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Budaun News: दोहरे हत्याकांड के मुख्य आरोपी अजय के दो सगे भाइयों की बदली जेल
Wed, 03 Jun 2026 12:36 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
Updated Wed, 03 Jun 2026 12:36 AM IST
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बदायूं। मूसाझाग थाना क्षेत्र में 12 मार्च 2026 को हुए चर्चित दोहरे हत्याकांड के मुख्य आरोपी अजय प्रताप सिंह के दो सगे भाइयों की जेल बदल दी गई है। शासन के निर्देश पर जिला कारागार प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए आरोपी केशव को बांदा जिला जेल और चंद्रशेखर को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मंगलवार को सोनभद्र जिला जेल भेज दिया है।
जेल प्रशासन को इस संबंध में महानिदेशक (डीजी) जेल कार्यालय से पत्र प्राप्त हुआ था, इसके आधार पर मंगलवार को दोनों बंदियों को अन्य जनपदों की जेलों में स्थानांतरित किया गया। बताया जा रहा है कि जिला प्रशासन ने दोनों आरोपियों को बदायूं जिला जेल से दूर स्थित जेलों में शिफ्ट किए जाने की संस्तुति शासन को भेजी थी, जिसपर यह निर्णय लिया गया।
पुलिस के अनुसार, कुछ समय पूर्व जेल में मुलाकात के दौरान एक रिश्तेदार महिला के माध्यम से केशव द्वारा मामले के गवाहों को धमकी दिलाने का प्रयास किया गया था। इस प्रकरण में भी पुलिस ने अलग से केस दर्ज किया था। इसके बाद जिला प्रशासन ने सुरक्षा और न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित होने से रोकने के मद्देनजर आरोपियों को अन्य जनपदों की जेलों में स्थानांतरित किए जाने की संस्तुति शासन को भेजी थी।
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12 मार्च को हुई थी दो अधिकारियों की हत्या
12 मार्च को एचपीसीएल के सीबीजी प्लांट में घुसकर दो अधिकारियों, सुधीर गुप्ता और हर्षित मिश्रा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद मुख्य आरोपी अजय प्रताप सिंह ने स्वयं थाने पहुंचकर सरेंडर कर दिया था। हालांकि उसी रात हत्या में प्रयुक्त तमंचे की बरामदगी के दौरान उसने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी थी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान उसके दोनों पैरों में गोली मारकर उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
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साजिश में शामिल होने पर बढ़ाए गए थे नाम
जांच के दौरान पुलिस ने प्लांट कर्मी अजय यादव और मुनेंद्र विक्रम को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा। बाद में विवेचना में अजय प्रताप सिंह के सगे भाई केशव तथा तहेरे भाई अभय प्रताप सिंह उर्फ कल्लू का नाम भी हत्या की साजिश में शामिल होने के आरोप में जोड़ा गया। इसके अलावा पुलिस ने आरोपी परिवार के खिलाफ जानलेवा हमला, रंगदारी, तहबाजारी वसूली और सरकारी भूमि पर कब्जे जैसे कई अन्य केस भी दर्ज किए। इन मामलों में अजय के पिता राजेश, ताऊ राकेश, भाई चंद्रशेखर और तहेरे भाई शिवम को भी आरोपी बनाया गया। राकेश को छोड़कर अन्य सभी आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है।
डीजी जेल कार्यालय से प्राप्त आदेश के अनुपालन में दोनों बंदियों को सुरक्षित रूप से बांदा और सोनभद्र जिला जेल स्थानांतरित कर दिया गया है। - राजेंद्र कुमार, जेल अधीक्षक, बदायूं
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जेल प्रशासन को इस संबंध में महानिदेशक (डीजी) जेल कार्यालय से पत्र प्राप्त हुआ था, इसके आधार पर मंगलवार को दोनों बंदियों को अन्य जनपदों की जेलों में स्थानांतरित किया गया। बताया जा रहा है कि जिला प्रशासन ने दोनों आरोपियों को बदायूं जिला जेल से दूर स्थित जेलों में शिफ्ट किए जाने की संस्तुति शासन को भेजी थी, जिसपर यह निर्णय लिया गया।
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पुलिस के अनुसार, कुछ समय पूर्व जेल में मुलाकात के दौरान एक रिश्तेदार महिला के माध्यम से केशव द्वारा मामले के गवाहों को धमकी दिलाने का प्रयास किया गया था। इस प्रकरण में भी पुलिस ने अलग से केस दर्ज किया था। इसके बाद जिला प्रशासन ने सुरक्षा और न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित होने से रोकने के मद्देनजर आरोपियों को अन्य जनपदों की जेलों में स्थानांतरित किए जाने की संस्तुति शासन को भेजी थी।
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12 मार्च को हुई थी दो अधिकारियों की हत्या
12 मार्च को एचपीसीएल के सीबीजी प्लांट में घुसकर दो अधिकारियों, सुधीर गुप्ता और हर्षित मिश्रा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद मुख्य आरोपी अजय प्रताप सिंह ने स्वयं थाने पहुंचकर सरेंडर कर दिया था। हालांकि उसी रात हत्या में प्रयुक्त तमंचे की बरामदगी के दौरान उसने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी थी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान उसके दोनों पैरों में गोली मारकर उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
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साजिश में शामिल होने पर बढ़ाए गए थे नाम
जांच के दौरान पुलिस ने प्लांट कर्मी अजय यादव और मुनेंद्र विक्रम को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा। बाद में विवेचना में अजय प्रताप सिंह के सगे भाई केशव तथा तहेरे भाई अभय प्रताप सिंह उर्फ कल्लू का नाम भी हत्या की साजिश में शामिल होने के आरोप में जोड़ा गया। इसके अलावा पुलिस ने आरोपी परिवार के खिलाफ जानलेवा हमला, रंगदारी, तहबाजारी वसूली और सरकारी भूमि पर कब्जे जैसे कई अन्य केस भी दर्ज किए। इन मामलों में अजय के पिता राजेश, ताऊ राकेश, भाई चंद्रशेखर और तहेरे भाई शिवम को भी आरोपी बनाया गया। राकेश को छोड़कर अन्य सभी आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है।
डीजी जेल कार्यालय से प्राप्त आदेश के अनुपालन में दोनों बंदियों को सुरक्षित रूप से बांदा और सोनभद्र जिला जेल स्थानांतरित कर दिया गया है। - राजेंद्र कुमार, जेल अधीक्षक, बदायूं