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Budaun News: डिग्री काॅलेजों में छात्र संघ चुनाव जरुरी
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संवाद कार्यक्रम में चुनाव को लेकर चर्चा करते छात्र संगठन के पदाधिकारी। संवाद
बदायूं। बदायूं क्लब सभागार में छात्र नेताओं ने अमर उजाला संवाद में छात्रसंघ चुनाव न होने व रोजगार न मिलने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। कहा कि अगर कॉलेजों में छात्रसंघ चुनाव नहीं होंगे तो विद्यार्थियों की समस्याओं को कौन सुनेगा। राजनीति में नए चेहरे कैसे सामने आएंगे।
संवाद के दौरान छात्र नेताओं ने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य को निशुल्क कर दिया जाना चाहिए। दोनों सेवाएं निशुल्क होने पर अमीर और गरीब के बीच की खाई मिट जाएगी। बोले- सरकार को नियमित भर्ती निकालनी चाहिए। अगर पुलिस दरोगा भर्ती की बात करें तो छह साल के बाद में नियुक्ति निकाली गई थी। ऐसे में कई युवा ओवरएज हो गए और आवेदन नहीं कर सके।
सांसद से अपेक्षा रहेगी कि वह युवाओं की आवाज को उठाने का काम करें। केंद्र सरकार की सभी नौकरियों के लिए आवेदन फार्म की फीस खत्म कर देनी चाहिए। साथ ही नौकरी के लिए आने जाने का किराया भी माफ हो, क्योंकि आवेदन बेरोजगार ही करते हैं। उनके पास पहले से ही रोजगार नहीं, ऊपर से उन्हें फार्म भरने व आने-जाने के लिए इधर-उधर से रुपये मांगने पड़ते हैं।
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-- -संवाद के दौरान छात्र नेताओं ने कहा-- -
-जिले में इंडस्ट्री नहीं है। रोजगार के लिए अन्य जनपदों की ओर रुख करना पड़ता है। सांसद इंडस्ट्री का विकास कराने वाला हो। -नरेंद्र सिंह राठौर, संस्थापक, नौजवान एकता मंच
- जिले में युवाओं के लिए रोजगार के नाम पर कुछ भी नहीं है। लगातार इस तरह से भर्तियां निकाली जाएं कि उनको निरस्त न करना पड़े। - मुनीश कुमार, जिला महासचिव, युवा क्रांतिकारी छात्र संगठन
-छात्र राजनीति होना अत्यंत जरूरी है, क्योंकि उसी के माध्यम से छात्र-छात्राएं समस्याओं को उठाते हैं। इसके छात्र संघ के चुनाव जरूरी हैं। -सार्थक गौड़, जिला सचिव, युवा क्रांतिकारी छात्र संगठन
- अगर कॉलेजों से छात्रनेता नहीं निकलेंगे तो एक समय के बाद राजनीति में नए चेहरे आना बंद हो जाएंगे। फिर परिवारवाद को ही बढ़ावा मिलेगा। योगेश कुमार, संस्थापक, नव क्रांतिदल छात्र संगठन
-सरकार 80 करोड़ लोगों को निशुल्क राशन दे रही है। इस तरह सरकार मान रही है कि गरीबी और बेरोजगारी है। निशुल्क राशन की जगह ज्यादा से ज्यादा लोगों को नौकरी देनी चाहिए। -फुरकान खान, सदस्य, नव क्रांतिदल छात्र संगठन
-विकास के नाम पर आज तक कुछ भी नहीं किया गया है। युवाओं की आवाज को दबाने का काम किया जा रहा। आने वाले सांसद को रोजगार दिलाने के लिए प्रयास करना चाहिए।- मोहम्मद खालिद, उपाध्यक्ष बदायूं यूथ
-रोजगार के लिए युवा दूसरे राज्यों पर निर्भर रहते हैं। और नौकरी करने के लिए पलायन तक करना पड़ता है। ऐसे में सांसद को ध्यान देना चाहिए कि वह रोजगार को बढ़ावा देने के लिए कोई काम करें। -राकेश मौर्य, जिला सचिव बदायूं यूथ
- बेरोजगार जैसे-तैसे अपना पेट पाल रहे हैं। अपने छोटे बच्चों का दाखिला जब स्कूलों में करा रहे हैं, तो प्राइवेट स्कूलों की फीस बहुत ज्यादा है। सभी तरह के स्कूलों में निशुल्क शिक्षा के इंतजाम हों। -अजय दिवाकर, महासचिव, बरेली मंडल, युवा मंच संगठन
- अधिकांश युवाओं के पास रोजगार नहीं है। तमाम युवाओं को घुटकर जीने पर मजबूर होना पड़ रहा है। इस तरफ नए सांसद को ध्यान देना चाहिए।-साहिल अल्वी, नगर महासचिव युवा मंच संगठन
