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मिलों पर एक अरब से अधिक बाकी, किसानों की फीकी रहेगी होली
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गन्ना सेंटर पर खड़ी ट्राली। संवाद
- फोटो : BADAUN
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बदायूं। किसान हित में सरकार के बेहतर काम के दावों के बीच सरकारी मशीनरी और मिल प्रबंधन मनमानी पर उतारू हैं। जिले के गन्ना किसानों का चीनी मिलों पर एक अरब से ज्यादा बकाया है। इनमें जिले की दो मिलों के साथ ही दूसरे जिलों की पांच मिलें भी शामिल हैं जिनके सेंटर बदायूं में हैं। ऐसे में समय से भुगतान न होने पर इस बार भी किसानों की होली फीकी रहने की संभावना है।
करीब 36 लाख की आबादी वाले बदायूं में छह विधानसभा और दो संसदीय क्षेत्र हैं। यहां के किसानों की जीविका का सहारा खेती है। खासकर गन्ने की खेती को यहां प्राथमिकता दी जाती है। किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए यहां दो चीनी मिल भी हैं। इसमें एक द किसान सहकारी चीनी मिल शेखूपुर में और दूसरी बिसौली में स्थित यदु शुगर मिल है। इसके अलावा रजपुरा, न्यौली, करीमगंज, फरीदपुर और वीनस चीनी मिलों के कांटे (तौल केंद्र) भी यहां लगे हैं। शासन ने निर्देश दिए हैं कि गन्ना खरीद के 14 दिनों के अंदर किसानों का शत-प्रतिशत भुगतान कर दिया जाए, लेकिन यहां इन निर्देशों का पालन नहीं हो रहा। आलम यह है कि गन्ने की सप्लाई करने के दो माह बाद भी अधिकतर चीनी मिलों ने किसानों का भुगतान नहीं किया है। इसकी वजह से किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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न्यौली चीनी मिल ने नहीं किया भुगतान
कासगंज जिले की न्यौली चीनी मिल के जिले में 10 गन्ना सेंटर हैं। यहां अब तक 5.06 लाख क्विंटल गन्ने की खरीद की जा चुकी है। ऐसे में मिल पर गन्ना किसानों को 17 करोड़ 43 लाख रुपये का भुगतान बाकी है। अब तक बिल्कुल भी भुगतान नहीं हुआ है। यह मिल डीपी यादव ग्रुप की है।
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वीनस चीनी मिल ने किया शत प्रतिशत भुगतान
चंदौसी की वीनस चीनी मिल की ओर से इस बार बेहद कम गन्ने की खरीद की गई है। चीनी मिल ने 24 लाख 70 हजार रुपये का गन्ना किसानों से खरीदा था। इसका चीनी मिल प्रशासन की ओर से समय से भुगतान कर दिया गया है।
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चीनी मिल कितने की खरीद (लाख में) कितना बकाया (लाख में)
सहकारी चीनी मिल शेखूपुर 3959 2668
युद शुगर मिल बिसौली 11898 8397
रजपुरा 1473 125
न्यौली 1743 1743
करीमगंज 1875 913
फरीदपुर 129 10
वीनस 24 00
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किसानों की मांग, समय से हो भुगतान
समय से गन्ने का भुगतान किया जाए तो किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी। साथ ही जिले में गन्ने की पैदावार और अधिक होगी, पर ऐसा नहीं हो पा रहा है।
-सुरेश सिंह
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जिले में गन्ना किसानों की स्थिति ज्यादा अच्छी नहीं है। यहां पर चीनी मिलों द्वारा समय से भुगतान नहीं किया जा रहा है। इसकी वजह से काफी परेशानी हो रही है।
-दुर्वेश
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जिला प्रशासन को चाहिए कि वह चीनी मिल पर दबाव बनाएं। किसानों को शासन के निर्देशों के अनुसार भुगतान हो, जिससे किसी प्रकार की दिक्कत न हो।
-पूरनलाल
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विधानसभा चुनाव होने वजह से किसानों को थोड़ा फायदा मिला है, क्योंकि चीनी मिल पर जो पिछले वर्षों का बकाया आ रहा था उसका भुगतान हो गया, हालांकि मौजूदा सत्र का भुगतान बाकी है।
-राजेंद्र प्रसाद
