फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   Three roads of Dataganj submerged,flood of trouble on 50 thousand people in Budaun

बदायूं में बाढ़: दातागंज के तीन मार्ग पानी में डूबे, 40 गांवों के 50 हजार लोगों के सामने मुसीबत

Sun, 14 Jul 2024 02:17 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं Updated Sun, 14 Jul 2024 02:17 PM IST
सार

बदायूं जिले में गंगा और रामगंगा नदियों की बाढ़ से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दातागंज इलाके में तीन मार्ग जलमग्न हैं। नाव और स्टीमर के सहारे आवागमन हो रहा है। 

विज्ञापन
Three roads of Dataganj submerged,flood of trouble on 50 thousand people in Budaun
सड़क पर चल रही नाव

विस्तार

बदायूं जिले की दातागंज तहसील क्षेत्र के 40 गांवों के लिए आवागमन से जुड़े तीन मार्ग शनिवार को भी जलमग्न रहे। 15 गांवों में बिजली गुल है। वहीं, बाढ़ की वजह से बेसिक शिक्षा परिषद के दस स्कूलों में पढ़ाई ठप हो चुकी है। गंगा में जलस्तर बढ़ा है। वहीं, रामगंगा व अरिल में पिछले 24 घंटे में पानी कम हुआ है। 

विज्ञापन


रामगंगा की बाढ़ के पानी से 18 गांव चौतरफा घिरे हुए हैं। घर से लेकर बाहर तक 50 हजार लोगों पर मुसीबतों की बाढ़ है। जरूरी खाद्यान्न और दवाओं का भी संकट है। बीमार इलाज के लिए सड़क मार्ग खुलने का इंतजार कर रहे हैं, जो तैरना जानते हैं या जोखिम ले सकते हैं, वे लोग जलभराव वाले क्षेत्रों से होकर कई-कई किलोमीटर पैदल चलकर घरेलू जरूरतों का सामान लेकर वापस लौट रहे हैं। 
विज्ञापन


नगरिया खनू से लालपुर खादर मार्ग सात-किलोमीटर है। अधिकतर हिस्सा पांच दिन से जलमग्न है। इस रास्ते से होकर गुजरने वाले 16 गांवों के लोगों पर मुसीबतों की बाढ़ है। इन गांवों के लोग अधिकतर नाव के सहारे हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन




हजरतपुर से लालपुर खादर मार्ग 6.50 किलोमीटर लंबा है। चार किलोमीटर हिस्से में पानी है। गढ़िया शाहपुर से हर्रेनगला तक तीन किलोमीटर लंबा मार्ग है। मार्ग का 400 मीटर हिस्सा जलमग्न है। लोग गुजर रहे हैं लेकिन सामान्य तौर पर 25 गांवों के लोगों का आवागमन प्रभावित है। इस तरह 40 गांवों के लोग बाढ़ की मुसीबत झेल रहे हैं। कुंडरा मजरा, उधौनगला, जलेबी  नगला, नगला देवेंद्र सिंह, नगला डालचंद्र, लालपुर, पूरनभेड़ा, शेरपुर, हर्रामपुर, पट्टीबिजा, अकट, बिहारीपुर समेत 18 गांव पानी से घिरे हैं।

25 गांवों को कुछ हद तक मिली राहत
अरिल नदी से होकर गुजरने वाले बक्सेना से कुनिया मार्ग पर शनिवार  को पांचवें दिन आवागमन सुचारू हो गया। मार्ग पर पांच दिन से बाढ़ के पानी से बाधित था अब छोटे-बड़े वाहन चलने  लगे है। अरिल के रपटा पुल से पानी खत्म हो गया है। इससे 25  गांवों के लोगो को राहत मिली है। 

बेलाडांडी व नवादा बदन में दुश्वारियां बरकरार
बाढ़ से घिरे गांव नवादा बदन के प्रधान दुष्यंत प्रताप सिंह ने बताया कि बाढ़ ग्रस्त गांव हर्रामपुर और नगरिया खनू तक ही अफसर आते हैं, वहीं से निर्देश देकर लौट जाते हैं। कई साल से ऐसा ही होता आ रहा है। उनके गांव की ओर कभी कोई अधिकारी नहीं आए। गांव में न तो स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जा रहे हैं न ही कोई राहत सामग्री पहुंचाई गई है। 

प्रशासन को प्रत्येक गांव को ध्यान में रखकर कार्रवाई करनी चाहिए। गांव बेलाडांडी के प्रधान के पति पुष्पेंद्र यादव ने बताया कि गांव में कोई स्वास्थ्य शिविर नहीं लगा है। अधिकारी गांव हर्रामपुर तक आए और चले गए लेकिन अन्य किसी गांव के हालात नहीं देखे गए। एक गांव के अलावा किसी गांव में कोई राहत नहीं दी गई है। हकीकत में बाढ़ पीड़ित प्रत्येक गांव में राहत सामग्री देना चाहिए।
 

हजरतपुर इलाके में तीन पुलिया ध्वस्त
दातागंज। बाढ़ का पानी कम होने लगा है। बाढ़ की चपेट में आकर गांव अकट, मौजमपुर, लालपुर खादर से हजरतपुर के मुख्य मार्ग की तीन पुलियां ध्वस्त हो गई हैं। पुलियों के आस पास की जमीन का कटान हो गया है। अगर इन पुलियों का जल्द ही सुधार नहीं कराया गया तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। वहीं हजरतपुर पुल के पास सड़क किनारे जमीन धंस गई है। 

गंगा और रामगंगा का यह है जलस्तर
रामगंगा का जलस्तर आने वाले 24 घंटे में और घटने का अनुमान है। कालागढ़ बैराज से कम पानी छोड़ने की वजह से रामगंगा का जलस्तर पिछले 24 घंटे में 76 सेंटीमीटर कम हो गया है। रामगंगा का जल स्तर 13 जुलाई सुबह को 160.090 मीटर रिकॉर्ड किया गया है। 12 जुलाई को 160.850 मीटर था। 

वहीं गंगा का जलस्तर पिछले 24 घंटे में 28 सेंटीमीटर बढ़ गया है, लेकिन हरिद्वार, बिजनौर व नरौरा बांध से अगले चौबीस घंटे पानी कम छोड़ा जाएगा। इसलिए गंगा का मैदानी क्षेत्र में जलस्तर कम होने के आसार है। कछला घाट पर भी जलस्तर कम हो जाएगा। कछला पर शनिवार को 161.44 मीटर पर गंगा का जलस्तर रिकार्ड किया गया। शुक्रवार को यह 161.16 मीटर था।  कछला में गंगा खतरे के निशान से 56 सेंटीमीटर नीचे बह रही हैं।

डीएम मनोज कुमार ने बताया कि मैंने शनिवार को हर्रामपुर का दौरा किया। बाढ़ प्रभावित लोगों से बातचीत की। कोटे का राशन गांव में पहुंच गया है। वितरण कराया जा रहा है। हर्रामपुर के लोगों ने बिजली गुल होने की बात कही। आपूर्ति बहाल कराएंगे लेकिन पहले यह देखा जाएगा कि आपूर्ति चालू होने पर बाढ़ ग्रस्त क्षेत्र में कहीं कोई खतरा तो नहीं है। सौर ऊर्जा से बिजली के विकल्प पर विचार किया जा रहा है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed