, सहसवान और बिल्सी में इस तरह का एक-एक मामला सामने आया है। इनमें ज्यादातर ऐसे मामले हैं जिनको वैक्सीन की दो डोज दी जा चुकी हैं।
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यह मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की ओर से रिपोर्ट सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया और भारत बायोटेक को भेज दी गई है। इस बात का भी अध्ययन किया जा रहा है कि आखिर वैक्सीनेशन के बाद भी यह लोग संक्रमण की चपेट में क्यों आए।
कई पुलिस प्रशासनिक अधिकारी भी हो गए संक्रमित
पहले चरण में निजी और सरकारी क्षेत्र के स्वास्थ्य कर्मियों के टीकाकरण के बाद दूसरे चरण में फ्रंट लाइन वर्कर्स का टीकाकरण किया गया था। इनमें पुलिस और राजस्व विभाग के अधिकारी, कर्मचारी भी शामिल थे। टीकाकरण के बाद भी डीएम, एडीएम प्रशासन, एसडीएम सहसवान, एसडीएम दातागंज, डीडीओ, एसपी सिटी, सीओ उझानी, डीआईओएस भी संक्रमण की चपेट में आ गए। इनमें कुछ ऐसे भी अधिकारी हैं जिनको अभी वैक्सीन की दूसरी डोज नहीं दी गई है।
विशेषज्ञ बोले- घबराने की जरूरत नहीं
विशेषज्ञें का कहना है कि वैक्सीनेशन के बाद भी संक्रमण के मामले कोई विशेष बात नहीं हैं। इससे घबराने की कोई जरूरत नहीं है। डीआईओ/नोडल अधिकारी टीकाकरण डॉ. मोहम्मद असलम का कहना है कि कोई भी वैक्सीन 100 प्रतिशत लोगों पर पूरी तरह से असर नहीं दिखाती। अब तक हुए अध्ययनों में पाया गया है कि यह अधिकतम 90 प्रतिशत तक कारगर होती है। कोरोना वैक्सीन के मामले में भी ऐसा ही है। सावधानी बरतने की जरूरत है। कोरोना की चेन तोड़ने के लिए मास्क और दो गज की दूरी बेहद जरूरी है।

वैक्सीनेशन होने के बाद भी संक्रमण के करीब 32 मामले सामने आए हैं। डब्ल्यूएचओ के 10 लोग भी संक्रमित हुए हैं। इस संबंध में सूचना सीरम इंस्टीट्यूट और भारत बायोटेक को भेज दी गई है। कोई भी वैक्सीन 100 प्रतिशत लोगों में एंटीबॉडी पैदा नहीं करती। कोरोना वैक्सीन के साथ भी ऐसा है। - डॉ. मोहम्मद असलम, डीआईओ/नोडल अधिकारी टीकाकरण
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