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उत्तराखंड से एनओसी  लेने की नई फांस लगी

Tue, 24 May 2016 12:29 AM IST
बदायूं, ब्यूरो
बदायूं, ब्यूरो Updated Tue, 24 May 2016 12:29 AM IST
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बहुउद्देशीय लिफ्ट कैनाल में सांसद ने बताया केंद्र का अड़ंगा
दो साल से लटकी, प्रोजेक्ट की लागत में हो चुका है भारी इजाफा
केंद्र सरकार में स्वीकृति को कई विभागों के विभिन्न पटलों पर घूम रहीं फाइलें

 जिले को मिली बहुउद्देशीय लिफ्ट कैनाल को अभी केंद्र सरकार की हरी झंडी नहीं मिली है। अब इसके लिए उत्तराखंड से एनओसी लेने का नया पेच और लग गया है। इसका खुलासा खुद सांसद धर्मेंद्र यादव ने किया। उन्होंने बताया कि इसका उन्होंने विरोध भी किया है। केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) के 16 से अधिक पटलों पर घूम रही फाइल अभी स्वीकृति के इंतजार में है। 
प्रदेश शासन ने जो धनराशि इसके लिए स्वीकृत की थी, उससे  मैटेरियल की कीमत काफी बढ़ गई है। अब लागत का एक बार फिर से आंकलन कराया जा सकता है। बदायूं जिले में रह चुकी संभल जिला की गुन्नौर तहसील से निकाली जाने वाली लिफ्ट कैनाल को अभी गति नहीं मिल सकी है। सूत्र बताते हैं कि प्रदेश सरकार ने केंद्र सरकार के आफिसों में विभिन्न स्वीकृतियों के लिए इसकी फाइल लाइन में लगा दी है। हर प्रकार की जांच पड़ताल भी हो चुकी है। यहां के अधिकारी दिल्ली सीडब्ल्यूसी की बैठकों में भाग ले चुके हैं। केंद्र के अधिकारी इस प्रकरण में अभी कई परीक्षण कराएंगे। इस बीच केंद्र के अधिकारियों ने उत्तराखंड से भी एनओसी लेने का एक और बड़ा पेच लगा दिया। सांसद धर्मेंद्र यादव ने यहां मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से पहले इसकी जानकारी दी। कहा कि उत्तराखंड में जो बांध हैं, उनसे पहले बिजनौर में हमारे प्रदेश के बाध हैं। इसलिए उत्तराखंड से एनओसी लेने का कोई औचित्य नहीं है। सांसद ने कहा कि अगर, केंद्र की अड़चनें न होतीं तो लिफ्ट कैनाल पर काम चल रहा होता। दो साल होने जा रहे हैं। इसमें लागत का परीक्षण भी कराया जाएगा। मैटेरियल की कीमतें भी इस बीच काफी बढ़ गई हैं और बढ़ती जा रही हैं। 
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नहर ही बचा सकती है बदायूं में जल संकट
बदायूं। जिले में भूगर्भ जल की स्थिति ठीक न होने के कारण क्षेत्र के लोगों की प्रबल मांग थी कि इस क्षेत्र को नहर का लाभ दिलाया जाए। मांग सपा की पिछली सरकार के काल से उठ रही थी। मुलायम सिंह यादव के बाद उनके पुत्र अखिलेश यादव की सरकार बनने पर यह प्रकरण उच्चस्तर तक पहुंच गया। सिंचाई मंत्री शिवपाल यादव खुद यहां आकर इस परियोजना की घोषणा करके गए थे। 
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दिल्ली के दफ्तरों में घूम रही फाइल
बदायूं। लिफ्ट कैनाल को तैयार फाइल विभिन्न स्वीकृतियों को केंद्र सरकार के जल विज्ञान, सिंचाई एवं नियोजन, लागत परीक्षण, अंतर्राज्यीय समाधान विभाग आदि दर्जनों विभागों में घूम रही है। 

निर्माणाधीन लिफ्ट कैनाल
एक नजर में 

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लंबाई- 1370 किमी
कुल लागत- 3000 करोड़
सिंचित तहसील
सहसवान, बिल्सी 
और बिसौली
डार्क ब्लाकों का उद्धार
इस्लामनगर, सहसवान, 
अंबियापुर और आसफपुर
लाभांवित होने वाले जिले
बदायूं और संभल 
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बड़ा प्रोजेक्ट है। संभल के जयकरन गांव के पास गंगा से निकाली जाने वाली लिफ्ट कैनाल की प्रक्रिया केंद्र के अधीन पूरी हो रही हैं। जल्दी ही इनके पूरे जाने पर काम शुरू होगा। 
- एके वर्मा, बाढ़ खंड, बदायूं।
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