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क्या इस बार कस्तूरबा में खाली रह जाएंगी सीटें
बदायूं, ब्यूरो
Updated Thu, 05 May 2016 11:35 PM IST
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नए सत्र में अभी तक सभी विद्यालयों में खाली हैं 155 सीट
विद्यालयों में नहीं पहुंच रहे अभिभावक
बेसिक शिक्षा विभाग के कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में इस वर्ष छात्राओं के दाखिले में गिरावट आई है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार नए शिक्षा सत्र में अभी तक सभी विद्यालयों में कुल 155 सीटें खाली रह गई हैं।
डीसी कस्तूरबा सीमा चौहान ने बताया इस वर्ष बॉ विद्यालयों में छात्राओं के दाखिले के लिए अभिभावक नहीं पहुंच रहे हैं, जिससे इन विद्यालयों में छात्राओं की कमी हो सकती है। उन्होंने बताया कि विभाग की ओर से छात्राओं के दाखिले के लिए घर-घर जाकर अभिभावकों से संपर्क किया जा रहा है। बताते चलें गत वर्ष कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय कई विवादों के कारण सुर्खियों में आए थे। इसमें इस्लामनगर के कस्तूरबा स्कूल में सर्दी लगने से हुई छात्रा की मौत प्रमुख है। म्याऊं ब्लाक का कस्तूरबा, वजीरगंज कस्तूरबा और सहसवान के बा विद्यालय सुर्खियों में रहे थे।
बताया जाता है कि इन सभी मामलों में विभाग का ढुलमुल रवैया अभिभावकों को नागवार गुजरा है। इन सभी मामलों को देखते हुए कई अभिभावकों ने अपनी बेटियों को विद्यालयों से निकालने की भी बात कही थी। अब इस वर्ष दाखिले कराने के लिए विभाग की ओर से किए जा रहे प्रयास भी नाकाफी लग रहे हैं। अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि नए शिक्षा सत्र में अभी भी कस्तूरबा विद्यालयों में 155 सीटें खाली रह गई हैं।
विद्यालयों में नहीं पहुंच रहे अभिभावक
बेसिक शिक्षा विभाग के कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में इस वर्ष छात्राओं के दाखिले में गिरावट आई है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार नए शिक्षा सत्र में अभी तक सभी विद्यालयों में कुल 155 सीटें खाली रह गई हैं।
डीसी कस्तूरबा सीमा चौहान ने बताया इस वर्ष बॉ विद्यालयों में छात्राओं के दाखिले के लिए अभिभावक नहीं पहुंच रहे हैं, जिससे इन विद्यालयों में छात्राओं की कमी हो सकती है। उन्होंने बताया कि विभाग की ओर से छात्राओं के दाखिले के लिए घर-घर जाकर अभिभावकों से संपर्क किया जा रहा है। बताते चलें गत वर्ष कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय कई विवादों के कारण सुर्खियों में आए थे। इसमें इस्लामनगर के कस्तूरबा स्कूल में सर्दी लगने से हुई छात्रा की मौत प्रमुख है। म्याऊं ब्लाक का कस्तूरबा, वजीरगंज कस्तूरबा और सहसवान के बा विद्यालय सुर्खियों में रहे थे।
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बताया जाता है कि इन सभी मामलों में विभाग का ढुलमुल रवैया अभिभावकों को नागवार गुजरा है। इन सभी मामलों को देखते हुए कई अभिभावकों ने अपनी बेटियों को विद्यालयों से निकालने की भी बात कही थी। अब इस वर्ष दाखिले कराने के लिए विभाग की ओर से किए जा रहे प्रयास भी नाकाफी लग रहे हैं। अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि नए शिक्षा सत्र में अभी भी कस्तूरबा विद्यालयों में 155 सीटें खाली रह गई हैं।
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