-नौकरी के लिए किए जाने वाले आवेदन की फ्री को पूरी तरह से निशुल्क किया जाना चाहिए। परीक्षा के लिए युवाओं का यात्रा भी निशुल्क होनी चाहिए। -सलमान गाजी, विधानसभा प्रभारी, युवा मंच संगठन
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संवाद के दौरान छात्र नेताओं ने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य को निशुल्क कर दिया जाना चाहिए। दोनों सेवाएं निशुल्क होने पर अमीर और गरीब के बीच की खाई मिट जाएगी। बोले- सरकार को नियमित भर्ती निकालनी चाहिए। अगर पुलिस दरोगा भर्ती की बात करें तो छह साल के बाद में नियुक्ति निकाली गई थी। ऐसे में कई युवा ओवरएज हो गए और आवेदन नहीं कर सके।
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सांसद से अपेक्षा रहेगी कि वह युवाओं की आवाज को उठाने का काम करें। केंद्र सरकार की सभी नौकरियों के लिए आवेदन फार्म की फीस खत्म कर देनी चाहिए। साथ ही नौकरी के लिए आने जाने का किराया भी माफ हो, क्योंकि आवेदन बेरोजगार ही करते हैं। उनके पास पहले से ही रोजगार नहीं, ऊपर से उन्हें फार्म भरने व आने-जाने के लिए इधर-उधर से रुपये मांगने पड़ते हैं।
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-जिले में इंडस्ट्री नहीं है। रोजगार के लिए अन्य जनपदों की ओर रुख करना पड़ता है। सांसद इंडस्ट्री का विकास कराने वाला हो। -नरेंद्र सिंह राठौर, संस्थापक, नौजवान एकता मंच
- जिले में युवाओं के लिए रोजगार के नाम पर कुछ भी नहीं है। लगातार इस तरह से भर्तियां निकाली जाएं कि उनको निरस्त न करना पड़े। - मुनीश कुमार, जिला महासचिव, युवा क्रांतिकारी छात्र संगठन
-छात्र राजनीति होना अत्यंत जरूरी है, क्योंकि उसी के माध्यम से छात्र-छात्राएं समस्याओं को उठाते हैं। इसके छात्र संघ के चुनाव जरूरी हैं। -सार्थक गौड़, जिला सचिव, युवा क्रांतिकारी छात्र संगठन
- अगर कॉलेजों से छात्रनेता नहीं निकलेंगे तो एक समय के बाद राजनीति में नए चेहरे आना बंद हो जाएंगे। फिर परिवारवाद को ही बढ़ावा मिलेगा। योगेश कुमार, संस्थापक, नव क्रांतिदल छात्र संगठन
-सरकार 80 करोड़ लोगों को निशुल्क राशन दे रही है। इस तरह सरकार मान रही है कि गरीबी और बेरोजगारी है। निशुल्क राशन की जगह ज्यादा से ज्यादा लोगों को नौकरी देनी चाहिए। -फुरकान खान, सदस्य, नव क्रांतिदल छात्र संगठन
-विकास के नाम पर आज तक कुछ भी नहीं किया गया है। युवाओं की आवाज को दबाने का काम किया जा रहा। आने वाले सांसद को रोजगार दिलाने के लिए प्रयास करना चाहिए।- मोहम्मद खालिद, उपाध्यक्ष बदायूं यूथ
-रोजगार के लिए युवा दूसरे राज्यों पर निर्भर रहते हैं। और नौकरी करने के लिए पलायन तक करना पड़ता है। ऐसे में सांसद को ध्यान देना चाहिए कि वह रोजगार को बढ़ावा देने के लिए कोई काम करें। -राकेश मौर्य, जिला सचिव बदायूं यूथ
- बेरोजगार जैसे-तैसे अपना पेट पाल रहे हैं। अपने छोटे बच्चों का दाखिला जब स्कूलों में करा रहे हैं, तो प्राइवेट स्कूलों की फीस बहुत ज्यादा है। सभी तरह के स्कूलों में निशुल्क शिक्षा के इंतजाम हों। -अजय दिवाकर, महासचिव, बरेली मंडल, युवा मंच संगठन
- अधिकांश युवाओं के पास रोजगार नहीं है। तमाम युवाओं को घुटकर जीने पर मजबूर होना पड़ रहा है। इस तरफ नए सांसद को ध्यान देना चाहिए।-साहिल अल्वी, नगर महासचिव युवा मंच संगठन
-नौकरी के लिए किए जाने वाले आवेदन की फ्री को पूरी तरह से निशुल्क किया जाना चाहिए। परीक्षा के लिए युवाओं का यात्रा भी निशुल्क होनी चाहिए। -सलमान गाजी, विधानसभा प्रभारी, युवा मंच संगठन