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राकेश गुप्ता के दोनों शस्त्र लाइसेंस निलंबित
बदायूं, ब्यूरो
Updated Mon, 13 Jun 2016 11:19 PM IST
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जवाहर बाग कांड के आरोपी राकेश गुप्ता की पिस्टल और रायफल का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया है। एसएसपी सुनील सक्सेना की संस्तुति के बाद सोमवार को डीएम शंभूनाथ ने यह कार्रवाई की। अब उसके दोनों शस्त्र लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। राकेश गुप्ता के ये दोनों लाइसेंस दातागंज कोतवाली से जारी हुए हैं।
हजरतपुर थाने के गांव गढिंया शाहपुर का मूल निवासी राकेश गुप्ता जवाहर बाग के खलनायक रामवृक्ष यादव का करीबी था। जवाहर बाग के टॉप 20 खलनायकों की लिस्ट में राकेश गुप्ता भी है। जवाहर बाग में कथित सत्याग्रहियों और पुलिस के बीच झड़प में एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी और एसओ संतोष सिंह शहीद हो गए थे। इसमें 27 अन्य लोग भी मारे गए थे। इसके बाद से राकेश गुप्ता समेत उसके 20 साथी फरार हैं। गिरफ्तारी को एसटीएफ, मथुरा और बदायूं पुलिस की टीमें लगी हुई हैं। मथुरा पुलिस की रिपोर्ट पर दो दिन पहले एसएसपी सुनील सक्सेना ने राकेश गुप्ता की पिस्टल और रायफल के लाइसेंस निलंबित करने की संस्तुति डीएम से की थी। सोमवार को डीएम ने दोनों लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं। अब लाइसेंस निरस्त कर जब्त करने की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
आज जारी होगा धारा 37 का नोटिस
बदायूं। जवाहर बाग कांड के आरोपी राकेश गुप्ता के खिलाफ सहकारिता विभाग मंगलवार को धारा 37 के तहत नोटिस जारी करेगा। यह नोटिस उसके घर पर चस्पा किया जाएगा। जवाहर बाग कांड के बाद से फरार चल रहे राकेश गुप्ता को एआर कोऑपरेटिव एपीएस यादव ने सस्पेंड कर दिया है। उसकी समिति से पूरा रिकार्ड गायब है। जांच के लिए दो सदस्यों की कमेटी बनाई गई है। रिकार्ड अधिग्रहण के लिए सहकारिता अधिनियम की धारा 37 के तहत कार्रवाई शुरू कर दी गई है। एआर कोऑपरेटिव ने बताया कि मंगलवार को धारा 37 का नोटिस जारी कर दिया जाएगा।
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प्रसिद्धपुर पहुुंची कोऑपरेटिव की जांच टीम
बदायूं। राकेश गुप्ता की तैनाती वाली प्रसिद्धपुर सहकारी समिति पहुंचकर सोमवार को कोऑपरेटिव की दो सदस्यीय टीम ने पड़ताल की। टीम अगले तीन दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट एआर कोऑपरेटिव को सौंप देगी। इसके बाद राकेश गुप्ता के खिलाफ बर्खास्तगी की कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि एआर कोऑपरेटिव एपीएस यादव ने दो सदस्यों की जांच टीम बनाई है। टीम को रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए एक सप्ताह का वक्त दिया गया है।
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हजरतपुर थाने के गांव गढिंया शाहपुर का मूल निवासी राकेश गुप्ता जवाहर बाग के खलनायक रामवृक्ष यादव का करीबी था। जवाहर बाग के टॉप 20 खलनायकों की लिस्ट में राकेश गुप्ता भी है। जवाहर बाग में कथित सत्याग्रहियों और पुलिस के बीच झड़प में एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी और एसओ संतोष सिंह शहीद हो गए थे। इसमें 27 अन्य लोग भी मारे गए थे। इसके बाद से राकेश गुप्ता समेत उसके 20 साथी फरार हैं। गिरफ्तारी को एसटीएफ, मथुरा और बदायूं पुलिस की टीमें लगी हुई हैं। मथुरा पुलिस की रिपोर्ट पर दो दिन पहले एसएसपी सुनील सक्सेना ने राकेश गुप्ता की पिस्टल और रायफल के लाइसेंस निलंबित करने की संस्तुति डीएम से की थी। सोमवार को डीएम ने दोनों लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं। अब लाइसेंस निरस्त कर जब्त करने की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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आज जारी होगा धारा 37 का नोटिस
बदायूं। जवाहर बाग कांड के आरोपी राकेश गुप्ता के खिलाफ सहकारिता विभाग मंगलवार को धारा 37 के तहत नोटिस जारी करेगा। यह नोटिस उसके घर पर चस्पा किया जाएगा। जवाहर बाग कांड के बाद से फरार चल रहे राकेश गुप्ता को एआर कोऑपरेटिव एपीएस यादव ने सस्पेंड कर दिया है। उसकी समिति से पूरा रिकार्ड गायब है। जांच के लिए दो सदस्यों की कमेटी बनाई गई है। रिकार्ड अधिग्रहण के लिए सहकारिता अधिनियम की धारा 37 के तहत कार्रवाई शुरू कर दी गई है। एआर कोऑपरेटिव ने बताया कि मंगलवार को धारा 37 का नोटिस जारी कर दिया जाएगा।
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प्रसिद्धपुर पहुुंची कोऑपरेटिव की जांच टीम
बदायूं। राकेश गुप्ता की तैनाती वाली प्रसिद्धपुर सहकारी समिति पहुंचकर सोमवार को कोऑपरेटिव की दो सदस्यीय टीम ने पड़ताल की। टीम अगले तीन दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट एआर कोऑपरेटिव को सौंप देगी। इसके बाद राकेश गुप्ता के खिलाफ बर्खास्तगी की कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि एआर कोऑपरेटिव एपीएस यादव ने दो सदस्यों की जांच टीम बनाई है। टीम को रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए एक सप्ताह का वक्त दिया गया है।