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चीनी मिल पर पिछले वर्ष का कोई भी भुगतान बाकी नहीं है। मौजूदा समय में जो गन्ना खरीदा जा रहा है उसकी धनराशि किसानों को दी जा रही है। कुछ चीनी मिलों पर एक से डेढ़ माह पहले का ही बकाया चल रहा है। मिलों को निर्देशित किया है कि शासन के नियमों के अनुसार समय पर धनराशि किसानों को दी जाए।
-रामकिशन, जिला गन्ना अधिकारी
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करीब 36 लाख की आबादी वाले बदायूं में छह विधानसभा और दो संसदीय क्षेत्र हैं। यहां के किसानों की जीविका का सहारा खेती है। खासकर गन्ने की खेती को यहां प्राथमिकता दी जाती है। किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए यहां दो चीनी मिल भी हैं। इसमें एक द किसान सहकारी चीनी मिल शेखूपुर में और दूसरी बिसौली में स्थित यदु शुगर मिल है। इसके अलावा रजपुरा, न्यौली, करीमगंज, फरीदपुर और वीनस चीनी मिलों के कांटे (तौल केंद्र) भी यहां लगे हैं। शासन ने निर्देश दिए हैं कि गन्ना खरीद के 14 दिनों के अंदर किसानों का शत-प्रतिशत भुगतान कर दिया जाए, लेकिन यहां इन निर्देशों का पालन नहीं हो रहा। आलम यह है कि गन्ने की सप्लाई करने के दो माह बाद भी अधिकतर चीनी मिलों ने किसानों का भुगतान नहीं किया है। इसकी वजह से किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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न्यौली चीनी मिल ने नहीं किया भुगतान
कासगंज जिले की न्यौली चीनी मिल के जिले में 10 गन्ना सेंटर हैं। यहां अब तक 5.06 लाख क्विंटल गन्ने की खरीद की जा चुकी है। ऐसे में मिल पर गन्ना किसानों को 17 करोड़ 43 लाख रुपये का भुगतान बाकी है। अब तक बिल्कुल भी भुगतान नहीं हुआ है। यह मिल डीपी यादव ग्रुप की है।
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वीनस चीनी मिल ने किया शत प्रतिशत भुगतान
चंदौसी की वीनस चीनी मिल की ओर से इस बार बेहद कम गन्ने की खरीद की गई है। चीनी मिल ने 24 लाख 70 हजार रुपये का गन्ना किसानों से खरीदा था। इसका चीनी मिल प्रशासन की ओर से समय से भुगतान कर दिया गया है।
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चीनी मिल कितने की खरीद (लाख में) कितना बकाया (लाख में)
सहकारी चीनी मिल शेखूपुर 3959 2668
युद शुगर मिल बिसौली 11898 8397
रजपुरा 1473 125
न्यौली 1743 1743
करीमगंज 1875 913
फरीदपुर 129 10
वीनस 24 00
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किसानों की मांग, समय से हो भुगतान
समय से गन्ने का भुगतान किया जाए तो किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी। साथ ही जिले में गन्ने की पैदावार और अधिक होगी, पर ऐसा नहीं हो पा रहा है।
-सुरेश सिंह
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जिले में गन्ना किसानों की स्थिति ज्यादा अच्छी नहीं है। यहां पर चीनी मिलों द्वारा समय से भुगतान नहीं किया जा रहा है। इसकी वजह से काफी परेशानी हो रही है।
-दुर्वेश
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जिला प्रशासन को चाहिए कि वह चीनी मिल पर दबाव बनाएं। किसानों को शासन के निर्देशों के अनुसार भुगतान हो, जिससे किसी प्रकार की दिक्कत न हो।
-पूरनलाल
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विधानसभा चुनाव होने वजह से किसानों को थोड़ा फायदा मिला है, क्योंकि चीनी मिल पर जो पिछले वर्षों का बकाया आ रहा था उसका भुगतान हो गया, हालांकि मौजूदा सत्र का भुगतान बाकी है।
-राजेंद्र प्रसाद
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चीनी मिल पर पिछले वर्ष का कोई भी भुगतान बाकी नहीं है। मौजूदा समय में जो गन्ना खरीदा जा रहा है उसकी धनराशि किसानों को दी जा रही है। कुछ चीनी मिलों पर एक से डेढ़ माह पहले का ही बकाया चल रहा है। मिलों को निर्देशित किया है कि शासन के नियमों के अनुसार समय पर धनराशि किसानों को दी जाए।
-रामकिशन, जिला गन्ना अधिकारी