बदायूं। अपर सत्र कोर्ट के न्यायाधीश ने 13 साल पुराने मारपीट व गंभीर चोट पहुंचाने के मामले में दो आरोपियों को दोषी करार देते हुए सात-सात साल की सजा सुनाई है। न्यायाधीश ने दोनों दोषियों पर 27-27 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। इसमें से मुकदमे के वादी व घायलों को दस-दस हजार रुपये देने का आदेश दिया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, उघैती थाना क्षेत्र के गांव कोठा निवासी नेमपाल ने थाने पर मारपीट की एक रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसने बताया था कि उनका गांव के नरेश से रास्ते निकास को लेकर विवाद है। साल 2012 में नरेश समेत अन्य लोग लाठी-डंडा लेकर घर में घुस आए। आरोपियों ने उनके पिता सूबेदार के साथ मारपीट की। बचाव में आई मां कलावती व उनके साथ भी मारपीट की गई। इससे वह लोग गंभीर रूप से घायल हुए। शोर शराबा होने पर मुहल्ले के लोग आ गए। उन्हें देख आरोपी जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गए। कोर्ट में आरोपियों के मुकदमा चलाया गया। सोमवार को न्यायाधीश ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य का अवलोकन किया। दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की दलील सुनी। इसके बाद न्यायाधीश ने नरेंद्र व रूप किशोर को मारपीट व गंभीर चोट पहुंचाने का दोषी पाया। न्यायाधीश ने दोनों दोषियों को सात-सात साल कारावास व 27-27 हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई। इस मामले में मुकदमे के दौरान आरोपी मेहताब व टल्लू की मौत हो गई थी।