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Budaun News: फरार हुआ संचालक कई गांवों में फर्जी स्कूल खोल कर चुका था बच्चों के भविष्य संग खिलवाड़

Thu, 03 Sep 2026 01:42 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं Updated Thu, 03 Sep 2026 01:42 AM IST
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The absconding operator had played with the future of children by opening fake schools in many villages.
रिसौली। क्षेत्र के भरा पट्टी में सीबीएसई का फर्जी स्कूल खोलकर फरार हुआ संचालक कई गांवों में फर्जी स्कूल खोलकर बच्चों का भविष्य खिलवाड़ कर चुका है लेकिन उसके खिलाफ अन्य गांवों के ग्रामीणों ने शिकायत नहीं की, इसलिए उसकी हिम्मत और बढ़ गई और उसने भरा पट्टी के भोलेभाले ग्रामीणों को झांसे में फंसाया और सौ से अधिक बच्चों का प्रवेश कराकर दो लाख से अधिक की रकम वसूलकर फरार हो गया। 14 अगस्त को गुधनी गांव से कुछ लोग नगू पट्टी में अपनी रिश्तेदारी में आए थे, उन्होंने स्कूल संचालक के बारे में ग्रामीणों को बताया कि इस संचालक ने तो उनके गांव के अलावा बधौली और हैवतपुर में भी स्कूल खोले थे और रकम लेकर फरार हो गया था। अब ऐसा फरार हुआ है कि ढूंढे़ नहीं मिल रहा। वहीं, इकबाल अंसारी ने बताया कि बच्चे का प्रवेश कराकर स्कूल की ड्रेस व पूरी साल की फीस जमा कर दी थीं। उन्हें क्या मालूम था कि संचालक फरार हो जाएगा।
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क्या कहते हैं ग्रामीण
फोटो- 43
- गौरव सिसौदिया ने बताया कि उन्होंने स्कूल ड्रेस किताबें और पूरे साल की फीस जमा कर दी थी ताकि बच्चा अच्छे से पढ़ाई कर सके लेकिन ऐसा फर्जीवाड़ा होगा ऐसा नहीं सोचा था।
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फोटो- 44
इकरार अंसारी ने बताया कि स्कूल ड्रेस किताबें खरीदने के साथ फीस भी जमा कर दी थी। एक गाड़ी भी किराये पर उसके लिए दिलाई थी, जिसका कोई रुपया नहीं मिला था।
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ग्रामीणों को कभी नहीं बताया अपना सही नाम
ग्रामीणों ने पुलिस को बताया कि स्कूल संचालक इतना चालाक था कि उसने ग्रामीणों को अपना असली नाम नहीं बताया। कभी रमेश कभी सुरेश बताता। किसी के पास फोन आया तो टू-काॅलर पर हरीशंकर लिखा आता था।
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कक्षा आठ तक के स्कूल की मान्यता की कैसे करें पहचान
- पहला संबंधित स्कूल को अपने बिल्डिंंग के बाहर बड़ा-बड़ा उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त रजिस्ट्रेशन अथवा पत्रांक व दिनांक डालना चाहिए। इसके अलावा जो व्यक्ति एडमिशन के लिए जा रहा है। वह विद्यालय से इसकी जानकारी ले लें। अगर तब भी स्पष्ट नहीं हो पा रहा है तो संबंधित ब्लॉक में स्थित खंड शिक्षा अधिकारी के कार्यालय से जानकारी कर सकता है। अगर वहां से भी जानकारी नहीं मिलती है, तो उसे बेसिक शिक्षा विभाग से पता कर सकता है।

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ग्रामीण अभिभावकों को बच्चों के भविष्य की चिंता सताई



- आरोपी संचालक का मोबाइल नंबर भी बंद आ रहा है। ग्रामीणों ने तहरीर देने के साथ पुलिस को सर्विलांस पर लगाने के लिए आरोपी का फोन नंबर दिया है। आरोपी के फरार होने की सूचना से ग्रामीण अभिभावकों में खलबली मची है। उन्हें अपने बच्चों के भविष्य की चिंता सता रही है। पुलिस को सामूहिक तहरीर देने वालों में इकरार अंसारी, इकबाल अंसारी, श्याम सिंह, रिंकू सिंह, देवेन्द्र कुमार, गोपाल शर्मा, प्रदीप कश्यप, प्रेम सिंह शाक्य, प्रेमपाल शाक्य, सुरेश सिंह, गौरव सिंह, शीश पाल, कमलदीप आदि के हस्ताक्षर हैं।
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